विधानसभा सचिवालय ने गठित किया अधिवक्ताओं का पैनल, हाईकोर्ट में देखेंगे प्रशासनिक मामले

Neel Tiwari | Jan 22, 2026, 17:20 IST
vidhan sabha secretariat advocates panel
मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने जबलपुर हाईकोर्ट में विशेष पैनल गठित किया। पैनल सचिवालय से जुड़े विवादों की पैरवी करेगा। कार्यकाल एक साल का होगा।

News in Short

विधानसभा सचिवालय ने 12 वरिष्ठ अधिवक्ताओं का पैनल गठित किया।


हाईकोर्ट जबलपुर में प्रशासनिक व स्थापना मामलों की पैरवी।


पैनल का कार्यकाल एक वर्ष के लिए निर्धारित।


केस आवंटन सचिवालय के पूर्ण विवेक पर।


विधायी मामलों की पैरवी AG कार्यालय करेगा, बिना अतिरिक्त शुल्क।



News in Detail

मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने हाईकोर्ट जबलपुर में विशेष पैनल गठित किया है। यह पैनल प्रशासनिक और स्थापना संबंधी मामलों की पैरवी करेगा। पैनल केवल सचिवालय से जुड़े विवादों तक सीमित रहेगा। विधायी कार्य और सदन से जुड़े मामले इससे अलग होंगे।



वरिष्ठ अधिवक्ताओं की टीम

इस पैनल में कुल 12 वरिष्ठ अधिवक्ताओं को विभिन्न श्रेणियों में शामिल किया गया है। महाधिवक्ता (स्पेशल काउंसिल) के रूप में प्रशांत सिंह को नामित किया गया है। अतिरिक्त महाधिवक्ता (Sr. Group A) के रूप में हरप्रीत सिंह रूपराह को रखा गया है। अतिरिक्त अधिवक्ता (Sr. Group A) के तौर पर नीलेश यादव और अधिवक्ता (Sr. Group A) के रूप में आकाश चौधरी को शामिल किया गया है।





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अलग-अलग ग्रुप में अधिवक्ताओं की नियुक्ति

पैनल में उप महाधिवक्ता (Sr. Group B) के रूप में ब्रह्मदत्त सिंह, स्वप्निल गांगुली और विवेक शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अधिवक्ता (Sr. Group B) में सौरभ सुंदर को रखा गया है। इसके अलावा अधिवक्ता (Sr. Group C) श्रेणी में विक्रम सिंह, गोपी चौरसिया, आर.बी.एस. चौहान और सचिन जैन को पैनल का हिस्सा बनाया गया है।



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संविदात्मक नियुक्ति और एक वर्ष का कार्यकाल

सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि यह नियुक्ति पूरी तरह व्यावसायिक और संविदात्मक प्रकृति की है। पैनल का कार्यकाल एक वर्ष के लिए होगा। यदि तय अवधि के बाद नवीनीकरण नहीं किया गया, तो यह स्वतः समाप्त माना जाएगा। प्रकरणों का आवंटन पूरी तरह से विधानसभा सचिवालय के विवेक पर निर्भर रहेगा।



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भुगतान शुल्क और दायरा तय

अधिवक्ताओं को निर्धारित दरों पर शुल्क दिया जाएगा। यह पैनल विधायी कार्यों या सदन से जुड़े मामलों में पैरवी नहीं करेगा। ऐसे मामलों की पैरवी महाधिवक्ता कार्यालय करेगा। यह पैरवी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के की जाएगी।



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आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। आदेश विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव के अनुमोदन से जारी हुआ। इसकी प्रतिलिपि विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय और संबंधित अधिवक्ताओं को भेजी गई है। यह कदम सचिवालय के प्रशासनिक मामलों में विधिक मजबूती प्रदान करेगा।





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