द सूत्र पड़ताल : E-Attendance पर शिक्षकों का बहाना या कोई और बना रहा निशाना
Sanjay Sharma | Jan 21, 2026, 23:17 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी (E-Attendance) पर बवाल मचा है। शिक्षक इसे साइबर ठगी का कारण बता रहे हैं, जबकि एक्सपर्ट्स ने दावों की पोल खोल दी है।
News in Short
- मध्य प्रदेश के शिक्षक ई-अटेंडेंस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे हैं।
- साइबर ठगी, सर्वर और नेटवर्क की समस्या के आधार पर लगाई है याचिका।
- स्कूल पहुंचकर मोबाइल एप्लीकेशन पर दर्ज करनी होती है शिक्षकों को हाजिरी।
- शिक्षकों के विरोध को स्कूल शिक्षा विभाग बहाना बताकर टालती रही है आरोप।
- साइबर ठगी की असल वजह को लेकर `द सूत्र` ने साइबर एक्सपर्ट जानी हकीकत।
News in DETAIL
ई-अटेंडेंस अब दूसरे विभागों सहित पूरे सरकारी सिस्टम के लिए अहम होने जा रही है। ऐसे में शिक्षकों के आरोपों को लेकर `द सूत्र` ने पड़ताल की है। इसमें शिक्षकों से उनकी समस्याओं के साथ ही द सूत्र ने इस गंभीर मामले को लेकर साइबर एक्सपर्ट से तकनीकी जानकारी जुटाई तो कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
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हाईकोर्ट में ई-अटेंडेंस को चुनौती
हाईकोर्ट में पेश की गई याचिका में शिक्षकों के आरोप कितने मजबूत हैं और सरकारी की दलीलें कितनी असरदार हैं यह जानना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह ई-अटेंडेंस की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। बीते पांच सालों में साइबर ठगी की वारदातें तेजी से बढ़ी हैं। लिंक, ओटीपी, क्यूआर कोड के जरिए बदमाश लोगों को शिकार बना रहे हैं। इसके अलावा साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट को भी बड़ा हथियार बना लिया है।
शिक्षकों के दावों में कितनी सच्चाई
इंटरनेट के जरिए ठगी की ऐसी वारदातों का हवाला देकर शिक्षक ई-अटेंडेंस से बचने की कोशिश कर रहे हैं। द सूत्र की पड़ताल में सामने आया है कि साइबर ठगी ई- अटेंडेंस के कारण नहीं X-अटेंडेंस के चक्कर में हो रही है।
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मनोरंजन के चक्कर में फंस रहे शिक्षक
ऐसे एप्लीकेशन निजी उपयोग के लिए होते हैं। उनसे डेटा चोरी आसान नहीं है। ज्यादातर लोग सोशल साइट्स पर मनोरंजन के चक्कर में साइबर बदमाशों के जाल में फंसते हैं, क्योंकि ये साइट्स और एप्लीकेशन उतनी सुरक्षित नहीं होती। इन साइट्स पर सक्रियता उनकी X-अटेंडेंस होती है।
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इसका उपयोग वे बैंक अकाउंट से रुपए उड़ाने या डिजिटल अरेस्ट के जरिए ब्लैकमेल या धमकाते हुए वसूली करने में करते हैं। शिक्षक ई- अटेंडेंस के कारण ठगी के आरोप लगा रहे हैं लेकिन मध्य प्रदेश में साइबर ठगी की वारदातों में शिक्षकों के साथ हुई वारदातों का आंकड़ा बहुत छोटा है।
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शिक्षकों से ठगी के ये हैं मामले
2. रतलाम के शिक्षक से साइबर बदमाशों ने 1.35 करोड़ रुपए की ठगी की है। बदमाशों ने शिक्षक की इंटरनेट पर सक्रियता का फायदा उठाकर उसे डिजिटल अरेस्ट कर पुलिस द्वारा गिरफ्तारी का भय दिखाया। भयभीत शिक्षक ने मकान बेंचकर रुपए ट्रांसफर करने मजबूर हो गया।
3. मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में महिला शिक्षक डिजिटल अरेस्ट से घबराकर आत्महत्या तक कर चुकी है। महिला शिक्षक रेशमा पांडे को पुलिस की वर्दी में वीडियो भेजकर गिरफ्तारी का भय दिखाकर बदमाशों ने 50 हजार रुपए मांगे थे। महिला केवल 22 हजार रुपए का इंतजाम कर पाई और घबराकर जान दे दी।
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