निर्मला सप्रे दलबदल मामला: अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
Jitendra Shrivastava | Jun 26, 2026, 20:36 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. बीना विधायक निर्मला सप्रे दलबदल मामले में MP हाईकोर्ट से याचिका खारिज हो गई है। अब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार अब सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर करेंगे।
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- हाईकोर्ट ने निर्मला सप्रे दलबदल याचिका खारिज कर दी।
- उमंग सिंघार अब सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर करेंगे।
- कांग्रेस का स्पीकर पर जानबूझकर देरी करने का आरोप।
- निर्मला सप्रे भाजपा कार्यक्रमों में सक्रिय दिखी थीं।
- दसवीं अनुसूची के तहत विधानसभा सदस्यता पर सवाल।
निर्मला सप्रे दलबदल विवाद
अदालत ने इस मामले में दाखिल याचिका खारिज कर दी। अब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। यह मामला राज्य की राजनीति में गर्म बहस का विषय बना है।
हाईकोर्ट का फैसला क्या रहा
हाईकोर्ट ने स्पीकर को निर्देश जारी करने से साफ इनकार किया। इसके बाद कांग्रेस की याचिका तत्काल खारिज कर दी गई। कांग्रेस ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए स्वीकार किया। लेकिन पार्टी अब अगले स्तर पर लड़ाई लड़ने को तैयार है।
सुप्रीम कोर्ट में SLP तैयारी
कांग्रेस का तर्क मजबूत आधार पर खड़ा हुआ है। पार्टी कहेगी कि लंबी देरी से कानून की भावना कमजोर होती है। दलबदल विरोधी कानून का मूल उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है। उमंग सिंघार ने इसकी पूरी रणनीति तैयार कर ली है।
स्पीकर पर कांग्रेस के आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे गंभीर मुद्दा बताया। उनका कहना है कि दलबदल कानून (Anti-Defection Law) राजनीतिक स्थिरता के लिए बना है। लेकिन फैसला टालकर इसकी आत्मा को कमजोर किया जा रहा है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत माना जा रहा है।
भाजपा मंच पर निर्मला सप्रे
भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में उन्होंने खुलकर प्रचार किया। इसके बाद कांग्रेस ने इसे स्पष्ट दलबदल माना। पार्टी ने तत्काल उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग उठाई। यही पूरे विवाद की असली जड़ बन गया।
दसवीं अनुसूची का पूरा मामला
पार्टी का कहना है कि दलबदल केवल इस्तीफे से नहीं होता। सदस्य का आचरण और राजनीतिक गतिविधियां भी इसका प्रमाण हैं। यह तर्क अब सर्वोच्च न्यायालय में परखा जाएगा।
अब आगे क्या होगा
यह फैसला भविष्य के दलबदल मामलों के लिए नजीर बनेगा। मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ती जा रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों इस लड़ाई पर नजर रखे हुए हैं।
FAQ
- निर्मला सप्रे दलबदल मामले में हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया?
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने निर्मला सप्रे दलबदल मामले में कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामला पहले से ही विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है। ऐसी स्थिति में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता। कोर्ट ने स्पीकर को कोई समयबद्ध निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। इसी कारण कांग्रेस अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। - उमंग सिंघार सुप्रीम कोर्ट में क्या मांग करेंगे?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका यानी SLP दायर करेंगे। इसमें हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी जाएगी। मुख्य मांग होगी कि विधानसभा अध्यक्ष को दलबदल याचिका पर निश्चित समय सीमा में फैसला करने का निर्देश मिले। कांग्रेस का तर्क है कि लंबी देरी से दलबदल विरोधी कानून का मूल उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है और लोकतंत्र कमजोर पड़ रहा है। - निर्मला सप्रे पर कांग्रेस ने दलबदल का आरोप क्यों लगाया?
बीना विधायक निर्मला सप्रे लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के कई कार्यक्रमों में सार्वजनिक रूप से दिखी थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंच साझा किया था। भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में सक्रिय भूमिका भी निभाई। इसी आचरण को आधार बनाकर कांग्रेस ने दसवीं अनुसूची के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की है।
निर्मला सप्रे दलबदल केस में उमंग सिंघार को झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
निर्मला सप्रे दलबदल केस, HC ने फैसला सुरक्षित रखा: स्पीकर को निर्देश देने पर बहस
राज्यसभा चुनाव ने टाला बड़ा राजनीतिक इम्तिहान, आखिर किसके साथ हैं निर्मला सप्रे?
300 करोड़ दें उमंग सिंघार तो चली जाऊंगी साथ- बीना विधायक निर्मला सप्रे
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari