मध्यावधि 2026: शहडोल संभाग में बीजेपी का दबदबा, द सूत्र के सर्वे में क्या बोली जनता?

The Sootr | Jun 15, 2026, 15:15 IST
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शहजोल संभाग
शहजोल संभाग

शहडोल संभाग: 13 जून 2026 को मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार का आधा सफर पूरा हो गया। ढाई साल बीत गए। अब उल्टी गिनती शुरू है। और ठीक इसी दौरान thesootr लेकर आया है मध्यप्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा और विश्वसनीय सर्वे…

मध्यप्रदेश की हर विधानसभा से डेटा लेकर तैयार किए गए इस सर्वे में जानिए... शहडोल संभाग के लोगों के मन की बात… और हां! ये सर्वे किसी तरह की घोषणा नहीं करता सिर्फ प्राप्त आंकड़ों से परसेप्शन बताता है।

हमने पूछे सिर्फ तीन सवाल

  1. क्या आप अपने विधायक से संतुष्ट हैं?
  2. BJP और डॉ. मोहन यादव की सरकार से संतुष्ट हैं या नहीं?
  3. क्या कांग्रेस प्रदेश में active दिखती है?

तो पहली बार हर नागरिक जान सकेगा

  • उसके अपने जिले का मूड क्या है
  • उसके विधायक को जनता पास करती है या फेल
  • मोहन यादव सरकार के बारे में उसके इलाके की राय क्या है
  • कांग्रेस जनता को active दिखती है या नहीं
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मध्यावधि 2026: शहडोल संभाग thesootr Survey

मध्य प्रदेश के शहडोल संभाग में हुए सर्वे के नतीजे सामने आए हैं। यह संभाग तीन जिलों का है, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया। कुल आठ विधानसभा सीटें हैं। इनमें सात सीटें बीजेपी के पास हैं। सिर्फ एक सीट कांग्रेस के पास है। सर्वे में तीन सवाल पूछे गए। पहला, विधायक से संतुष्टि। दूसरा, सरकार से संतुष्टि। तीसरा, कांग्रेस की सक्रियता।

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संभागीय औसत का हाल

संभाग में विधायक संतुष्टि का औसत 65.2% है। यह एक मजबूत आंकड़ा माना जा रहा है। सरकार संतुष्टि का औसत 62.1% है, जो विधायक से करीब 3 अंक कम है।

कांग्रेस सक्रियता का औसत 55% रहा। तीनों आंकड़ों का क्रम साफ है, विधायक सबसे आगे, सरकार बीच में और कांग्रेस सक्रियता सबसे नीचे। लेकिन कांग्रेस सक्रियता आधे से ऊपर रहना भी ध्यान देने वाली बात है।

ब्योहारी सबसे आगे

ब्योहारी (एसटी, Scheduled Tribe) सीट पूरे संभाग में सबसे आगे है। यहां बीजेपी विधायक शरद जुगलाल कोल को 73.1% समर्थन मिला। सरकार संतुष्टि भी यहां सबसे ज्यादा, 73.6% रही। लेकिन इसी सीट पर कांग्रेस सक्रियता भी सबसे ज्यादा, 62.7% दर्ज हुई। यानी यह सीट जागरूक मतदाताओं वाली मानी जा रही है। कोतमा सीट दूसरे नंबर पर है। यहां दिलीप जायसवाल को 72.5% समर्थन मिला।

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कोतमा में बड़ा अंतर

कोतमा में विधायक संतुष्टि 72.5% है, जो बहुत ऊंची है। लेकिन सरकार संतुष्टि सिर्फ 58.8% है। दोनों आंकड़ों में करीब 14 अंक का फासला है। यह संभाग का सबसे बड़ा अंतर है। यहां विधायक की छवि सरकार से बहुत आगे है। जैतपुर सीट पर अलग कहानी है। यहां विधायक संतुष्टि सबसे कम, सिर्फ 55.3% है। लेकिन सरकार संतुष्टि उससे ज्यादा, 61.3% है। यहां सरकार की छवि सीट को सहारा दे रही है।

