भोपाल के सतपुड़ा और विंध्याचल भवन की जमीन बिल्डर को देने की तैयारी

Marut raj | Mar 29, 2024, 15:50 IST
Share
द सूत्र
द सूत्र

प्रदेश के महत्वपूर्ण प्रशासनिक भवनों में कॉर्पोरेट ऑफिस खोले जाने से मंत्रालय की डिग्निटी खत्म होने के साथ ही सरकार की गोपनीयता भंग होने की आशंका रहेगी।

भोपाल. मंत्रालय से लगे हुए सरकार के दो महत्वपूर्ण प्रशासनिक भवन सतपुड़ा ( Satpura Bhavan ) और विंध्याचल ( Vindhyachal Bhavan ) भवनों को हाईटेक तरीके से बनाने की तैयारी की जा रही है। इन भवनों को रिडेंसिफिकशन स्कीम ( redensification scheme ) में बनाए जाने की फाइल जीएडी से पीडब्ल्यूडी के बीच दौड़ रही है। यदि ऐसा होता है तो इन भवनों की जमीन बिल्डर को दी जाएगी और वे यहां पर अपनी हाईराइज बिल्डिंग बनाकर कॉर्पोरेट हाउस को बेंचेगे। ऐसा होने पर मंत्रालय की डिग्निटी ही खत्म हो जाएगी। साथ ही मंत्रालय के पास और दोनों प्रशासनिक भवनों के कैंपस में कॉर्पोरेट ऑफिस आने से गोपनीयता भंग होने का डर बना रहेगा। इसके साथ सुरक्षा का मुददा भी आड़े आएगा।

सतपुड़ा भवन में आग के बाद बना प्रस्ताव


सतपुड़ा भवन में 12 जून 2023 को भयंकर आग लगने के बाद से इस बिल्डिंग की मजबूती पर सवाल उठे थे। अग्निकांड की जांच के लिए बनाई गई समिति ने 287 पेज की रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें बिल्डिंग के नवीनीकरण की बात भी कही गई थी। इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीडब्ल्यूडी से सतपुड़ा और विंध्याचल भवनों के नवीनीकरण प्रस्ताव तैयार करने को कहा था। इस पर पीडब्ल्यूडी ने सरकार को 160 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर दिया था। इसमें कहा गया था कि दोनों भवनों का नवीनीकरण नेशनल बिल्डिंग कोड ऑफ इंडिया 2016 (एनबीसी 2016) सुरक्षा दिशा निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। दोनों बिल्डिंगों के स्ट्रक्चरल हेल्थ की जांच की जाएगी और उसे स्ट्रांग किया जाएगा। वर्तमान समय के लोड और मांग के अनुरूप इलेक्ट्रिक फिटिंग की जाएगी। हाईटेक फायर सिस्टम और अत्याधुनिक भवन विकसित किया जाएगा। इससे भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए इमारत को तैयार किया जाएगा। तत्कालीन शिवराज सरकार ने उक्त प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के कारण उक्त प्रस्ताव पर काम नहीं हो सका। सरकार बनने के बाद डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री बन गए। अब ऐसे में नए सिरे से सतपुड़ा और विंध्याचल भवनों के निर्माण को लेकर अफसर बैठक कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि मुख्य सचिव वीरा राणा से चर्चा होने के बाद जीएडी के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव डीपी आहुजा से दोनों भवनों को रिडेंसिफिकेशन स्कीम में बनाने का प्रस्ताव बनाने को कहा है।

क्या है रि​डेंसिफिकेशन स्कीम


इस स्कीम में सरकार अपने पुराने भवन या जमीन को प्राइवेट डेवलपर से डेवलप करवाती है। इसमें डेवलपर को जमीन का एक हिस्सा दिया जाता है, जिससे वो सरकार की बिल्डिंग या प्रोजेक्टस को पूरा करने का खर्च निकाल सके। डेवलपर चाहे तो उस जमीन को बेच कर या उसे डेवलप करके अपने प्रोजेक्ट बेचकर अपना खर्च निकाल सकता है।

Tags:
  • सतपुड़ा भवन
  • Redensification Scheme
  • विंध्याचल भवन
  • रिडेंसिफिकशन स्कीम
  • Satpura Bhavan
  • Vindhyachal Bhavan
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच