Kamalnath के राइट हैंड Deepak Saxena ने ऐन मौके पर दिया झटका
BHOPAL. छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी सांसद नकुलनाथ ( Nakulnath ) ने आज मंगलवार को सुबह लगभग 11 बजे स्थानीय जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन ( nomination ) दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व सांसद अलका नाथ और नकुलनाथ की पत्नी प्रिया नाथ मौजूद रही। इस बीचे कमलनाथ के सबसे करीबी नेता दीपक सक्सेना ( Deepak Saxena ) नकुलनाथ की नामांकन रैली में दिखाई नहीं दिए, वहीं उनके बड़े बेटे जय सक्सेना ( Jai Saxena ) नामांकन रैली में दिखाई दिए।
ये खबर भी पढ़िए...व्यापमं घोटाले में जेल गए नानेश को कांग्रेस ने बनाया जिलाध्यक्ष
नहीं पहुंचे दीपक सक्सेना
पूर्व सीएम कमलनाथ के सबसे करीबी और राइट हैंड माने जाने वाले दीपक सक्सेना ( Deepak Saxena ) कांग्रेस ( Congress ) में बने रहेंगे। बीते सोमवार को कमलनाथ से मुलाकात के बाद वे मान गए थे। कमलनाथ के सबसे करीबी और पूर्व कैबिनेट मंत्री दीपक सक्सेना के नकुलनाथ के प्रस्तावक बनने की चर्चाएं सोमवार को चल रही थी। यह बात भी सामने आ रही थी कि कमलनाथ ने उन्हें मना लिया है। लेकिन नामांकन दाखिल करते समय पूर्व कैबिनेट मंत्री दीपक सक्सेना कहीं नजर नहीं आए। जिसके बाद सियासी गलियारों में कई तरह से चर्चाए तेज हो गई है ।
ये खबर भी पढ़िए...नकुलनाथ ने छिंदवाड़ा से दाखिल किया नामांकन, कमलनाथ बोले होगी सच्चाई की जीत
जीतू पटवारी और सिंघार छिंदवाड़ा पहुंचे
नकुलनाथ नामांकन के दाखिल करने के बाद निकाली जाने वाली रैली और जनसभा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी व नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार तथा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ श्याम टॉकीज क्षेत्र से नामांकन रैली में शामिल हुए।
दीपक के बेटे अजय ने ज्वॉइन की बीजेपी
दीपक सक्सेना के बेटे अजय सक्सेना की भाजपा ज्वाइन करने से कुछ घंटे पहले दीपक सक्सेना ने कांग्रेस के सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया था। दीपक सक्सेना के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस गलियारे में खलबली मची हुई है। हालांकि दीपक सक्सेना का कहना है कि वह भाजपा ज्वाइन नहीं करेंगे, लेकिन उनका पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देना कांग्रेस के लिए बड़े झटके से कम नहीं था। लगातार कांग्रेस के बड़े नेताओं का पार्टी से मोहभंग होना लोकसभा चुनाव के लिहाज से सही नहीं है। वहीं रूठे दीपक सक्सेना को पूर्व सीएम कमलनाथ ने चर्चा के लिए कमलकुंज बुलाया। जहां उन्होंने दीपक सक्सेना से विस्तार से चर्चा की। इसके बाद वे मान गए थे।
ये खबर भी पढ़िए...विधानसभा उपचुनाव के लिए भी बीजेपी के प्रत्याशी घोषित
प्रदेश अध्यक्ष को भेजा था इस्तीफा
पूर्व मंत्री एवं कमलनाथ के वफादार माने जाने वाले दीपक सक्सेना ने 21 मार्च को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को इस्तीफा दे दिया था। दीपक सक्सेना ने लिखा है कि जीतू भाई मैं 1974 से कांग्रेस का सदस्य रहा हूं। सन 1990 से 7 बार विधानसभा चुनाव लड़ा और कॉआपरेटिव बैंक का अध्यक्ष रहा। दिग्विजय सिंह के साथ कांग्रेस कमेटी में सह सचिव पद पर भी रहा। मुझे किसान परिवार के छोटे व्यक्ति को जो दायित्व दिया गया था, उसके लिए मैं ऋणी रहूंगा।