MPPSC की परीक्षा में उम्मीदवार को हर चरण में कई सुरक्षा चेकिंग से गुजरना होगा, यह लागू करने जा रहा आयोग

Sanjay Gupta | Oct 03, 2025, 14:08 IST
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MPPSC अपनी परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव करने जा रहा है। आयोग अब परीक्षा केंद्रों पर मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू करेगा, जिसमें...

मप्र की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा कराने वाली एजेंसी मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) द्वारा अब अपनी परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहुत बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। ईएसबी में हुए सिपाही भर्ती घोटाले (आरक्षक भर्ती घोटाला एमपी) से सबक लेते हुए अपनी व्यवस्थाओं में मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था, चेकिंग शुरू करने जा रहा है।



इसके लिए आयोग ने कंपनी की बिड बुलाई है लेकिन इसमें चेकिंग के लिए जो मानक तय किए हैं, वह चौंकाने वाले हैं। आयोग के चेयरमैन डॉ. राजेश लाह मेहरा द्वारा अभी से भविष्य के लिए आयोग की बड़ी तैयारी है। अक्टूबर माह के अंत तक आयोग कंपनी तय करने जा रहा है। इसके लिए बिड बुला ली गई है।



अभी क्या है सुरक्षा जांच की व्यवस्थाएं

अभी आयोग की सुरक्षा व्यवस्था हाईटेक नहीं होकर सामान्य प्रक्रिया वाली है। इसमें परीक्षा हॉल में एडमिट कार्ड और साथ ही कोई भी वैध दस्तावेज आधार कार्ड, वोटर कार्ड आदि पहचान के लिए देखा जाता है। बाद में इंटरव्यू के समय अन्य दस्तावेज देखे जाते हैं।



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अब देखिए इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था लागू होगी

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अब कंपनी के लिए जो शर्तें और काम आयोग ने तय किए हैं उसके अनुसार कंपनी को तीन तरह की व्यवस्थाएं करना है:



  • परीक्षा हॉल से लाइव सीसीटीवी कैमरा
  • बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन
  • हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी)

लाइव सीसीटीवी को लेकर यह मानक रहेंगे



आयोग की तय शर्त के अनुसार परीक्षा कराने के लिए तीन साल के लिए तय होने वाली कंपनी को हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी लगाने होंगे। प्रति 24 उम्मीदवार पर कम से कम एक सीसीटीवी होगा जो उम्मीदवार की हर गतिविधि पर नजर रखेगा। इसकी लाइव फीड का कंट्रोल रूम आयोग के दफ्तर में होगा। इंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर भी यह रहेंगे।



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बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन- सबसे बड़ा बदलाव इसी में

  • उम्मीदवार के एडमिट कार्ड पर क्यूआर कोड होगा, जिससे परीक्षा केंद्र पर कंपनी द्वारा इसे स्कैन कर उसकी पूरी जानकारी चेक की जाएगी
  • आधार कार्ड आईडेंटिफिकेशन रहेगा, इसे क्रास चेक किया जाएगा। यदि आधार किसी उम्मीदवार का नहीं होगा तो अन्य जानकारियों के आधार पर उसकी पहचान तय की जाएगी
  • फिंगर फ्रिंट ऑथेंटिकेशन (बायोमेट्रिक मशीन) किया जाएगा
  • फेशियल रिकग्निशन (फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी) भी उम्मीदवार का किया जाएगा
  • आईरिस स्कैनर भी परीक्षा केंद्र पर होगा और उम्मीदवार की पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
  • प्रति 80 उम्मीदवार पर एक मशीन कम से कम होगी। यह सुरक्षा जांच परीक्षा के पहले कर ली जाएगी और यदि किसी कारण से रह जाती है तो भी परीक्षा हॉल में कर ली जाएगी। लेकिन परीक्षा खत्म होने से पहले हर हाल में सभी उम्मीदवार की यह सुरक्षा जांच होगी।

हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर जांच

हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर जांच (एचएचएमडी) से हर उम्मीदवार को गुजरना होगा। इसके जरिए देखा जाता है कि उम्मीदवार के पास किसी तरह का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आदि तो नहीं है। हर 100 उम्मीदवार पर कम से कम एक हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर ऑपरेटर होगा। फीमेल उम्मीदवार के लिए अलग फीमेल ऑपरेटर होगी।



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प्री, मेंस और इंटरव्यू तीनों चरण में यह होगा

लाइव सीसीटीवी, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन हो या एचएचएमडी व्यवस्था यह सुरक्षा व्यवस्था प्री, मेंस और इंटरव्यू तीनों ही चरणों में होगी। हर चरण पर उम्मीदवार को इन मल्टीलेयर सुरक्षा व्यवस्था से गुजरना ही होगा और इसमें कभी भी पकड़ाए जाने पर बाहर किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी आयोग द्वारा की जाएगी।



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