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Photograph: (the sootr)
NEWS IN SHORT
- नियुक्ति: MPPSC 2023 और 2024 के 34 अभ्यर्थियों को डिप्टी कलेक्टर बनाया गया।
- वेतनमान: इन अधिकारियों को पे-मैट्रिक्स लेवल 12 (ग्रेड पे 5400) मिलेगा।
- ट्रेनिंग: 09 फरवरी से भोपाल की नरोन्हा अकादमी में आधारभूत प्रशिक्षण शुरू होगा।
- समय सीमा: चयनित उम्मीदवारों को 06 फरवरी 2026 तक कार्यभार ग्रहण करना होगा।
- शर्तें: नियुक्तियां कोर्ट के अंतिम फैसलों और चरित्र सत्यापन के अधीन रहेंगी।
NEWS IN DETAIL
BHOPAL. मध्य प्रदेश प्रशासन में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है । राज्य सरकार ने हाल ही में राज्य सेवा परीक्षा 2023 और 2024 के परिणामों के आधार पर कुल 34 नए डिप्टी कलेक्टरों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं । यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा 28 जनवरी 2026 को जारी किए गए हैं । इन नियुक्तियों से प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को नई ऊर्जा और युवा जोश मिलेगा ।
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चयनित उम्मीदवारों के लिए नियुक्ति की मुख्य शर्तें
इन सभी नवनियुक्त अधिकारियों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि (Probation Period) पर रखा जाएगा । इस दौरान उनका काम और व्यवहार परखा जाएगा । उन्हें वेतनमान पे-मैट्रिक्स लेवल 12 के तहत 15600-39100 + 5400 ग्रेड पे दिया जाएगा । शासन ने स्पष्ट किया है कि यह नियुक्तियां पूरी तरह से अस्थायी और प्रावधिक आधार पर की गई हैं । यदि किसी का चरित्र सत्यापन सही नहीं पाया गया, तो नियुक्ति रद्द हो जाएगी ।
जॉइनिंग और ट्रेनिंग का शेड्यूल जारी
सभी नवनियुक्त डिप्टी कलेक्टरों को 06 फरवरी 2026 तक अपना कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य है । इसके तुरंत बाद, 09 फरवरी 2026 से उनका 123वां संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा । यह ट्रेनिंग भोपाल स्थित आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित की जाएगी । ट्रेनिंग में शामिल होने के लिए उन्हें 08 फरवरी की शाम तक अकादमी पहुंचना होगा ।
बॉण्ड और अन्य महत्वपूर्ण नियम
अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने से पहले शासन के पक्ष में एक बॉण्ड भरना होगा । यदि वे सफलतापूर्वक परिवीक्षा अवधि पूरी नहीं करते, तो उन्हें ट्रेनिंग और वेतन का खर्च लौटाना होगा । इसके अलावा, 01 जनवरी 2005 के बाद नियुक्त होने के कारण इन पर नई अंशदान पेंशन योजना लागू होगी । जो उम्मीदवार पहले से सरकारी सेवा में हैं, उन्हें एनओसी (NOC) या इस्तीफा देना होगा ।
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कोर्ट के फैसलों के अधीन रहेगी नियुक्ति
यह पूरी नियुक्ति प्रक्रिया वर्तमान में माननीय उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी । शासन ने आरक्षण नियमों का पूरी तरह पालन करने का दावा किया है । अधिकारियों को ट्रेनिंग के बाद होने वाली विभागीय परीक्षा भी पास करनी होगी । गलत जानकारी देने पर बिना किसी नोटिस के सेवा समाप्त की जा सकती है ।
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