सिंहस्थ की तैयारी, महाकाल क्षेत्र में विकास के लिए यूडीए लेगा 645 करोड़ का कर्ज
Pawan Modiya | Jul 15, 2026, 17:47 IST
यूडीए का सबसे बड़ा फैसला
उज्जैन विकास प्राधिकरण महाकाल क्षेत्र के विकास के लिए 645 करोड़ रुपए का कर्ज लेगा। सिंहस्थ-2028 की तैयारी के लिए बैंकों से सबसे कम ब्याज दर मांगी गई है।
समझें क्या है पूरा मामला
- उज्जैन विकास प्राधिकरण महाकाल क्षेत्र के लिए बड़ा कर्ज लेने जा रहा है।
- यह राशि 645 करोड़ रुपए है और सिंहस्थ-2028 की तैयारी के लिए है।
- यूडीए ने बैंकों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट यानी ईओआई मांगा है।
- सबसे कम ब्याज देने वाले बैंक को यह कर्ज देने का मौका मिलेगा।
- महाकाल क्षेत्र के लिए इतना बड़ा बैंक लोन पहली बार लिया गया।
क्यों लिया जा रहा कर्ज
यूडीए का कहना है कि सिंहस्थ-2028 से पहले महाकाल क्षेत्र में बड़ा बदलाव होगा। सड़कों का विस्तार, यात्री सुविधाएं और सार्वजनिक अधोसंरचना जैसे काम शामिल हैं। मंदिर क्षेत्र से जुड़े विकास कार्य भी समय पर पूरे करने हैं। इसीलिए पहले वित्तीय संसाधन तैयार किए जा रहे हैं। यूडीए नहीं चाहता कि पैसों की कमी से किसी काम की रफ्तार धीमी हो। इसलिए कर्ज की प्रक्रिया अभी से शुरू कर दी गई है। आगे चलकर धन की कमी समस्या न बने। इसी सोच से यह कदम उठाया गया। सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन में देरी की गुंजाइश नहीं रहती।
बैंक चयन की शर्तें क्या हैं
यूडीए का मानना है कि कम ब्याज दर से लंबे समय में फायदा होगा। इससे प्राधिकरण पर वित्तीय बोझ भी कम रहेगा। साथ ही विकास कार्य तय समय सीमा में पूरे हो सकेंगे। प्रतिस्पर्धी ब्याज दर से पैसों की बचत भी संभव है। यही वजह है कि कई बैंकों को इस प्रक्रिया में बुलाया गया है। बड़े सरकारी प्रोजेक्ट में ब्याज दर का मामूली अंतर भी बड़ी रकम बनाता है। इसलिए यूडीए ने पारदर्शी तरीके से बैंक चुनने का रास्ता अपनाया है। हर इच्छुक बैंक को अपनी शर्तें खुलकर सामने रखनी होंगी। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और प्राधिकरण को बेहतर विकल्प मिलेंगे।
पहली बार हो रहा ऐसा प्रयास
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर
जरूरी FAQ
यूडीए 645 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रहा है। यह राशि सिंहस्थ-2028 से पहले महाकाल क्षेत्र के विकास पर खर्च होगी। इसमें सड़कों का विस्तार, यात्री सुविधाएं और सार्वजनिक अधोसंरचना जैसे काम शामिल हैं। यह पैसा इंटीग्रेटेड टेंपल इकोसिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत उपयोग होगा।
एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) से क्या तय होगा?
इस प्रक्रिया से यूडीए सबसे कम ब्याज दर देने वाले बैंक का चुनाव करेगा। यह किसी निर्माण एजेंसी को चुनने की प्रक्रिया नहीं है। इच्छुक बैंकों को 91 दिन के ट्रेजरी बिल, एमसीएलआर या रेपो रेट के आधार पर ब्याज दर और स्प्रेड बताना होगा। जिस बैंक की शर्तें सबसे बेहतर होंगी, उसे कर्ज देने का काम मिलेगा।
यह कर्ज लेने की जरूरत क्यों पड़ी?
सिंहस्थ-2028 में करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन आने वाले हैं। इससे पहले महाकाल क्षेत्र में बड़े स्तर पर विकास कार्य पूरे करने हैं। यूडीए नहीं चाहता कि पैसों की कमी से किसी काम की रफ्तार धीमी हो। इसलिए वित्तीय संसाधन पहले से सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
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