क्या है स्पेशल पीएससी? MP के युवाओं के लिए नौकरी की नई उम्मीद या भर्ती व्यवस्था की अग्निपरीक्षा? जानें भर्ती का पूरा गणित

Ram Krishna Gautam | Oct 21, 2026, 18:03 IST
Share
85 हजार भर्तियों और स्पेशल PSC से बदलेगी MP के युवाओं की किस्मत?
85 हजार भर्तियों और स्पेशल PSC से बदलेगी MP के युवाओं की किस्मत?

मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी पाने के लिए लाखों युवा तैयारी करते हैं। कई बार परीक्षा के विज्ञापन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। परीक्षा होने के बाद भी परिणाम आने में देरी होती है। कुछ भर्तियां कानूनी विवादों के कारण अटक जाती हैं। अब सीएम मोहन यादव ने स्पेशल पीएससी परीक्षा कराने का ऐलान किया है। सरकार जनवरी-फरवरी 2027 में यह परीक्षा कराना चाहती है।

सीएम ने 85 हजार पदों पर नियुक्तियों की बात भी कही है। इस ऐलान से युवाओं में नई उम्मीद जगी है। हालांकि परीक्षा के पदों और नियमों की जानकारी अभी नहीं आई है। ऐसे में सवाल है कि स्पेशल पीएससी से कितनी नौकरियां मिलेंगी? क्या इससे पुरानी भर्तियों का इंतजार भी खत्म होगा?

स्पेशल PSC क्या है?

PSC का पूरा नाम पब्लिक सर्विस कमीशन है। मध्यप्रदेश में इसे मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) कहा जाता है। यह आयोग राज्य प्रशासनिक सेवा सहित विभिन्न पदों पर भर्ती कराता है।

आमतौर पर आयोग नियमित परीक्षा आयोजित करता है। सरकार जरूरत पड़ने पर अलग भर्ती परीक्षा भी आयोजित कर सकती है। ऐसी परीक्षा को सामान्य भाषा में स्पेशल भर्ती परीक्षा कहा जाता है।

हालांकि स्पेशल पीएससी कोई तय राष्ट्रीय परीक्षा मॉडल नहीं है। मध्यप्रदेश में इसका स्वरूप आधिकारिक अधिसूचना से ही स्पष्ट होगा।

अभी यह जानकारी नहीं है कि इसमें कौन-से पद शामिल होंगे। यह भी स्पष्ट नहीं है कि परीक्षा नियमित MPPSC से अलग होगी या नहीं। पुरानी रिक्तियों को शामिल करने पर भी स्थिति साफ नहीं है।

सीएम डॉ. मोहन यादव: स्पेशल पीएससी जनवरी-फरवरी में, 85 हजार पदों पर होंगी नियुक्तियां | CM Dr. Mohan Yadav: Special PSC in January-February, 85 thousand posts to be filled
सीएम डॉ. मोहन यादव बोले स्पेशल पीएससी जनवरी-फरवरी में होगी, 85 हजार पदों पर होंगी नियुक्तियां
20 Oct 2026 ,
By Sanjay Gupta
INDORE. दशहरे के मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव मंगलवार, 20 अक्टूबर को इंदौर पहुंचे थे। यहां उन्होंने शस्त्र पूजन किया और पुलिस विभाग के अच्छे कामों की तारीफ की। साथ ही इंदौर पुलिस को 50 स्पेशल बाइक की सौगात भी दी। इस दौरान सीएम ने सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति और नई भर्तियों को लेकर भी बड़ी बात कही।
INDORE. दशहरे के मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव मंगलवार, 20 अक्टूबर को इंदौर पहुंचे थे। यहां उन्होंने शस्त्र पूजन किया और पुलिस विभाग के अच्छे कामों की तारीफ की। साथ ही इंदौर पुलिस को 50 स्पेशल बाइक की सौगात भी दी। इस दौरान सीएम ने सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति और नई भर्तियों को लेकर भी बड़ी बात कही।

युवाओं को क्या फायदा होगा?

