उज्जैन महाकाल मंदिर में पुजारी की नियुक्ति पर शर्मा परिवार में विवाद, हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Sanjay Gupta | Sootr Creatives | Oct 31, 2026, 11:48 IST
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महाकाल मंदिर में पुजारी पद पर विवाद! हाईकोर्ट ने रोकी नियुक्ति, एक ही परिवार के सदस्य आमने-सामने
महाकाल मंदिर में पुजारी पद पर विवाद! हाईकोर्ट ने रोकी नियुक्ति, एक ही परिवार के सदस्य आमने-सामने

उज्जैन के महाकाल मंदिर में पुजारी की नियुक्ति पर विवाद बढ़ गया है। वंशानुगत पुजारी शर्मा परिवार के सदस्य इस मामले में आमने-सामने हैं। मामला पुजारी कमल शर्मा के प्रतिनिधि की नियुक्ति से जुड़ा है। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने पुजारी मंगल शर्मा के पक्ष में आदेश दिया था। इसके खिलाफ पुजारी विनायक और देवेंद्र शर्मा ने रिट अपील लगाई थी।

अब हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने उनकी अपील मंजूर कर ली है। साथ ही सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी है। सिंहस्थ 2028 से पहले इस विवाद ने फिर जोर पकड़ लिया है।

मंगल शर्मा के पक्ष में क्या हुआ

मंगल शर्मा ने हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका लगाई थी। उन्होंने खुद को पुजारी कमल शर्मा का दत्तक पुत्र बताया था। महाकाल प्रबंधन समिति जनवरी 2023 में मंगल शर्मा की नियुक्ति पर सहमत थी। इसके बावजूद पुजारी की नियुक्ति नहीं की गई। इस मामले में उज्जैन कलेक्टर और समिति के अध्यक्ष ने जवाब दिया है। उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि मंगल शर्मा को पुजारी नियुक्त करेंगे। इसके लिए जनवरी 2023 के फैसले का पालन किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद मामला निराकृत हो गया है।

विनायक और देवेंद्र ने की रिट अपील

इसके बाद धर्मराज शर्मा के बेटे विनायक शर्मा और देवेंद्र शर्मा कोर्ट पहुंचे। दोनों ने इस मामले में रिट अपील दाखिल की है। इसमें मंगल शर्मा, उज्जैन कलेक्टर और महाकाल प्रबंध समिति को पक्षकार बनाया है। दोनों ने दावा किया कि पुजारी बनने का वंशानुगत अधिकार उनका है।

उनका कहना है कि मंगल शर्मा अकेले उत्तराधिकारी नहीं हैं। मंगल शर्मा की याचिका में उन्हें पक्षकार भी नहीं बनाया गया है। इस कारण कोर्ट में सिर्फ एक पक्ष की बात रखी गई। दोनों ने कोर्ट से इस आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील मुदित माहेश्वरी ने दलीलें पेश कीं हैं। दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही सभी पक्षों से जवाब मांगा है।

क्या है शर्मा परिवार में विवाद

उज्जैन के महाकाल मंदिर में शर्मा परिवार पीढ़ियों से पूजा करता है। स्वर्गीय मांगीलाल शर्मा के बाद लक्ष्मीनारायण शर्मा ने यह परंपरा संभाली है। दोनों मंदिर में जनेऊपाती पुजारी रहे हैं। लक्ष्मीनारायण के चार बेटे और एक बेटी हैं। बेटों में धर्मराज, राजेश, कमल और प्रमोद शर्मा शामिल हैं। उनकी बेटी का नाम बीना शर्मा है।

अब इसी परिवार में पुजारी प्रतिनिधि की नियुक्ति पर विवाद है। विवाद धर्मराज के बेटों देवेंद्र और विनायक शर्मा से जुड़ा है। दूसरी तरफ कमल शर्मा के दत्तक पुत्र मंगल शर्मा हैं। मंगल रिश्ते में कमल के भतीजे भी हैं। वह कमल की बहन बीना शर्मा के बेटे हैं।

