दमोह में स्वदेशी मेले से मुस्लिम व्यापारियों को निकाला, भेदभाव का आरोप
Raj Singh | Nov 19, 2024, 12:17 IST
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दमोह में स्वदेशी मेले से मुस्लिम व्यापारियों को धर्म के आधार पर निकालने का आरोप लगा है। प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है। वहीं मेले में भाग लेने आए व्यापारी अब अपने स्टॉल बुकिंग और यात्रा खर्च के रिफंड की उम्मीद कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के दमोह में आयोजित स्वदेशी मेले का उद्देश्य स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना था। हालांकि, यह मेला अब भेदभाव के आरोपों की वजह से विवादों में है। मुस्लिम व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें मेले से सिर्फ उनके धर्म के आधार पर बाहर निकाल दिया गया।
दमोह के तहसील ग्राउंड में 14 अक्टूबर से मेला शुरू हुआ था। यह 24 नवंबर तक चलने वाला है। इसे स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित किया गया है। मंच के पोस्टरों में समानता, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता जैसे आदर्शों को प्रमुखता से दिखाया गया, लेकिन मुस्लिम व्यापारियों के निष्कासन ने आयोजकों की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यह एक निजी आयोजन है और इसमें भागीदारी तय करने का अधिकार आयोजकों का है। हालांकि, हमने अधिकारियों को मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। यदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
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मेले में भाग लेने आए व्यापारी अब अपने स्टॉल बुकिंग और यात्रा खर्च के रिफंड की उम्मीद कर रहे हैं। मुस्लिम व्यापारियों ने कहा कि रिफंड की प्रक्रिया से ही मेले की विश्वसनीयता बहाल हो सकती है।
दमोह के तहसील ग्राउंड में 14 अक्टूबर से मेला शुरू हुआ था। यह 24 नवंबर तक चलने वाला है। इसे स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित किया गया है। मंच के पोस्टरों में समानता, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता जैसे आदर्शों को प्रमुखता से दिखाया गया, लेकिन मुस्लिम व्यापारियों के निष्कासन ने आयोजकों की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुस्लिम व्यापारियों ने लगाए ये आरोप
मेले में शामिल होने आए मुस्लिम व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने स्टॉल बुकिंग और भागीदारी शुल्क का भुगतान किया था। बावजूद इसके, उन्हें आयोजकों द्वारा कहा गया कि मुसलमानों को अनुमति नहीं है। आगरा के व्यापारी मोहम्मद राशिद ने दावा किया कि मेरा नाम पूछने के बाद मेरी दुकान बंद कर दी गई। हमारी 10 दुकानें थीं, लेकिन हमें सब बंद करने को कहा गया। कुछ ऐसा ही लखनऊ के व्यापारी शब्बीर ने कहा कि हमसे दुकानें लगाने से मना कर दिया गया और वहां से चले जाने को कहा गया। भदोही के व्यापारी वकील अहमद ने कहा कि लगभग 15-20 मुस्लिम व्यापारियों को बाहर कर दिया गया।
गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई- प्रशासन
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रिफंड की उम्मीद में व्यापारी
FAQ
- स्वदेशी मेले में मुस्लिम व्यापारियों के साथ क्या हुआ?
मुस्लिम व्यापारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें धर्म के आधार पर मेले से बाहर कर दिया गया। - स्वदेशी जागरण मंच का इस मामले पर क्या कहना है?
स्वदेशी जागरण मंच ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। - दमोह कलेक्टर ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर ने मामले की जांच का आश्वासन दिया और कहा कि यह एक निजी आयोजन है। - व्यापारियों को रिफंड मिलने की संभावना है?
व्यापारियों ने रिफंड की उम्मीद जताई है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। - स्वदेशी मेले का उद्देश्य क्या था?
इस मेले का उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना और स्थानीय उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित करना था।
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