MPPSC Answer Key पर आपत्तियों को नजरअंदाज करता है, अधिकारी करते हैं मनमानी- मप्र हाईकोर्ट

Sanjay Gupta | Sept 14, 2026, 14:04 IST
Share
mppsc answer key objections high court
mppsc answer key objections high court

मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) की आंसर की पर लगने वाली आपत्तियों पर इंदौर हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी की है। साथ ही रवैये को लेकर पहले दस हजार का जुर्माना लगाया है। हालांकि बाद में आयोग की अपील पर इसे घटाकर तीन हजार किया गया।

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा के बाद आंसर की जारी करता है। इस आंसर की पर उम्मीदवारों से आपत्तियां मांगी जाती हैं। उम्मीदवारों को अपने दावे के समर्थन में सबूत और दस्तावेज भी देने होते हैं। जरूरत पड़ने पर आयोग जवाबों में बदलाव करके फाइनल आंसर की जारी करता है। इसके बावजूद उम्मीदवार लगातार शिकायत कर रहे हैं कि उनकी सही आपत्तियों को भी स्वीकार नहीं किया जाता। अब इस रवैये पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने कड़ी टिप्पणी की है।

क्या है मामला

मप्र राज्य सेवा परीक्षा 2025 में शामिल उम्मीदवार नीरज श्रीवास्तव ने आंसर की पर आपत्ति दर्ज कराई थी। उसका कहना था कि आयोग ने उसके जवाबों का सही मूल्यांकन नहीं किया। प्रश्नपत्र के कुछ सवालों के विकल्पों में सही जवाब भी मौजूद नहीं था। इसके बावजूद आयोग ने आंसर की में कोई बदलाव नहीं किया। इसके बाद उम्मीदवार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। आयोग ने कोर्ट में कहा कि आंसर की विशेषज्ञ तैयार करते हैं। हाईकोर्ट भी पहले फैसला दे चुका है कि आंसर की पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। इस आधार पर कोर्ट ने उम्मीदवार की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उम्मीदवार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए रिट अपील दायर की।

हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता ने यह कहा

रिट अपील पर जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने सुनवाई की। हाईकोर्ट ने कहा कि उम्मीदवार ने अपने दावे के समर्थन में सरकारी प्रकाशन और मान्यता प्राप्त शैक्षणिक किताबें पेश की हैं। इनके आधार पर उम्मीदवार का दावा है कि आयोग ने उसके उत्तरों का सही मूल्यांकन नहीं किया है।

पीएससी के वकील ने यह बात रखी

पीएससी के वकील ने उम्मीदवार की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आयोग पर गलत इरादे (mala fide) से काम करने का आरोप नहीं लगाया जा सकता। सवालों और जवाबों की जांच विशेषज्ञों से कराई गई है। इसलिए इस मामले में कोर्ट के दखल की जरूरत नहीं है। परीक्षा में शामिल सभी उम्मीदवारों के साथ एक जैसा व्यवहार किया गया है। वकील ने नितिन पाठक बनाम मध्य प्रदेश राज्य और अन्य मामले में फुल बेंच के फैसले का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि सवालों से जुड़े फैसले शिक्षाविदों और विशेषज्ञों पर ही छोड़े जाने चाहिए।

हाईकोर्ट बोला आयोग बच रहा, निंदा की जानी चाहिए

सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि- कोर्ट की यह राय है कि परीक्षा में पूछे गए कुछ सवालों के जवाबों के बारे में अपीलकर्ता की आपत्तियों को नजरअंदाज करने का MPPSC का तरीका, असल में याचिका में उठाए गए मुद्दों का जवाब देने से बचने का एक बहाना है। इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि उम्मीदवार परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं। यदि परीक्षा लेने वाली संस्था उनके द्वारा उठाए गए सवालों की सही-गलत होने से जुड़ी आपत्तियों (जो प्रामाणिक किताबों और टेक्स्ट पर आधारित होती हैं) को पूरी तरह से नजरअंदाज कर देती है, तो इससे अविश्वास का माहौल बनता है। इससे अधिकारियों की मनमानी का पता चलता है।

मामले में दखल नहीं दे रहे लेकिन पीएससी पर जुर्माना

बेंच ने कहा कि वह इस मामले में दखल नहीं दे रही है। हालांकि उम्मीदवार की आपत्तियों का स्पष्ट जवाब देने से बचने पर आयोग के रवैये पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने MPPSC पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। आयोग को यह राशि याचिकाकर्ता को देने का आदेश दिया गया।

