एमपी बोर्ड का बड़ा फैसला, अब उम्र नहीं रोकेगी 9वीं में एडमिशन
Sanjay Dhiman | Jul 31, 2026, 22:38 IST
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मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 में प्रवेश हेतु न्यूनतम आयु सीमा में छूट दी है। अब 13 साल से कम उम्र के छात्र भी दाखिला ले सकेंगे।
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कक्षा 9 के एडमिशन में बड़ी राहत दी है। अब न्यूनतम आयु सीमा का बंधन नहीं रहेगा। यह छूट सिर्फ सत्र 2026-27 के लिए लागू होगी। पहले 9वीं में प्रवेश के लिए 13 साल की उम्र जरूरी थी। अब 13 साल से कम उम्र के छात्र भी दाखिला ले सकेंगे।
भोपाल से आई इस खबर ने प्रदेश भर के हजारों परिवारों को राहत दी है। माशिमं ने शुक्रवार को इससे जुड़ा आदेश जारी किया। इस फैसले का सीधा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जिनकी उम्र तय सीमा से कम रह गई थी।
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग(एमपी बोर्ड) के नियम साफ हैं। पहली कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल तय है। इसी हिसाब से आगे की हर कक्षा के लिए भी उम्र तय होती है।
माशिमं के नियम के अनुसार 9वीं में दाखिले के लिए 1 अप्रैल की स्थिति में उम्र 13 साल होनी चाहिए थी। यह शर्त कई बच्चों पर भारी पड़ रही थी। कई छात्र शासकीय स्कूलों में लगातार पढ़ाई करते हुए आठवीं तक पहुंच चुके थे। लेकिन उनकी उम्र अभी 13 साल से कम थी। इस वजह से उनका एडमिशन अटक गया था।
यह छूट खासकर उन बच्चों के लिए राहत लेकर आई है जो समय से पहले पढ़ाई में आगे बढ़ चुके हैं। कई बार बच्चे तय उम्र से पहले ही स्कूल जाना शुरू कर देते हैं। इससे वे आठवीं कक्षा भी जल्दी पूरी कर लेते हैं।
अब तक ऐसे बच्चों को सिर्फ उम्र की वजह से रुकना पड़ता था। नए फैसले के बाद वे बिना किसी रुकावट के 9वीं में दाखिला ले सकेंगे। इससे उनकी पढ़ाई में एक साल की देरी नहीं होगी।
माशिमं ने साफ किया है कि यह छूट स्थायी नहीं है। यह व्यवस्था केवल शैक्षणिक सत्र 2026-27 तक ही लागू रहेगी। इसके बाद पुराना नियम फिर से लागू हो सकता है।
इसलिए जिन अभिभावकों के बच्चे इस श्रेणी में आते हैं, उन्हें इस मौके का जल्द फायदा उठाना चाहिए। स्कूल स्तर पर भी इस आदेश की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाई जानी जरूरी है।
आगे क्या करें
जिन अभिभावकों के बच्चे उम्र सीमा की वजह से एडमिशन से वंचित रह गए थे, उन्हें अपने स्कूल से संपर्क करना चाहिए। स्कूल प्रबंधन से इस नए आदेश की पुष्टि जरूर करें। दस्तावेजों में उम्र से जुड़ी जानकारी सही होनी चाहिए।
यह फैसला उन परिवारों के लिए खासतौर पर अहम है जो शासकीय स्कूलों पर निर्भर हैं। निजी स्कूलों में भी अभिभावकों को इस बदलाव की जानकारी लेनी चाहिए।
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भोपाल से आई इस खबर ने प्रदेश भर के हजारों परिवारों को राहत दी है। माशिमं ने शुक्रवार को इससे जुड़ा आदेश जारी किया। इस फैसले का सीधा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जिनकी उम्र तय सीमा से कम रह गई थी।
उम्र सीमा के कारण अटका था एडमिशन
माशिमं के नियम के अनुसार 9वीं में दाखिले के लिए 1 अप्रैल की स्थिति में उम्र 13 साल होनी चाहिए थी। यह शर्त कई बच्चों पर भारी पड़ रही थी। कई छात्र शासकीय स्कूलों में लगातार पढ़ाई करते हुए आठवीं तक पहुंच चुके थे। लेकिन उनकी उम्र अभी 13 साल से कम थी। इस वजह से उनका एडमिशन अटक गया था।
किन बच्चों को मिलेगा फायदा
अब तक ऐसे बच्चों को सिर्फ उम्र की वजह से रुकना पड़ता था। नए फैसले के बाद वे बिना किसी रुकावट के 9वीं में दाखिला ले सकेंगे। इससे उनकी पढ़ाई में एक साल की देरी नहीं होगी।
सिर्फ एक साल के लिए राहत
इसलिए जिन अभिभावकों के बच्चे इस श्रेणी में आते हैं, उन्हें इस मौके का जल्द फायदा उठाना चाहिए। स्कूल स्तर पर भी इस आदेश की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाई जानी जरूरी है।
आगे क्या करें अभिभावक
यह फैसला उन परिवारों के लिए खासतौर पर अहम है जो शासकीय स्कूलों पर निर्भर हैं। निजी स्कूलों में भी अभिभावकों को इस बदलाव की जानकारी लेनी चाहिए।
FAQ
- 9वीं में एडमिशन के लिए अब कितनी उम्र जरूरी है?
अब न्यूनतम आयु सीमा का बंधन हटा दिया गया है। यह छूट सिर्फ सत्र 2026-27 के लिए है। इसके बाद पुराना नियम लागू हो सकता है। - यह छूट किसके लिए फायदेमंद है?
यह छूट उन छात्रों के लिए है जिनकी उम्र 13 साल से कम है। खासकर वे बच्चे जो आठवीं कक्षा जल्दी पूरी कर चुके हैं। उन्हें अब एडमिशन में रुकावट नहीं आएगी। - यह आदेश किसने जारी किया?
यह आदेश मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने जारी किया है। आदेश शुक्रवार को जारी हुआ। यह प्रदेश के सभी संबंधित स्कूलों पर लागू होगा।
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