पहला फायदा: युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का एक और मौका मिल सकता है। नियमित पीएससी परीक्षा के अलावा स्पेशल परीक्षा भी होगी। इससे योग्य उम्मीदवारों को अपनी तैयारी दिखाने का एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

दूसरा फायदा: सरकारी विभागों में कई पद लंबे समय से खाली हैं। अगर सरकार इन पदों को स्पेशल पीएससी में शामिल करती है तो भर्ती प्रक्रिया तेज हो सकती है। इससे युवाओं के लिए नौकरी के नए रास्ते खुल सकते हैं।

तीसरा फायदा: सरकारी विभागों में अधिकारियों की कमी दूर हो सकती है। पर्याप्त अधिकारी होंगे तो सरकारी योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी। लोगों की समस्याएं जल्दी सुलझ सकेंगी। सरकारी कामकाज में भी तेजी आ सकती है।

चौथा फायदा: युवाओं को अपनी तैयारी और करियर की योजना बनाने में आसानी होगी। इसके लिए जरूरी है कि परीक्षा का कैलेंडर समय पर जारी हो। परीक्षा और परिणाम भी तय समय पर आएं।

लेकिन यहां एक बड़ा सवाल है। क्या एक और परीक्षा होने से नौकरियां भी बढ़ जाएंगी? ऐसा जरूरी नहीं है। असली फायदा तभी मिलेगा जब सरकार पर्याप्त पदों पर भर्ती निकालेगी। यह भी देखना होगा कि कितने उम्मीदवार परीक्षा दे सकेंगे। सबसे जरूरी बात यह है कि परीक्षा से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया समय पर पूरी हो।

मध्यप्रदेश में क्या चुनौती है?

मध्यप्रदेश में सरकारी भर्तियों में देरी की समस्या पुरानी है। कई परीक्षाओं और नियुक्तियों की प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रही है।
अगस्त 2025 में टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में सहायक प्राध्यापक भर्ती-2024 के 1,928 पदों का उल्लेख था। कुछ पुरानी भर्तियों के लंबित चरणों की जानकारी भी दी गई थी।

राज्य सेवा परीक्षा-2025 भी कानूनी प्रक्रियाओं से प्रभावित हुई थी।

इन उदाहरणों से भर्ती व्यवस्था की बड़ी चुनौती सामने आती है। सिर्फ परीक्षा आयोजित करना ही पर्याप्त नहीं है। परीक्षा के बाद परिणाम और नियुक्ति भी समय पर होनी चाहिए।

सरकारी भर्ती के कई चरण होते हैं। सबसे पहले विभागों में खाली पदों की जानकारी जुटाई जाती है। इसके बाद विभाग भर्ती के लिए मांग-पत्र भेजते हैं।

फिर आरक्षण रोस्टर और भर्ती नियम तैयार होते हैं। इनके आधार पर विज्ञापन जारी किया जाता है। आवेदन और परीक्षा के बाद परिणाम घोषित होते हैं। अंत में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिलती है।

किसी भी चरण में देरी पूरी भर्ती को प्रभावित कर सकती है।

ओबीसी आरक्षण पर बड़ा झटका: 27% आरक्षण रद्द, 13% होल्ड पदों पर अनारक्षित वर्ग की नियुक्ति के निर्देश | Big blow to OBC reservation: 27% reservation cancelled, directions for appointment of unreserved category in 13% hold posts
27% OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 13% होल्ड पदों पर अनारक्षित वर्ग को नियुक्ति के निर्देश
09 Oct 2026 ,
By Neel Tiwari
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 2019 में ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 फीसदी करने वाले कानून को संविधान के खिलाफ मानते हुए रद्द कर दिया है। यानी अब ओबीसी वर्ग को फिर से 14 फीसदी आरक्षण मिलेगा। इसके साथ ही 13 फीसदी पदों पर अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 2019 में ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 फीसदी करने वाले कानून को संविधान के खिलाफ मानते हुए रद्द कर दिया है। यानी अब ओबीसी वर्ग को फिर से 14 फीसदी आरक्षण मिलेगा। इसके साथ ही 13 फीसदी पदों पर अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।

