MPPSC ने राज्य सेवा परीक्षा में परीक्षा सेंटर के लिए बदला नियम, अब सभी को इंदौर नहीं

मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) ने राज्य सेवा प्री में परीक्षा सेंटर चुनने के नियम में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब मनचाहा परीक्षा केंद्र नहीं मिलेगा।

author-image
Sanjay Gupta
New Update
MPPSC changed the rules for examination center in state service examination

Photograph: (the sootr)

Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

News in short

  • अभी उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र चुनने के लिए दो नियम थे, लेकिन अब एक ही नियम रहेगा।
  • पहले उम्मीदवार यदि जहां रहता है वहां का कोई एड्रेस प्रूफ देता था तो वह मान्य होता था।
  • लेकिन अब उम्मीदवार को गृह जिले ही जाना होगा।
  • आयोग का तर्क है कि ऐसा कुछ ही शहरों में लगातार आ रहे दबाव को कम करने के लिए किया है।

News in Detail

INDORE.मप्र लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2026 से प्री के परीक्षा केंद्र चुनने के नियम में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब नियम किया गया है कि- जिला मुख्यालय (55 केंद्र) में से उम्मीदवार को उनका गृह जिला ही परीक्षा केंद्र के रूप में आवंटित होगा। यह नियम मप्र के मूल निवासी के लिए होगा। वहीं मप्र के बाहर के निवासियों को आयोग अपने स्तर पर परीक्षा केंद्र आवंटित करेगा।

यह खबरें भी पढ़ें...

MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2025 मेंस में कोई राहत नहीं, सुनवाई तारीख 10 फरवरी लगी

MPPSC महाआंदोलन न्याय यात्रा 2.0 की तैयारी, मांगे फिर वही अधिक पद, 100 फीसदी रिजल्ट

पहले यह नियम था

इसके पहले परीक्षा नियम था कि मप्र के मूल निवासियों को अपने वर्तमान पता का प्रमाणपत्र आवेदन के साथ लगाना होगा,  जैसे कि बिजली बिल, किरायानामा, शपथपत्र आदि, इसके आधार पर उन्हें वह परीक्षा केंद्र मिल जाता था। जिला नहीं मिलने पर संभाग मुख्यालय दे दिया जाता था। यह भी उपलब्ध नहीं होने पर उम्मीदवार को फिर तीसरे नंबर पर स्थाई पते वाले गृह जिले में भेजा जाता था। लेकिन अब वर्तमान पते की च्वाइस खत्म कर दी गई है। उम्मीदवार को परीक्षा देने अब अपने गृह जिला यानी स्थाई पते वाले जिले में ही परीक्षा देने जाना होगा। 

NEW RULE

क्यों किया यह, आयोग का जवाब

आयोग के ओएसडी डॉ. रविंद्र पंचभाई ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अभी देखने में आ रहा था कि कुछ ही शहरों के परीक्षा केंद्र अधिक चुने जाते थे, जिससे केंद्रों पर दबाव आ रहा था। इसलिए यह व्यवस्था की गई है, जिससे सभी शहरों में उम्मीदवार रहें और एक ही केंद्र व शहर पर दबाव नहीं आए। 

क्या होगा असर

इससे इंदौर, भोपाल जैसे बड़े शहरों में रहकर परीक्षा तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को भारी परेशानी होगी। अभी वह यहीं पर रहकर तैयारी करते थे और परीक्षा देते थे। लेकिन अब उन्हें परीक्षा के कुछ दिन पहले अपने गृह जिले जाना होगा और वहीं से ही परीक्षा देना होगी। 

सूत्र नॉलेज-

राज्य सेवा परीक्षा 2025 के लिए करीब सवा लाख उम्मदीवारों ने फार्म भरा था। इसमें मोटे तौर पर 30 फीसदी उम्मीदवार इंदौर को ही परीक्षा केंद्र के रूप में चुनते थे। लेकिन अब यह व्यवस्था बदल जाएगी। हालांकि पहले के सालों में पद कम होने के चलते उम्मीदवार काफी कम हुए हैं, पूर्व में साढे़ तीन से चार लाख तक उम्मीदवार होते थे लेकिन अब यह संख्या 1 लाख के करीब ही रह गई है। 

यह खबरें भी पढ़ें...

हाईकोर्ट में लगातार तलब होते इंदौर के अधिकारी, सीपी, कलेक्टर, निगमायुक्त, डीसीपी सभी

इंदौर में भागीरथपुरा कांड के बाद अब सभी 85 वार्ड में प्रति मंगलवार जल सुनवाई

परीक्षा केंद्र नियम को लेकर यह एक बड़ी वजह

परीक्षा केंद्र चुनने के लिए साल 2018 तक कोई नियम नहीं था और कोई भी परीक्षा केंद्र चुना जाता था। लेकिन इस दौरान एक विवाद खड़़ा हुआ एक समाज विशेष के उम्मीदवार भारी संख्या में चुने गए और जब प्री का परीक्षा केंद्र देखा गया तो इन सभी का एक विशेष जिला ही था। इसके बाद परीक्षा केंद्र चुनने के नियम को बदला गया और वर्तमान पते का प्रमाणपत्र मांगा गया और नहीं तो गृह जिले का नियम किया गया। अब 6 साल बाद इस नियम को भी बदला गया है और गृह जिले को ही कर दिया गया है।

मप्र लोक सेवा आयोग परीक्षा केंद्र गृह जिला राज्य सेवा परीक्षा 2026 नियम में बड़ा बदलाव
Advertisment