पूर्व विधायक के बेटे व नपाध्यक्ष के पति ने 10 साल पहले किया कांड, अब मिली सजा
Marut raj | May 10, 2024, 20:58 IST
Pipariya Marketing Society former MLA Murlidhar Maheshwari द सूत्र
पिपरिया मार्केटिंग सोसाइटी ने 2013-14 में सहकारिता विभाग के लिए समर्थन मूल्य पर 1 लाख 4 हजार 34 क्विंटल से ज्यादा गेहूं खरीदा था, लेकिन वेयर हाउस केवल 1 लाख 2 हजार 433 क्विंटल बोरे पहुंचे थे।
संदीप चौरसिया, नर्मदापुरम. सरकारी खरीद के 1601 क्विंटल गेहूं के गबन के मामले में कोर्ट ने पिपरिया मार्केटिंग सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष और नगरपालिका अध्यक्ष के पति सहित 10 लोगों को 7-7 साल की सजा सुनाई है। 10 साल पुराने केस में सोसाइटी के अध्यक्ष के साथ 9 सदस्य भी आरोपी बनाए गए थे। साल 2013-14 में सहकारिता विभाग के लिए समर्थन मूल्य पर 1 लाख 4 हजार क्विंटल से ज्यादा गेहूं खरीदा था। इसमें से 1 हजार 601 क्विंटल गेहूं वेयरहाउस पहुंचने से पहले गायब हो गया था। मामला उछलने के बाद पुलिस ने अध्यक्ष सहित सोसाइटी के 10 सदस्यों पर केस दर्ज किया था।
पिपरिया मार्केटिंग सोसाइटी ने 2013-14 में सहकारिता विभाग के लिए समर्थन मूल्य पर 1 लाख 4 हजार 34 क्विंटल से ज्यादा गेहूं खरीदा था, लेकिन वेयर हाउस केवल 1 लाख 2 हजार 433 क्विंटल बोरे पहुंचे थे। नागरिक आपूर्ति विभाग को जब 1601 क्विंटल गेहूं कम होने का पता चला तो शिकायत सहकारिता विभाग तक पहुंची थी। जांच के दौरान पुलिस को मार्केटिंग सोसाइटी के तत्कालीन अध्यक्ष और पूर्व विधायक के पुत्र अजय कुमार माहेश्वरी सहित सोसाइटी के 10 सदस्यों की भूमिका संदेहास्पद मिली थी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने सोसाइटी अध्यक्ष अजय कुमार और नगर पालिका अध्यक्ष के पति नवनीत नागपाल सहित सभी पर गबन का केस दर्ज किया था। इस केस में तीन महिलाओं को भी आरोपी बनाया गया था।
सहकारिता विभाग की जांच में सामने आया था कि सोसाइटी द्वारा घटिया गेहूं खरीदा गया है। यानी 1628 क्विंटल घटिया गेहूं की खरीद से 2.93 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाया गया। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज कर पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया था। मामला राजनीति से जुड़ा होने की वजह से इसकी सुनवाई पूरी होने में 10 साल लग गए।
पिपरिया सेशन कोर्ट ने सुनाई पूरी करते हुए सरकारी गेहूं के गबन के आरोपियों को सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने इस केस में पूर्व बीजेपी विधायक मुरलीधर माहेश्वरी ( Former MLA Muralidhar Maheshwari ) के पुत्र और तत्कालीन सोसाइटी अध्यक्ष अजय कुमार, नगरपालिका अध्यक्ष नीना नागपाल के पति नवनीत नागपाल, राजेंद्र दुबे, सतीश जायसवाल, हेमराज सिंह चौधरी, राघव पुर्विया, जगदीश अग्रवाल, संध्या अग्रवाल, सुनीता रघुवंशी, जानकी पटेल को सात-सात साल के कारावास और जुर्माने से दण्डित किया है।