आरक्षण विवाद भी बड़ी चुनौती

मध्यप्रदेश में आरक्षण से जुड़े कई मामले अदालतों तक पहुंचे हैं। इन विवादों का असर सरकारी भर्तियों पर पड़ सकता है। आरक्षण के नियम पदों के वर्गीकरण को प्रभावित करते हैं। इससे चयन प्रक्रिया और परिणाम भी प्रभावित हो सकते हैं।

इसलिए सरकार को भर्ती से पहले नियम स्पष्ट करने होंगे। विभागों के आरक्षण रोस्टर भी सही होने चाहिए। सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि नियुक्तियां कानूनी विवादों में न फंसें।

युवाओं के लिए परीक्षा पास करना ही अंतिम लक्ष्य नहीं है। उनका उद्देश्य सरकारी नौकरी पाना है।

क्या दूसरे राज्यों में भी ऐसा होता है?

देश में पहले भी विशेष भर्ती अभियान चलाए गए हैं। केंद्र सरकार के विभागों में ऐसे अभियान होते रहे हैं। इनका उद्देश्य आरक्षित वर्गों के खाली बैकलॉग पद भरना रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भी ऐसी प्रक्रियाएं अपनाई गई हैं।

उत्तर प्रदेश में भी विशेष चयन प्रक्रियाओं से जुड़े मामले सामने आए हैं। वहां आरक्षित श्रेणियों के रिक्त पदों को भरने की पहल हुई है। हालांकि बैकलॉग भर्ती और स्पेशल PSC एक जैसी व्यवस्था नहीं हैं।

बैकलॉग भर्ती पहले से खाली निर्धारित पदों को भरने के लिए होती है। मध्यप्रदेश की स्पेशल PSC का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं है। इसकी पूरी जानकारी सरकारी अधिसूचना से मिलेगी। इसके बाद ही दूसरी भर्ती व्यवस्थाओं से सही तुलना हो सकेगी।

MPPSC और ESB भर्ती पर संकट: ओबीसी आरक्षण 14% तक सीमित, 27% आरक्षण कानून रद्द | MPPSC and ESB Recruitment in Crisis: OBC Reservation Limited to 14%, 27% Reservation Law Cancelled
MPPSC और ESB की भर्ती और रिजल्ट पर आया संकट, ओबीसी आरक्षण फैसले में यह लिखा
10 Oct 2026 ,
By Sanjay Gupta
INDORE. मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद उम्मीदवारों को राहत मिलने की उम्मीद थी। अब इसी फैसले के बाद बड़े संकट की घंटी बज गई है। एमपी लोक सेवा आयोग (MPPSC) और कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की आने वाली भर्तियों और परीक्षा परिणामों पर इसका असर पड़ सकता है।
INDORE. मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद उम्मीदवारों को राहत मिलने की उम्मीद थी। अब इसी फैसले के बाद बड़े संकट की घंटी बज गई है। एमपी लोक सेवा आयोग (MPPSC) और कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की आने वाली भर्तियों और परीक्षा परिणामों पर इसका असर पड़ सकता है।

क्या जल्दी परीक्षा कराना संभव है?

सरकार जनवरी-फरवरी 2027 में स्पेशल PSC परीक्षा कराना चाहती है। ऐसे में तैयारियों के लिए समय सीमित है। सबसे पहले विभागों को खाली पदों का सही आंकड़ा देना होगा। इसके बाद पदों की श्रेणी और पात्रता तय करनी होगी।

भर्ती विज्ञापन और आवेदन प्रक्रिया के लिए भी तैयारी चाहिए। परीक्षा केंद्रों और पर्यवेक्षकों की व्यवस्था करनी होगी। प्रश्नपत्र तैयार करना और परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

तकनीकी व्यवस्था और परिणाम तैयार करने के लिए पर्याप्त कर्मचारी चाहिए होंगे। इस पूरी प्रक्रिया में समय और सरकारी धन खर्च होगा।

दूसरी चुनौती नियमित परीक्षाओं को समय पर कराने की है। स्पेशल PSC के कारण पहले से तय परीक्षाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

यदि नियमित परीक्षाएं टलती हैं तो अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ सकती है। हालांकि बेहतर योजना से अतिरिक्त परीक्षा आयोजित करना संभव हो सकता है। इसके लिए सभी चरणों की समयसीमा तय करनी होगी।

क्या सिर्फ घोषणा काफी है?

