MPPSC सेट का पेपर क्या वाकई लीक हुआ, आखिर क्या चूक हुई, क्या फिर होगा पेपर

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की सेट (राज्य पात्रता परीक्षा) रविवार 1 मार्च को हुई। वहीं, इसमें भोपाल के एक सेंटर पर प्रश्नपत्र लीक के आरोप लगे हैं। इस पर आयोग ने भी देर रात को पक्ष रखा है।

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Sanjay Gupta
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INDROE. मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की सेट परीक्षा को लेकर भोपाल में बवाल हो गया है। भोपाल के कोटरा सुल्तानाबाद स्थित कमला नेहरू परीक्षा सेंटर पर यह विवाद हुआ था। यहां पर 300 अभ्यर्थी पहुंचे थे।

इसमें कई उम्मीदवारों को सील खुले हुए प्रश्नपत्र मिले थे। इन पर दूसरे उम्मीदवारों के नाम और रोल नंबर तक डाले हुए थे। इसे लेकर उम्मीदवारों ने आपत्ति ली थी। इसी पर विवाद शुरू हो गया था। इसके बाद उम्मीदवारों ने आरोप लगाए कि पेपर लीक कर दिया गया है।

यहां से शुरू हुई गड़बड़ी

दरअसल, गड़बड़ी की शुरुआत परीक्षा सेंटर पर इन्विजीलेटर की भारी चूक से हुई थी। इनके जरिए सीरिज के गलत प्रश्नपत्र दूसरे कक्ष में बांट दिए गए थे। इन्होंने यहां प्रश्नपत्र खोल लिए और इन पर नाम, रोल नंबर लिखकर साल्व करना भी शुरू कर दिया था।

वहीं, 10 मिनट बाद इन्हें पता चला कि यह पेपर तो गलत आया है, यह उनके विषय का नहीं है। इस पर विवाद शुरू हुआ तब इन्विजीलेटर को गलती समझ आई। इन सभी से यह प्रश्नपत्र वापस लिए गए और फिर दूसरे कक्ष में बैठे उम्मीदवारों को यह दिए गए थे।

इससे वहां भी विवाद हो गया, क्योंकि इस पर नाम, रोल नंबर डाले हुए थे। आखिर में विवाद पीएससी से नियुक्त सुपरवाइज तक पहुंच गया। फिर आयोग के जरिए आई अतिरिक्त प्रश्न पुस्तिका ली गई और उन्हें प्रभावित उम्मीदवारों के बीच में बांटी गई थी।

इससे आधा घंटे की देरी हुई

इस पूरे विवाद से 40 उम्मीदवार प्रभावित हुए थे। इनका करीब आधा घंटा बर्बाद हुआ था। इसके बाद आयोग में बात कर इन उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय दिया गया था। इसके बावजूद, गलत प्रश्नपुस्तिका विवाद ने पूरी परीक्षा सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए है। साथ ही परीक्षा की शुचिता और शुद्धता पर सवाल खड़े हो गए है।

पुलिसकर्मियों ने धमकाया भी

उम्मीदवारों ने यह भी आरोप लगाए कि जो उत्तरपुस्तिका दी गई थी, उसमें टिक थे, रफ वर्क भी किया हुआ था। रोल नंबर भी दूसरा था। जब इस पर आपत्ति ली तो पुलिसकर्मियों और पर्यवक्षकों ने धमकाया और चुप रहने के लिए कहा। जब हमने आवाज उठाई, इसके बाद आयोग को सूचना दी गई और इन्होंने दूसरी सीलबंद बुकलेट दी।

आयोग ने देर रात यह जारी किया खंडन

आयोग ने सूचना जारी कर कहा कि एक मार्च को प्रदेश के 12 शहरों में सेट का आयोजन हुआ था। इसे लेकर खबरें चल रही हैं कि प्रश्नपत्र लीक हुआ है। वहीं, सही तथ्य यह है कि भोपाल स्थित एक केंद्र पर परीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व मानवीय त्रुटि से दो परीक्षा कक्षों के प्रश्नपत्र के सेट आपस में बदल कर वितरित हो गए थे।

आयोग ने आगे कहा कि गलती सामने आने पर इन उम्मीदवारों से तत्काल खुले हुए प्रश्नपत्र आपस में लेकर नई सील बंद बुकलेट दी गई थी। इसमें जितना समय बर्बाद हुआ, वह उम्मीदवारों को अतिरिक्त दिया गया था। यानी आयोग की बात से साफ है कि पेपर दोबारा नहीं होगा और यह लीक नहीं हुआ था। गलती से एक केंद्र पर पेपर सेट बदल गए थे।

71 फीसदी उम्मीदवार हुए शामिल

इस परीक्षा के लिए एक लाख 46 हजार उम्मीदवारों ने फार्म भरे थे। यह 31 विषयों के लिए हुई थी। वहीं, परीक्षा देने 71 फीसदी यानी करीब एक लाख तीन हजार उम्मीदवार ही पहुंचे थे। प्रदेश में 12 शहरों के 309 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित हुई थी। इंदौर में 100 केंद्र थे, इसमें 28 हजार 500 उम्मीदवार शामिल हुए थे।

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