निलंबन के विरोध में 17 फरवरी से सामूहिक अवकाश पर जाएंगे पटवारी!

Sandeep Kumar | Feb 17, 2025, 07:39 IST
Patwari leave February
पटवारी संघ का कहना है कि उनका दायित्व सिर्फ वर्तमान वित्तीय वर्ष के खसरा संधारण तक सीमित होता है, ऐसे में पुरानी जानकारियों के लिए निलंबन का कोई आधार नहीं बनता। इसी तरह, पटवारी राधेश्याम दुबे पर भी अनुचित तरीके से निलंबन की गाज गिरी है

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में पटवारियों का गुस्सा अब उबाल पर है। दो पटवारियों के निलंबन के विरोध में तहसील के पटवारी 17 फरवरी से सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस मामले को लेकर उन्होंने शुक्रवार को कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा और निलंबन की कार्रवाई को अवैध व अन्यायपूर्ण बताया।





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क्या है मामला?

पटवारी को सस्पेंड कर दिया गया।

पटवारी संघ का कहना है कि उनका दायित्व सिर्फ वर्तमान वित्तीय वर्ष के खसरा संधारण तक सीमित होता है, ऐसे में पुरानी जानकारियों के लिए निलंबन का कोई आधार नहीं बनता। इसी तरह, पटवारी राधेश्याम दुबे पर भी अनुचित तरीके से निलंबन की गाज गिरी है, जिसे संघ ने अन्याय करार दिया है।



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बढ़ता असंतोष: पटवारियों का विरोध तेज

पटवारियों का आरोप है कि प्रशासन उनकी मेहनत को नजरअंदाज कर रहा है। राजस्व महा अभियान 3.0 की सफलता के लिए पटवारियों ने अवकाश के दिनों में भी कार्य किया, लेकिन इसके बावजूद 30 पटवारियों के खिलाफ विभागीय जांच प्रस्तावित की गई।



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संघ ने 14 फरवरी को निर्णय लिया कि

  1. सभी पटवारी शासकीय व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ देंगे।
    2. शनिवार और रविवार को कोई सरकारी कार्य नहीं करेंगे।
    3. 17 फरवरी से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर जाएंगे, यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं

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क्या होगा असर?

यदि पटवारियों का आंदोलन लंबा खिंचता है, तो इससे न केवल राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होंगे, बल्कि किसानों और आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन पटवारियों की चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है और इस गतिरोध को कैसे सुलझाया जाता है। क्या सरकार कदम उठाएगी या आंदोलन और उग्र होगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में सामने आएगा।



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