मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर एमपी के रिटायर्ड अफसर से 69 लाख की ठगी, 23 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट, ऐसे खुला मामला
Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 31, 2026, 12:11 IST
मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (एमपीईबी) के रिटायर्ड अफसर से लाखों रुपए की ठगी हुई।
मध्य प्रदेश के विदिशा में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर रिटायर्ड अधिकारी को निशाना बनाया है। उन्हें 23 दिनों तक आरोपियों ने डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान 69.27 लाख रुपए ट्रांसफर कराए गए। आरोप है कि स्कैमरों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी थी। इसके बाद उनसे पैसे ठगते चले गए।
पुलिस अफसर बताकर की गई ठगी
इसके बाद आरोपी ने पीड़ित को गिरफ्तारी का डर दिखाया। उसने कहा कि जांच पूरी होने तक पीड़ित को निगरानी में रहना होगा। इसके बाद ठगों ने उन्हें वीडियो कॉल पर रखा। ठगों ने लगातार उनसे संपर्क में रहता था।
23 दिन तक हाउस अरेस्ट रखा गया
अकाउंट होल्ड, 23 लाख रुपए बचे
सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट पर उठाए सवाल
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में तीन जजों की बेंच बैठी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जागरूकता अभियानों का भी जिक्र किया। कोर्ट ने पूछा कि जागरूकता के बाद भी लोग क्यों फंस रहे हैं। CJI सूर्यकांत ने पीड़ितों को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि लोग ऐसे जाल में कैसे फंस जाते हैं। क्या उन्हें जनरल बातें भी समझ नहीं आती? मोबाइल पर गिरफ्तारी का डर दिखाना कैसे संभव है?
कोर्ट ने बैंकों के कामकाज पर भी सवाल उठाए हैं। उसने पूछा कि बैंक अचानक बड़े लेनदेन की अनुमति कैसे देते हैं। क्या बैंक बिना जरूरी जांच के पैसे ट्रांसफर होने देते हैं? कोर्ट ने बुजुर्गों के खातों पर खास चिंता जताई। ऐसे खातों से बड़ी रकम निकलने पर भी सवाल उठाए हैं।
डिजिटल अरेस्ट क्या होता है?
ठग कहते हैं कि पीड़ित का नाम किसी अपराध में आया है। वे आधार कार्ड या बैंक खाते के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाते हैं। कई बार मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स तस्करी की बात करते हैं। इन आरोपों से पीड़ित को डराने की कोशिश होती है।
इसके बाद ठग वीडियो कॉल शुरू कर देते हैं। वे पीड़ित को लगातार कॉल पर बने रहने को कहते हैं। कई बार घंटों तक उन्हें कॉल पर रखा जाता है। कुछ मामलों में यह सिलसिला कई दिनों तक चलता है। इस दौरान पीड़ित को किसी से बात नहीं करने देते। उन्हें बताया जाता है कि उनके खिलाफ जांच चल रही है।
साइबर ठगी से ऐसे बचें
FAQs
- विदिशा में रिटायर्ड अधिकारी के साथ कितने रुपए की ठगी हुई?
पीड़ित के साथ कुल 69 लाख रुपए की ठगी हुई है। - ठगों ने पीड़ित को कितने दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा?
ठगों ने पीड़ित को 23 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर रखा। - डिजिटल अरेस्ट की शिकायत कहां कर सकते हैं?
डिजिटल अरेस्ट की शिकायत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर की जा सकती है।
पंचायत चुनाव में महिलाओं का दबदबा, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की सास भी बनीं सरपंच
By Jageshwar Prasad
राजस्थान पुलिस में 37 पूर्व अग्निवीरों को नौकरी का मौका, 15 जिलों के अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति ऑफर
By Jyoti Mahender Bhardwaj
उज्जैन महाकाल मंदिर में पुजारी की नियुक्ति पर शर्मा परिवार में विवाद, हाईकोर्ट ने लगाई रोक
By Sanjay Gupta
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिलेंगे 6 नए जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी, जानें कौन हैं ये नाम
By Harrison Masih
MP के 300 कॉलेजों में होगी खेती की पढ़ाई: छात्रों को सिखाएंगे स्मार्ट फार्मिंग और मौसम की तकनीक
By Arohi Raj
'प्यार से दें तो रख लेता हूं' कहने वाले इंजीनियर सस्पेंड, रिश्वत पर बयान देना पड़ा भारी, लोकायुक्त ने की कार्रवाई
By Manya Jain
बिना परीक्षा दिए ही बच्चों की मार्कशीट में भर दिए ग्रेड, 13 लाख छात्रों की पढ़ाई पर उठे सवाल
By Harrison Masih