इंदौर से Congress candidate पर हत्या के प्रयास की धारा बढ़ी, मामला 17 साल पुराना
Jitendra Shrivastava | Apr 25, 2024, 22:22 IST
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इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी अक्षय कांति बम की मुश्किल बढ़ गई है। वकील मुकेश देवल के मुताबिक प्रकरण पिछले 17 साल से चल रहा है। 24 अप्रैल को मामले की सुनवाई थी। इसमें कोर्ट ने हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं...
संजय गुप्ता, INDORE. इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी ( Congress candidate ) अक्षय कांति बम मुश्किल में आ गए हैं। 17 साल पुराने मामले में अभी तक सामान्य धाराएं लगी थी, अब इसमें हत्या के प्रयास की धारा 307 भी बढ़ा दी गई है। साथ ही कोर्ट ने इस मामले में 10 मई को (13 मई को वोटिंग है ) कोर्ट में पेश होने के आदेश भी दे दिए हैं। फरियादी के वकील मुकेश देवल के मुताबिक प्रकरण पिछले 17 साल से चल रहा है। 24 अप्रैल को मामले की सुनवाई थी। इसमें कोर्ट ने हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
फरियादी के धारा 161 में दिए गए बयान को आधार मानते हुए कोर्ट ने खजराना थाना प्रभारी को केस डायरी प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही धारा 428 के तहत अभियुक्तों की अभिरक्षा की अवधि का प्रमाण पत्र भी प्रकरण में संलग्न करने के लिए कहा गया है। इससे पहले आरोपियों पर धारा 294, 323, 506,147,148, 149 और 435 के तहत केस दर्ज था। अब इसमें धारा 307 को भी जोड़ दिया गया है।
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4 अक्टूबर 2007 को सुबह 10:30 बजे से शाम 4:15 बजे के बीच आरोपियों ने फरियादी यूनुस पटेल के गांव में जाकर उसकी जमीन पर काम कर रहे नौकरों को धमकाया और उनके साथ मारपीट करते हुए वहां कटी हुई रखी सोयाबीन में आग लगा दी थी। फरियादी जब अपने नौकर का मेडिकल परीक्षण करवाकर वापस खेत पर लौटा तो आरोपी कांतिलाल बम, उनके बेटे अक्षय, सतवीर, सुरक्षा गार्ड मनोज, सोनू एवं अन्य 7-8 लोग बंदूक लेकर आए। कांतिलाल ने कहा था कि यही यूनुस गुड्डू है। इसे गोली मारकर जान से खत्म कर दो। सतवीर ने गोली चलाई, लेकिन तभी रिंकू ने यूनुस का हाथ पकड़ कर उसे पीछे से खींच लिया था और गोली यूनुस के पास से निकल गई थी।
इंदौर के पूर्व आईजी और उनके पुत्र की सिक्योरिटी एजेंसी को कांतिलाल बम व अक्षय बम ने यूनुस पटेल की जमीन खाली कराने का ठेका दिया था। सतवीर की रिपोर्ट पर यूनुस के खिलाफ पुलिस ने झूठा लूट का प्रकरण दर्ज करा दिया था। झूठे साक्ष्य रचने के कारण यूनुस लूट के प्रकरण से दोषमुक्त हो चुके हैं।
फरियादी युनुस के दिनांक 19.10.2007 को धारा 161 के तहत बयान हुए थे। इसमें यूनुस ने कहा था कि, सतवीर सिंह ने मुझ पर गोली चलाई और तभी मेरे साथी रिंकू वर्मा ने हाथ पकड़कर खींच लिया। जिससे गोली मेरे पास से निकल गई। साक्षी कैलाश, उस्मान ने भी अपने बयान में युनुस पटेल पर गोली चलाने की बात कही थी। पुलिस ने भी घटनास्थल से 1 बारह बोर की बंदूक एवं 1 चला हुआ कारतूस जब्त किया था। इस मामले में अभियुक्तगण कांतिलाल एवं अक्षय जमानत पर हैं। प्रकरण में जब्तशुदा एक बाहर बोर की बंदूक पूर्व से सुपुर्दगी पर है।
फरियादी का बयान बना आधार
फरियादी के धारा 161 में दिए गए बयान को आधार मानते हुए कोर्ट ने खजराना थाना प्रभारी को केस डायरी प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही धारा 428 के तहत अभियुक्तों की अभिरक्षा की अवधि का प्रमाण पत्र भी प्रकरण में संलग्न करने के लिए कहा गया है। इससे पहले आरोपियों पर धारा 294, 323, 506,147,148, 149 और 435 के तहत केस दर्ज था। अब इसमें धारा 307 को भी जोड़ दिया गया है।
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17 साल पुराने केस में पिता-पुत्र दोनों बने थे आरोपी
4 अक्टूबर 2007 को सुबह 10:30 बजे से शाम 4:15 बजे के बीच आरोपियों ने फरियादी यूनुस पटेल के गांव में जाकर उसकी जमीन पर काम कर रहे नौकरों को धमकाया और उनके साथ मारपीट करते हुए वहां कटी हुई रखी सोयाबीन में आग लगा दी थी। फरियादी जब अपने नौकर का मेडिकल परीक्षण करवाकर वापस खेत पर लौटा तो आरोपी कांतिलाल बम, उनके बेटे अक्षय, सतवीर, सुरक्षा गार्ड मनोज, सोनू एवं अन्य 7-8 लोग बंदूक लेकर आए। कांतिलाल ने कहा था कि यही यूनुस गुड्डू है। इसे गोली मारकर जान से खत्म कर दो। सतवीर ने गोली चलाई, लेकिन तभी रिंकू ने यूनुस का हाथ पकड़ कर उसे पीछे से खींच लिया था और गोली यूनुस के पास से निकल गई थी।
पूर्व आईजी की थी सिक्योरिटी एजेंसी
इंदौर के पूर्व आईजी और उनके पुत्र की सिक्योरिटी एजेंसी को कांतिलाल बम व अक्षय बम ने यूनुस पटेल की जमीन खाली कराने का ठेका दिया था। सतवीर की रिपोर्ट पर यूनुस के खिलाफ पुलिस ने झूठा लूट का प्रकरण दर्ज करा दिया था। झूठे साक्ष्य रचने के कारण यूनुस लूट के प्रकरण से दोषमुक्त हो चुके हैं।
फरियादी के धारा 161 में हुए थे बयान
फरियादी युनुस के दिनांक 19.10.2007 को धारा 161 के तहत बयान हुए थे। इसमें यूनुस ने कहा था कि, सतवीर सिंह ने मुझ पर गोली चलाई और तभी मेरे साथी रिंकू वर्मा ने हाथ पकड़कर खींच लिया। जिससे गोली मेरे पास से निकल गई। साक्षी कैलाश, उस्मान ने भी अपने बयान में युनुस पटेल पर गोली चलाने की बात कही थी। पुलिस ने भी घटनास्थल से 1 बारह बोर की बंदूक एवं 1 चला हुआ कारतूस जब्त किया था। इस मामले में अभियुक्तगण कांतिलाल एवं अक्षय जमानत पर हैं। प्रकरण में जब्तशुदा एक बाहर बोर की बंदूक पूर्व से सुपुर्दगी पर है।
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