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं।

स्पेशल PSC में कितने पद होंगे? किन विभागों में भर्ती होगी? कौन-से अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे?

आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता क्या होगी? परीक्षा का पैटर्न कैसा रहेगा? क्या नियमित राज्य सेवा परीक्षा भी अपने समय पर होगी?

इन सभी सवालों का जवाब आधिकारिक अधिसूचना (Notification) से ही मिलेगा।

सरकार को आवेदन और परीक्षा की तारीख भी स्पष्ट करनी होगी। परिणाम घोषित करने का संभावित समय भी बताना होगा।

सबसे जरूरी बात चयनित युवाओं की नियुक्ति से जुड़ी है। सरकार को नियुक्ति तक की स्पष्ट योजना तैयार करनी होगी।

85 हजार नियुक्तियों का क्या होगा?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 85 हजार पदों पर नियुक्तियों की बात कही है। हालांकि स्पेशल PSC के लिए अलग पद-संख्या अभी सामने नहीं आई है। इसलिए सभी 85 हजार पदों को स्पेशल PSC से जोड़ना सही नहीं होगा।

यह स्पष्ट होना जरूरी है कि इनमें कितने पद आयोग से भरे जाएंगे। कितनी नियुक्तियां दूसरे विभागों और भर्ती एजेंसियों के जरिए होंगी? यह जानकारी मिलने के बाद ही युवाओं को वास्तविक अवसरों का पता चलेगा।

सरकार को यह भी बताना होगा कि कितनी भर्तियां नई होंगी। कितने पद पहले से खाली हैं और कितनों पर प्रक्रिया चल रही है।

MPPSC परीक्षा 2027: साल में दो बार होगी परीक्षा, रिसर्च के लिए मिलेंगे ₹25 हजार, 12 नए मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय की घोषणा | MPPSC Exam 2027: Exam to be held twice a year, ₹25 thousand for research, announcement of 12 new medical colleges and universities
यूथ कॉन्क्लेव में सीएम मोहन यादव के बड़े ऐलान: 2027 में दो बार परीक्षा कराएगा MPPSC, रिसर्च के लिए छात्रों को हर महीने मिलेंगे 25 हजार
06 Oct 2026 ,
By Sourabh Bhatnagar
Bhopal. मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए राज्य सरकार ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित 'सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026' में युवाओं से संवाद किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 को प्रदेश में युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।
Bhopal. मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए राज्य सरकार ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित 'सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026' में युवाओं से संवाद किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 को प्रदेश में युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।

युवाओं को नौकरी कब मिलेगी?

स्पेशल PSC की घोषणा से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को उम्मीद मिली है। लेकिन इसकी सफलता कई बातों पर निर्भर करेगी। सबसे पहले सरकार को भर्ती का पूरा प्रारूप जारी करना होगा। इसके बाद तय समय पर परीक्षा करानी होगी।

परीक्षा के बाद परिणाम और नियुक्ति में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। नियमित भर्ती व्यवस्था भी पहले की तरह चलती रहनी चाहिए। स्पेशल PSC को अतिरिक्त अवसर के रूप में लागू करना होगा। मध्यप्रदेश के युवाओं को ऐसी भर्ती व्यवस्था चाहिए जो तय समय पर काम करे। विज्ञापन से नियुक्ति तक की प्रक्रिया स्पष्ट और पारदर्शी हो।

