सोयाबीन भावांतर योजना: एमपी में इस दिन से रजिस्ट्रेशन चालू, जानें प्रति क्विंटल कितना मिलेगी राशि

Sandeep Kumar | Oct 01, 2025, 23:58 IST
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मध्य प्रदेश में सोयाबीन के किसानों के लिए भावांतर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन 3 अक्टूबर से शुरु होगा। योजना के तहत किसानों को 5328 प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य मिलेगा।

प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) के तहत, मध्य प्रदेश में सोयाबीन किसानों को उनकी उपज पर लाभ मिल सकेगा। किसानों को इस योजना के माध्यम से अपनी फसल के विक्रय पर सरकार से 5328 प्रति क्विंटल का भुगतान प्राप्त होगा। इससे किसानों को बाजार की अनिश्चितताओं से राहत मिलेगी और वे अपनी मेहनत का उचित मूल्य पा सकेंगे।



रजिस्ट्रेशन की तारीख

सोयाबीन के किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को ई-उपार्जन पोर्टल, पैक्स, सीएससी, और एमपी किसान एप के माध्यम से किया जा सकता है। किसान अपनी फसल के बारे में पूरी जानकारी दर्ज करेंगे, जैसे कि रकबा, उत्पादकता, और विक्रय हेतु मंडी का नाम। रजिस्ट्रेशन के बाद, वे अपनी फसल को अधिसूचित मंडियों में विक्रय कर सकते हैं और सरकार से भावांतर भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।



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भावांतर योजना के अंतर्गत लाभ

सोयाबीन के किसानों को सरकार 5328 प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य देगी, जो उनकी फसल के विक्रय के समय प्राप्त होगा। इस योजना में 40 प्रतिशत विक्रय बाध्यता का नियम नहीं है, यानी किसानों को अपनी पूरी उपज को सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर बेचने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।



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उपार्जन की तारीख

सोयाबीन फसल का उपार्जन 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान किसान अपनी उपज को निर्धारित मूल्य पर विक्रय कर सकते हैं और भावांतर योजना के तहत भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।



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मुख्यमंत्री द्वारा भावांतर योजना का समर्थन

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी इस योजना की सराहना की है और किसानों को इसकी जानकारी देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों को उनके उत्पाद का पूरा लाभ मिलेगा और उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाएगा।



भावांतर योजना का उद्देश्य

भावांतर योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना है। यह योजना किसानों को बाजार में होने वाली मूल्य गिरावट से बचाती है और उन्हें सरकार से सुनिश्चित समर्थन मूल्य दिलवाती है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे अपनी फसल को ज्यादा लाभकारी तरीके से बेच पाएंगे।



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उज्जैन में सीएम मोहन यादव ने जताया आभार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज उज्जैन में किसानों से भेंट की। उन्होंने सोयाबीन फसल के लिए लागू भावांतर योजना के तहत मिल रहे लाभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा, किसानों का कल्याण हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हम आपके हर सुख-दुख में साथ हैं।



सीएम ने यह भी कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिले। किसानों ने योजना के प्रति संतुष्टि जताई और सरकार के प्रयासों की सराहना की। भावांतर योजना के तहत किसानों को उनकी फसल की उचित कीमत सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।



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