स्पार्टा कॉलेज का केस हाईकोर्ट में खारिज, 9.70 करोड़ की वसूली का रास्ता साफ
Sanjay Sharma | Mar 31, 2026, 23:41 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. स्पार्टा कॉलेज का 9.70 करोड़ का लोन मामला हाईकोर्ट में खारिज हुआ। बैंक ने वसूली के रास्ते को साफ किया। वहीं पुलिस एफआईआर को खारिज कर दिया गया।
News in Short
- स्पार्टा कॉलेज का लोन केस: हाईकोर्ट ने पुलिस की एफआईआर को खारिज किया।
- बैंक ने खोला वसूली का रास्ता, स्पार्टा कॉलेज का 9.7 करोड़ का लोन मामला हल।
- हाईकोर्ट ने बैंक कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज केस को 'दुरुपयोग' करार दिया।
- पुलिस की मिलीभगत के बाद, स्पार्टा कॉलेज का केस हाईकोर्ट ने खारिज किया।
- स्पार्टा इंस्टीट्यूट की कानूनी लड़ाई: हाईकोर्ट में बैंक की जीत और वसूली का आदेश।
News in Detail
किश्त जमा नहीं की तो बैंक नोटिस
प्रबंधन ने बाद में इसे विदिशा स्थित प्रॉपर्टी से बदलवाया था। लोन एग्रीमेंट के कुछ समय बाद स्पार्टा इंस्टीट्यूट ने किश्त जमा करना बंद कर दिया। जिस पर बैंक द्वारा नोटिस जारी किए गए।
बैंक ने जब गिरवी रखी संपत्ति को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू की तो स्पार्टा इंस्टीट्यूट प्रबंधन ने साठगांठ कर हबीबगंज थाने में केस दर्ज करा दिया था। इसके खिलाफ बैंक अधिकारियों ने हाईकोर्ट में अपील पेश की थी।
दस साल चली हाईकोर्ट में सुनवाई
इस दौरान बैंक के वकील कोर्ट को एफआईआर अवैधानिक होने से सहमत कराने में सफल रहे। बैंक के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि केस में लगाए गए आरोप मान लिए जाएं तब भी पुलिस ने जो धाराएं लगाई हैं वे केस से संबंधित नहीं हैं। मामला बैंक लेनदेन से संबंधित हैं और बकायादार ने अपनी सहमति से संपत्ति को बंधक रखा था।
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एफआईआर पर उठाए गए सवाल
इस पुष्टि के आधार पर कोर्ट ने भी पुलिस की एफआईआर की वैधता को अस्वीकार कर दिया। सुनवाई में बैंक के वकील नीलामी की प्रक्रिया को वैध और प्रक्रियासंगत साबित करने में कामयाब रहे। कोर्ट ने आरोपों को दुरुपयोग बताते हुए शिक्षा समिति द्वारा दर्ज पुलिस केस को खारिज कर दिया।
पुलिस की मिलीभगत आई सामने
बैंक की नीलामी की जानकारी के बाद भी पुलिस ने शिकायतकर्ता के इशारे पर केस दर्ज कर लिया। यह केस गंभीर आर्थिक धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित था। जो धाराएं लगाई गईं वे जमीन घोटालों, जाली दस्तावेज बनाने और सरकारी धन के गबन के मामलों में लगाई जाती हैं।
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