अब सरकार की अगली परीक्षा

स्पेशल PSC युवाओं के लिए नया अवसर बन सकती है। इससे खाली पदों को भरने में मदद मिल सकती है। सरकारी विभागों को जरूरी अधिकारी और कर्मचारी भी मिल सकते हैं। लेकिन अभी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आना बाकी हैं।

कितने पद होंगे? परीक्षा के नियम क्या होंगे? परिणाम कब आएगा? और सबसे अहम सवाल कि नियुक्ति कब मिलेगी? इन सवालों का जवाब मिलने पर ही तस्वीर साफ होगी।

क्योंकि सरकारी नौकरी का सपना सिर्फ परीक्षा पास करने का नहीं है। उसके साथ लाखों युवाओं और उनके परिवारों की उम्मीदें जुड़ी हैं। घोषणा से उम्मीद मिलती है। परीक्षा से अवसर मिलता है। लेकिन समय पर नियुक्ति से ही भरोसा बनता है।

अब देखना होगा कि स्पेशल PSC केवल एक अतिरिक्त परीक्षा बनती है या मध्यप्रदेश की भर्ती व्यवस्था में वास्तविक सुधार की शुरुआत करती है।
Tags:
  • सीएम मोहन यादव
  • मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी
  • मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग
  • MPPSC
  • पब्लिक सर्विस कमीशन
  • स्पेशल पीएससी
  • PSC
  • युवाओं को सरकारी नौकरी
  • मध्यप्रदेश में आरक्षण
  • आरक्षण विवाद
कैफे-क्लब की आड़ में चल रहे अवैध हुक्का बार पर पुलिस की कार्रवाई, जयपुर में 20 हुक्के और 60 पाइप जब्त

By Jageshwar prasad

कैफे-क्लब की आड़ में चल रहे अवैध हुक्का बार पर पुलिस की कार्रवाई, जयपुर में 20 हुक्के और 60 पाइप जब्त
जैसलमेर में सड़क किनारे मिला नवजात का शव, आधा सिर और एक हाथ गायब होने से सनसनी

By Jyoti Mahender Bhardwaj

जैसलमेर में सड़क किनारे मिला नवजात का शव, आधा सिर और एक हाथ गायब होने से सनसनी
उद्घाटन से पहले भारतमाला हाईवे में दरारें, अब 15 तरह के टेस्ट से होगी सड़क की जांच, निर्माण एजेंसी को नोटिस

By Umeshwari Baghel

उद्घाटन से पहले भारतमाला हाईवे में दरारें, अब 15 तरह के टेस्ट से होगी सड़क की जांच, निर्माण एजेंसी को नोटिस
जयपुर एयरपोर्ट से कई शहरों की सीधी फ्लाइट बंद, स्पाइसजेट की दुबई उड़ान 18 घंटे लेट

By Jyoti Mahender Bhardwaj

जयपुर एयरपोर्ट से कई शहरों की सीधी फ्लाइट बंद, स्पाइसजेट की दुबई उड़ान 18 घंटे लेट
1500 साल पुरानी विरासत सिरपुर के लिए वैश्विक पहचान की पहली सीढ़ी, अब विश्व धरोहर बनने की तैयारी

By VINAY VERMA

1500 साल पुरानी विरासत सिरपुर के लिए वैश्विक पहचान की पहली सीढ़ी, अब विश्व धरोहर बनने की तैयारी
पंचायत चुनाव: नामांकन खारिज होने पर हाईकोर्ट से राहत नहीं, चुनाव के बाद याचिका का विकल्प

By Mukesh Sharma

पंचायत चुनाव: नामांकन खारिज होने पर हाईकोर्ट से राहत नहीं, चुनाव के बाद याचिका का विकल्प
फर्जी ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग वेबसाइट से 12 करोड़ की ठगी, असम निवासी आरोपी विशाखापट्टनम से गिरफ्तार

By Jageshwar prasad

फर्जी ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग वेबसाइट से 12 करोड़ की ठगी, असम निवासी आरोपी विशाखापट्टनम से गिरफ्तार