10 साल पहले सोसाइटी के खरीद केंद्र से 27 क्विंटल गेहूं गायब हो जाने से कई दिन तक मामला गरमाया रहा था। मामले में बीजेपी के पूर्व विधायक मुरलीधर माहेश्वरी के पुत्र और सोसाइटी अध्यक्ष अजय कुमार और नेता नवनीत सिंह नागपाल का नाम आने से यह राजनीतिक सुर्खियों में भी बना रहा था। राजनीतिक दखल के चलते मामले की जांच भी बहुत धीमी रही। पुलिस के चालान पर सुनवाई के दौरान आरोपी गेहूं गायब होने पर कोई सफाई नहीं दे सके।पिपरिया मार्केटिंग सोसाइटी में गबन
गोदाम से पहले गायब हो गया था गेहूं
पिपरिया मार्केटिंग सोसाइटी ने 2013-14 में सहकारिता विभाग के लिए समर्थन मूल्य पर 1 लाख 4 हजार 34 क्विंटल से ज्यादा गेहूं खरीदा था, लेकिन वेयर हाउस केवल 1 लाख 2 हजार 433 क्विंटल बोरे पहुंचे थे। नागरिक आपूर्ति विभाग को जब 1601 क्विंटल गेहूं कम होने का पता चला तो शिकायत सहकारिता विभाग तक पहुंची थी। जांच के दौरान पुलिस को मार्केटिंग सोसाइटी के तत्कालीन अध्यक्ष और पूर्व विधायक के पुत्र अजय कुमार माहेश्वरी सहित सोसाइटी के 10 सदस्यों की भूमिका संदेहास्पद मिली थी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने सोसाइटी अध्यक्ष अजय कुमार और नगर पालिका अध्यक्ष के पति नवनीत नागपाल सहित सभी पर गबन का केस दर्ज किया था। इस केस में तीन महिलाओं को भी आरोपी बनाया गया था।
10 साल बाद मिली सजा
सहकारिता विभाग की जांच में सामने आया था कि सोसाइटी द्वारा घटिया गेहूं खरीदा गया है। यानी 1628 क्विंटल घटिया गेहूं की खरीद से 2.93 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाया गया। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज कर पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया था। मामला राजनीति से जुड़ा होने की वजह से इसकी सुनवाई पूरी होने में 10 साल लग गए।
पूर्व विधायक के पुत्र और अध्यक्ष के पति को सजा
पिपरिया सेशन कोर्ट ने सुनाई पूरी करते हुए सरकारी गेहूं के गबन के आरोपियों को सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने इस केस में पूर्व बीजेपी विधायक मुरलीधर माहेश्वरी ( Former MLA Muralidhar Maheshwari ) के पुत्र और तत्कालीन सोसाइटी अध्यक्ष अजय कुमार, नगरपालिका अध्यक्ष नीना नागपाल के पति नवनीत नागपाल, राजेंद्र दुबे, सतीश जायसवाल, हेमराज सिंह चौधरी, राघव पुर्विया, जगदीश अग्रवाल, संध्या अग्रवाल, सुनीता रघुवंशी, जानकी पटेल को सात-सात साल के कारावास और जुर्माने से दण्डित किया है।
27 लाख के गेहूं चोरी पर खूब हुआ था हंगामा
10 साल पहले सोसाइटी के खरीद केंद्र से 27 क्विंटल गेहूं गायब हो जाने से कई दिन तक मामला गरमाया रहा था। मामले में बीजेपी के पूर्व विधायक मुरलीधर माहेश्वरी के पुत्र और सोसाइटी अध्यक्ष अजय कुमार और नेता नवनीत सिंह नागपाल का नाम आने से यह राजनीतिक सुर्खियों में भी बना रहा था। राजनीतिक दखल के चलते मामले की जांच भी बहुत धीमी रही। पुलिस के चालान पर सुनवाई के दौरान आरोपी गेहूं गायब होने पर कोई सफाई नहीं दे सके।पिपरिया मार्केटिंग सोसाइटी में गबन
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman