एसटीए गठन पर HC की रोक, सरकार ने मानी चूक, परिवहन विभाग ने दिया शपथ पत्र
Sanjay Dhiman | Jun 16, 2026, 22:45 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा एसटीए गठन में नियमों की अनदेखी का मामला हाईकोर्ट पहुंचा। परिवहन विभाग ने शपथ पत्र में गलती मानी और तीन माह का समय मांगा। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने गठन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। अब एसटीए नए बस परमिट जारी नहीं कर सकेगी।
रतन मिश्रा@ग्वालियर. मध्यप्रदेश सरकार ने स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) के गठन में नियमों की अनदेखी की। जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हुई और सुनवाई शुरू हुई। परिवहन विभाग ने शपथ पत्र देकर गठन में गलती खुद स्वीकार की। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने एसटीए के गठन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। अब एसटीए नए बस परमिट जारी नहीं कर सकेगी।
मध्यप्रदेश सरकार ने 9 फरवरी 2026 को एसटीए के गठन की नई अधिसूचना जारी की थी। इस पर जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हुई। याचिकाकर्ता हरीशंकर सिंह पटेल और अन्य ने इस अधिसूचना को कानून के खिलाफ बताया।
उनके वकील एमपीएस रघुवंशी ने कोर्ट में दलील दी। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 68(2) साफ कहती है। किसी परिवहन उपक्रम में वित्तीय या प्रबंधकीय हित रखने वाला व्यक्ति एसटीए का अध्यक्ष या सदस्य नहीं बन सकता।
याचिका में आरोप लगाया गया कि सरकार ने एमपीएसआरटीसी के एमडी मनीष सिंह को फायदा पहुंचाने के लिए एसटीए की संरचना बदली। मनीष सिंह पहले से हाईकोर्ट में एक अलग विवाद में हैं। उनकी नियुक्ति को लेकर क्वो वारंटो याचिका पहले से लंबित है।
पहले 28 मार्च 2025 की अधिसूचना में उन्हें सीधे सदस्य बनाने की कोशिश हुई थी। विवाद बढ़ा तो सरकार ने वह अधिसूचना रद्द कर दी। फिर 9 फरवरी 2026 की नई अधिसूचना में उन्हें विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह बदलाव भी कानून की भावना के खिलाफ है। उनका तर्क है कि इस तरह मनीष सिंह अप्रत्यक्ष रूप से एसटीए के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं।
सुनवाई के दौरान परिवहन विभाग ने कोर्ट में शपथ पत्र पेश किया। विभाग ने माना कि गठन में गलती हुई है। विभाग ने अधिसूचना में संशोधन के लिए तीन महीने का समय मांगा।
कोर्ट ने यह जवाब रिकॉर्ड पर लिया। इसके बाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने एसटीए गठन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी।
रोक लगने के बाद अब एसटीए नए बस परमिट जारी नहीं कर सकेगी। बस ऑपरेटरों को इससे सीधा असर पड़ेगा। जो लोग नए परमिट का इंतजार कर रहे थे, उन्हें अभी और रुकना होगा।
मामले की अगली सुनवाई इस बात पर निर्भर होगी कि सरकार तीन महीने में संशोधित अधिसूचना पेश करती है या नहीं। यह मामला परिवहन कारोबार से जुड़े हजारों लोगों को प्रभावित कर सकता है।
यह खबरें भी पढ़ें...
मध्यावधि 2026: ग्वालियर संभाग में न बीजेपी आगे, न कांग्रेस मजबूत, स्विंग सीटों का गढ़ बना
ग्वालियर सेंट्रल जेल में भ्रष्टाचार के नाम पर अधीक्षक से ब्लैकमेलिंग, 5 लाख की डिमांड
ग्वालियर में नाबालिग से दरिंदगी, गैंगरेप के बाद हत्याकर शव जलाया, तीन हिरासत में
सोनम कुशवाह हनी ट्रैप : मेरा ग्वालियर-मुरैना पुलिस से प्रेम है, लीक ऑडियो से हड़कंप
सरकार के एसटीए गठन पर उठे सवाल
उनके वकील एमपीएस रघुवंशी ने कोर्ट में दलील दी। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 68(2) साफ कहती है। किसी परिवहन उपक्रम में वित्तीय या प्रबंधकीय हित रखने वाला व्यक्ति एसटीए का अध्यक्ष या सदस्य नहीं बन सकता।
मनीष सिंह का नाम क्यों है विवाद में
पहले 28 मार्च 2025 की अधिसूचना में उन्हें सीधे सदस्य बनाने की कोशिश हुई थी। विवाद बढ़ा तो सरकार ने वह अधिसूचना रद्द कर दी। फिर 9 फरवरी 2026 की नई अधिसूचना में उन्हें विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह बदलाव भी कानून की भावना के खिलाफ है। उनका तर्क है कि इस तरह मनीष सिंह अप्रत्यक्ष रूप से एसटीए के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं।
परिवहन विभाग ने माना, हुई चूक
कोर्ट ने यह जवाब रिकॉर्ड पर लिया। इसके बाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने एसटीए गठन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी।
अभी नहीं मिलेगा बस परमिट
मामले की अगली सुनवाई इस बात पर निर्भर होगी कि सरकार तीन महीने में संशोधित अधिसूचना पेश करती है या नहीं। यह मामला परिवहन कारोबार से जुड़े हजारों लोगों को प्रभावित कर सकता है।
यह खबरें भी पढ़ें...
मध्यावधि 2026: ग्वालियर संभाग में न बीजेपी आगे, न कांग्रेस मजबूत, स्विंग सीटों का गढ़ बना
ग्वालियर सेंट्रल जेल में भ्रष्टाचार के नाम पर अधीक्षक से ब्लैकमेलिंग, 5 लाख की डिमांड
ग्वालियर में नाबालिग से दरिंदगी, गैंगरेप के बाद हत्याकर शव जलाया, तीन हिरासत में
सोनम कुशवाह हनी ट्रैप : मेरा ग्वालियर-मुरैना पुलिस से प्रेम है, लीक ऑडियो से हड़कंप
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari