एमपी में 4 महीने में 3 लाख लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा, इंदौर टॉप पर
Sourabh Bhatnagar | Jun 27, 2026, 12:01 IST
एमपी में 4 महीने में 3 लाख लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा
मध्यप्रदेश में जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच करीब तीन लाख लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा। इंदौर में अकेले 68 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा निशाने पर हैं। सरकारी तंत्र की लापरवाही साफ नजर आ रही है।
समझें क्या है पूरा मामला
- जनवरी से अप्रैल 2026 तक MP में 3 लाख लोग कुत्तों से घायल हुए।
- अकेले इंदौर में 68 हजार 200 से ज्यादा लोगों को कुत्तों ने काटा है।
- घायलों में सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं।
- नसबंदी और टीकाकरण केंद्र बेहद कम हैं, सिस्टम सुस्त है।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भी हालात नहीं बदले।
MP में आवारा कुत्तों का आतंक
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इंदौर सबसे ज्यादा प्रभावित
चार महीनों में सिर्फ 7 हजार 500 कुत्तों का टीकाकरण हो पाया। नसबंदी के दो केंद्रों से केवल 6 हजार 600 कुत्तों की नसबंदी हुई। जबकि शहर में आवारा कुत्तों की तादाद इससे कहीं ज्यादा है। यह अंतर बताता है कि समस्या की रफ्तार और सरकार की तैयारी में कितना फर्क है।
भोपाल और चंबल के हालात भी गंभीर
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चंबल संभाग की स्थिति सबसे खराब दिखती है अगर अनुपात देखें। वहां करीब 50 लाख की आबादी में से 56 हजार लोग कुत्तों से घायल हुए। यह संख्या दूसरे संभागों के मुकाबले सबसे ज्यादा है। वहीं जबलपुर संभाग में करीब 1.35 करोड़ लोगों में से 0.62 फीसद शिकार हुए, जो अपेक्षाकृत कम है।
दतिया, मुरैना और नर्मदापुरम भी पीछे नहीं
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बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा निशाने पर
सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी भी बेअसर
सिस्टम की लापरवाही कब तक?
FAQ
- MP में आवारा कुत्तों के काटने की समस्या कितनी बड़ी है?
जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच मध्यप्रदेश में करीब तीन लाख लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा। सबसे ज्यादा प्रभावित इंदौर है जहां 68,200 से अधिक लोग घायल हुए। चंबल, भोपाल, दतिया, मुरैना और नर्मदापुरम में भी हालात गंभीर हैं। घायलों में बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा हैं। - कुत्ते काटने के बाद सरकारी इलाज की क्या व्यवस्था है?
सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज इंजेक्शन दिए जाते हैं। लेकिन MP में यह सुविधा सभी जगह उपलब्ध नहीं है। कई पीड़ितों को अपनी जेब से इंजेक्शन लगवाने पड़ रहे हैं। इंदौर जैसे बड़े शहर में भी इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। - मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
इंदौर में दो नसबंदी केंद्रों से 6,600 कुत्तों की नसबंदी हुई और 7,500 का टीकाकरण हुआ। भोपाल में तीन केंद्र हैं और 10 हजार कुत्तों का टीकाकरण हो चुका है। लेकिन ये कदम जरूरत के मुकाबले बहुत कम हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भी समस्या जस की तस है।
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