याचिकाकर्ता देवेंद्र और विनायक का कहना है कि कमल अविवाहित थे। इसलिए परिवार की सहमति से उन्हें पुजारी बनाया गया था। अब कमल के पुजारी प्रतिनिधि की नियुक्ति होनी है। इसके लिए आवेदन बुलाए गए थे। इस दौरान मंगल शर्मा के नाम पर सहमति बनी थी। लेकिन उनके नाम पर आपत्ति आने के बाद रोक लग गई।

देवेंद्र और विनायक का आरोप है कि मंगल परंपरागत उत्तराधिकारी नहीं हैं। उनका कहना है कि मंगल परिवार की बेटी के बेटे हैं। कमल शर्मा ने मंगल को अपना दत्तक पुत्र बनाया है। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, गोद लेने की उम्र 15 साल से कम होनी चाहिए। लेकिन गोद लिए जाते समय मंगल की उम्र 29 साल थी।

याचिकाकर्ताओं ने राजेश और प्रमोद शर्मा पर भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों मंगल का साथ दे रहे हैं। मंगल के गोद लिए जाने का मामला जिला कोर्ट में है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि हाईकोर्ट से ये बातें छिपाई गईं। इसी आधार पर वे मंगल की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि मंगल पुजारी प्रतिनिधि नहीं बन सकते।

महाकाल मंदिर के पुजारी ने धीरेंद्र शास्त्री और अवधेशानंद गिरि से संतों की कमाई पर उठाए सवाल! | Mahakal Temple Priest Questions Saints' Earnings, Writes to Dhirendra Shastri and Avdheshanand Giri!
संतों की कमाई पर महाकाल मंदिर के पुजारी ने उठाए सवाल! धीरेंद्र शास्त्री और अवधेशानंद गिरि को लिखा पत्र
23 Oct 2026 ,
By Sandeep Kumar
उज्जैन के महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने दो प्रमुख संतों को पत्र लिखा है। इनमें धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और स्वामी अवधेशानंद गिरि शामिल हैं। उन्होंने संतों के धन संग्रह और होटल कारोबार पर सवाल उठाए हैं। सिंहस्थ में सरकारी सहायता मांगने पर भी आपत्ति जताई है। साथ ही धार्मिक परंपराओं में बदलाव पर चिंता व्यक्त की है।
उज्जैन के महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने दो प्रमुख संतों को पत्र लिखा है। इनमें धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और स्वामी अवधेशानंद गिरि शामिल हैं। उन्होंने संतों के धन संग्रह और होटल कारोबार पर सवाल उठाए हैं। सिंहस्थ में सरकारी सहायता मांगने पर भी आपत्ति जताई है। साथ ही धार्मिक परंपराओं में बदलाव पर चिंता व्यक्त की है।

सभी विवादों के बाद रोक

हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई दो जजों की बेंच ने की है। इसमें जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई शामिल थे। दोनों जजों ने सभी पक्षों की बातें सुनीं है। इसके बाद पुजारी की नियुक्ति पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में विवाद है। इसलिए पहले सभी पक्षों से जवाब लेना जरूरी है। जवाब आने के बाद ही मामले की आगे सुनवाई होगी। तब तक सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगी रहेगी। यानी फिलहाल किसी नए पुजारी की नियुक्ति नहीं हो सकेगी।

FAQ

  1. उज्जैन के महाकाल मंदिर में पुजारी नियुक्ति को लेकर क्या विवाद है?
    महाकाल मंदिर के वंशानुगत पुजारी शर्मा परिवार में पुजारी प्रतिनिधि की नियुक्ति को लेकर विवाद है। मंगल शर्मा की नियुक्ति का विरोध परिवार के विनायक शर्मा और देवेंद्र शर्मा कर रहे हैं, जिन्होंने अपने वंशानुगत अधिकार का दावा किया है।
  2. महाकाल मंदिर पुजारी विवाद में हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया है?
    हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मंगल शर्मा की नियुक्ति से जुड़े सिंगल बेंच के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले में सभी संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है और विवाद का अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
  3. क्या मंगल शर्मा को पुजारी नियुक्त किया जाएगा?
    मंगल शर्मा की पुजारी नियुक्ति का मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों से जवाब मांगा है और तब तक उनके नाम पर नियुक्ति नहीं की जा सकेगी।
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