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अनूपपुर जिले का हाल

अनूपपुर जिले में तीन सीटें हैं। जिला औसत में विधायक संतुष्टि 66.3% है, जो संभाग के औसत से ऊपर है। लेकिन सरकार संतुष्टि 59.5% है, जो औसत से नीचे है। अनूपपुर सीट पर बिसाहूलाल सिंह को विधायक और सरकार दोनों पर बराबर, 65% समर्थन मिला। यह एक संतुलित तस्वीर मानी जा रही है। पुष्पराजगढ़ (एसटी) सीट संभाग की इकलौती कांग्रेस सीट है। यहां फुन्देलाल सिंह मार्कों को विधायक स्तर पर 61.7% समर्थन मिला। लेकिन सरकार संतुष्टि सिर्फ 53.4% है, जो संभाग में सबसे कम है।

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शहडोल जिले की मजबूती

शहडोल जिले में भी तीन सीटें हैं। यहां सरकार संतुष्टि का औसत 66.9% है, जो तीनों जिलों में सबसे ज्यादा है। यहां सरकार की छवि विधायक संतुष्टि से भी आगे है। कांग्रेस सक्रियता भी यहां सबसे ज्यादा, 57.3% दर्ज हुई। ब्योहारी और जयसिंहनगर सीटें इस जिले की मजबूती दिखाती हैं। जयसिंहनगर में मनीषा सिंह को 65.5% समर्थन मिला। सरकार संतुष्टि यहां 62.6% रही। तीनों आंकड़े संतुलित नजर आते हैं।

उमरिया में मानपुर अहम

उमरिया जिले में सिर्फ दो सीटें हैं। यह जिला तीनों मानकों में सबसे पीछे है। जिला औसत में विधायक संतुष्टि 62.9% और सरकार संतुष्टि 58.1% है। बांधवगढ़ सीट पर शिवनारायण सिंह को 67.1% समर्थन मिला। यहां कांग्रेस सक्रियता सबसे कम, सिर्फ 47.1% दर्ज हुई। मानपुर सीट सबसे संवेदनशील मानी जा रही है। यहां मीना सिंह मांडवे को 59.4% समर्थन मिला। कांग्रेस सक्रियता यहां 58.2% तक पहुंच गई। दोनों आंकड़ों में सिर्फ 1.2 अंक का फासला है। यह पूरे संभाग में सबसे पतला अंतर माना जा रहा है।

आगे क्या जरूरी

सर्वे का निचोड़ साफ है। शहडोल संभाग में सत्तापक्ष का आधार अभी मजबूत दिखता है। आठ में से सात सीटें बीजेपी के पास हैं। ज्यादातर सीटों पर विधायक और सरकार दोनों की संतुष्टि आधे से ऊपर है। शासन के लिहाज से शहडोल जिला सबसे मजबूत निकला। मानपुर और जैतपुर सीटों पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। पुष्पराजगढ़ में सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने की सबसे बड़ी गुंजाइश है।

    FAQ

    1. सवाल: शहडोल संभाग सर्वे में सबसे ज्यादा संतुष्टि किस सीट पर मिली?
      जवाब: ब्योहारी (एसटी) सीट पर बीजेपी विधायक शरद जुगलाल कोल को विधायक स्तर पर 73.1% और सरकार स्तर पर 73.6% समर्थन मिला। यह दोनों मामलों में संभाग की सबसे ऊंची सीट है।
    2. सवाल: शहडोल संभाग की कौन सी सीट सबसे संवेदनशील मानी जा रही है?
      जवाब: मानपुर सीट सबसे संवेदनशील है। यहां विधायक संतुष्टि 59.4% और कांग्रेस सक्रियता 58.2% है। दोनों आंकड़ों में सिर्फ 1.2 अंक का अंतर है, जो पूरे संभाग में सबसे कम है।
    3. सवाल: शहडोल संभाग में कांग्रेस की एकमात्र सीट कौन सी है?
      जवाब: पुष्पराजगढ़ (एसटी) संभाग की इकलौती कांग्रेस सीट है, जहां फुन्देलाल सिंह मार्कों विधायक हैं। यहां सरकार संतुष्टि सिर्फ 53.4% है, जो संभाग में सबसे कम दर्ज हुई।

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