742c24f0-d53
742c24f0-d53

बाद में जुर्माना घटाकर तीन हजार किया

इसके बाद आयोग ने जुर्माने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आयोग ने मामले के तथ्यों पर ध्यान दिए बिना अस्पष्ट जवाब दिया था। जबकि उम्मीदवार ने अपनी OMR शीट के मूल्यांकन को लेकर गंभीर आपत्तियां उठाई थीं। आयोग ने भरोसा दिलाया कि आगे से उसके खिलाफ दायर याचिकाओं का उचित जवाब दिया जाएगा। भविष्य में ऐसी गलतियां भी नहीं दोहराई जाएंगी। कोर्ट ने साफ किया कि आयोग पर जुर्माना लगाने का आदेश सही था। हालांकि आयोग के आश्वासन के बाद जुर्माना 10 हजार से घटाकर 3 हजार रुपए कर दिया गया। यह राशि आयोग को एक सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को देनी होगी।

f946e7c5-9a5
f946e7c5-9a5

ये खबरें भी पढ़ें...

MPPSC राज्य सेवा परीक्षा मेंस 2026 शुरू, 90 फीसदी उपस्थिति, बारिश देखते हुए केंद्र पर जल्द पहुंचने की अपील

एमपी में UPSC-MPPSC फ्री कोचिंग हिंदी भवन में आज से शुरू

MPPSC को नहीं मिल रहे योग्य दिव्यांग, अब स्टेट इंजीनियरिंग में 19 पद रह गए खाली

एमपीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा मेंस 2025 कराने की मंजूरी, अब कब हो सकती है परीक्षा

Tags:
  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
  • MPPSC
  • मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग
  • हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ
कोटा में मिड-डे मील के 3213 क्विंटल गेहूं-चावल गायब होने का मामला, 1.10 करोड़ तक कीमत; FIR दर्ज

By Jyoti Mahender Bhardwaj

कोटा में मिड-डे मील के 3213 क्विंटल गेहूं-चावल गायब होने का मामला, 1.10 करोड़ तक कीमत; FIR दर्ज
एडमिट कार्ड के लिए परेशान थे डेढ़ लाख उम्मीदवार: द सूत्र ने उठाया मुद्दा, फिर चलने लगी ESB की वेबसाइट

By Sanjay Gupta

एडमिट कार्ड के लिए परेशान थे डेढ़ लाख उम्मीदवार: द सूत्र ने उठाया मुद्दा, फिर चलने लगी ESB की वेबसाइट
राजस्थान से बंगाल तक नई ट्रेन शुरू, 4 राज्यों के पैसेंजर्स को होगा फायदा; खातीपुरा–संतरागाछी एक्सप्रेस का जानें रूट और टाइमटेबल

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान से बंगाल तक नई ट्रेन शुरू, 4 राज्यों के पैसेंजर्स को होगा फायदा; खातीपुरा–संतरागाछी एक्सप्रेस का जानें रूट और टाइमटेबल
Rajasthan Fertilizer Guidelines: खाद बांटने में सहकारी समितियों को मिलेगी प्राथमिकता, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

By Jageshwar Prasad

Rajasthan Fertilizer Guidelines: खाद बांटने में सहकारी समितियों को मिलेगी प्राथमिकता, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
भोपाल में बीजेपी कोर कमेटी की बैठक, राज्यसभा उम्मीदवार समेत कई मुद्दों पर चर्चा, तीन शहरों में होंगी बड़ी रैलियां

By Manya Jain

भोपाल में बीजेपी कोर कमेटी की बैठक, राज्यसभा उम्मीदवार समेत कई मुद्दों पर चर्चा, तीन शहरों में होंगी बड़ी रैलियां
अमित शाह का ग्वालियर दौरा एक बार फिर टला, 29 अक्टूबर को होना था टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब का भूमिपूजन, अब दिवाली बाद आएंगे!

By Aman Vaishnav

अमित शाह का ग्वालियर दौरा एक बार फिर टला, 29 अक्टूबर को होना था टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब का भूमिपूजन, अब दिवाली बाद आएंगे!
दिल्ली की महारैली के लिए MP कांग्रेस ने झोंकी ताकत, एक लाख लोगों को ले जाने की तैयारी, जीतू पटवारी मांग रहे हिसाब

By Arohi Raj

दिल्ली की महारैली के लिए MP कांग्रेस ने झोंकी ताकत, एक लाख लोगों को ले जाने की तैयारी, जीतू पटवारी मांग रहे हिसाब