सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका की खारिज

Aman Vaishnav | Jun 12, 2026, 13:34 IST
Share
मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम झटका
मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम झटका

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की याचिका को खारिज कर दिया है। कांग्रेस की ओर से दावा किया गया था कि नॉमिनेशन डिक्लेअर करने वाले फार्म में FIR और चार्जेस लिखने जैसे कॉलम है। जबकि मीनाक्षी के ऊपर ना तो FIR हुई थी ना ही चार्जेस फ्रेम हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को राहत देने से इनकार कर दिया है। शुक्रवार, 12 जून को हुई सुनवाई में कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि जब चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी हो तब उसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है।

कोर्ट ने साफ किया कि ऐसे मामलों में न्यायिक दखल की एक सीमा होती है। इस समय वह चुनावी प्रक्रिया को नहीं रोक सकता। इस फैसले के साथ ही मीनाक्षी नटराजन को बड़ा झटका लगा है। बता दें कि मीनाक्षी ने राज्यसभा चुनाव में अपना नामांकन रद्द होने को लेकर याचिका लगाई थी।


कोर्ट में क्या हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया कि चुनाव से जुड़े मामलों में अदालत बीच में दखल नहीं देती। संविधान का अनुच्छेद 329(b) इसी बात की गारंटी देता है कि चुनाव प्रक्रिया में न्यायिक हस्तक्षेप नहीं होगा।

मीनाक्षी नटराजन की तरफ से यह दलील दी गई थी कि अगर नामांकन रद्द करने का फैसला गलत या मनमाना हो, तो सुप्रीम कोर्ट को दखल देना चाहिए। लेकिन कोर्ट ने यह बात नहीं मानी।

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मीनाक्षी नटराजन के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जोरदार दलील देते हुए कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें शुरुआत में ही बाहर का रास्ता दिखा दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव लड़ने दिया जाए, अगर वोट नहीं मिले तो हार जाएंगी। यही तो लोकतंत्र है।

नामांकन रद्द करने का फैसले पर कोई राय नहीं

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एएस चंदूरकर की बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान का अनुच्छेद 329 साफ तौर पर अदालतों को चुनाव प्रक्रिया में दखल देने से रोकता है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट इस मामले में रिट पिटीशन पर सुनवाई करने की स्थिति में नहीं है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि नामांकन रद्द करने का फैसला सही था या गलत, इस पर वो कोई राय नहीं देगा। यानी कोर्ट ने मामले के मेरिट पर कुछ भी नहीं कहा।



हालांकि कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन को एक रास्ता जरूर बताया। कोर्ट ने कहा कि चुनाव से जुड़े विवादों को सुलझाने का सही तरीका इलेक्शन पिटीशन यानी चुनाव याचिका है। अगर वे चाहें तो इस फैसले को चुनाव याचिका के जरिए चुनौती दे सकती हैं।

दूसरे पक्ष ने क्या कहा?

ECI की तरफ से वरिष्ठ वकील दामा शेषाद्री नायडू, मुकुल रोहतगी और मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न सिर्फ याचिका में मांगी गई राहत का विरोध किया, बल्कि यह भी कहा कि यह याचिका सुनवाई के काबिल ही नहीं है।

तीनों की एक ही दलील थी कि चुनाव लड़ना एक कानूनी अधिकार है, मौलिक अधिकार नहीं। इसलिए संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में सीधे याचिका नहीं दायर की जा सकती, क्योंकि इस मामले में किसी मौलिक अधिकार का हनन हुआ ही नहीं है।

क्या था पूरा घटनाक्रम?

मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा था। पार्टी के पास जीत के लिए पर्याप्त विधायक भी थे। लेकिन 9 जून को बीजेपी ने आपत्ति दर्ज कराई कि मीनाक्षी ने अपने खिलाफ दर्ज एक अदालती मामले की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी। रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने इस आपत्ति को सही मानते हुए उनका नामांकन रद्द कर दिया।

इसके बाद गुरुवार को मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर बीजेपी के तीनों उम्मीदवारों रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्विरोध निर्वाचित घोषित करते हुए सर्टिफिकेट दे दिए गए।

बीजेपी ने क्या आरोप लगाया था?

बीजेपी ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन हलफनामे में एक आपराधिक मामले की जानकारी जानबूझकर छिपाई। जांच में सामने आया कि तेलंगाना में उनके खिलाफ एक अदालती शिकायत दर्ज है, जिसका जिक्र उन्होंने अपने हलफनामे में नहीं किया।

बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट ने इसी आधार पर चुनाव अधिकारी के सामने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत सही पाए जाने के बाद नामांकन फॉर्म को अधूरा मानते हुए रद्द कर दिया गया।

ये खबरें भी पढ़िए..

सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका की खारिज

दिल्ली में सियासी घमासान, राष्ट्रपति भवन जा रहे कांग्रेस नेता उमंग सिंघार सहित कई विधायक हिरासत में

MP राज्यसभा चुनाव: मोहन-हेमंत का कद और उमंग-जीतू की साख दांव पर

मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद: कांग्रेस देर रात पहुंची सुप्रीम कोर्ट

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता
  • मीनाक्षी नटराजन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि