एमपी में फिर एक्टिव होगी एससीईआरटी, सिलेबस में शामिल होंगी प्रदेश की भाषाएं, नदियां और पुरातत्व स्थल
Aman Vaishnav | Jan 22, 2026, 14:21 IST
mp scert reactivation new education policy
एमपी में अब स्कूली शिक्षा का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। राज्य सरकार ने SCERT को फिर से एक्टिव करने का फैसला लिया है। अब 2027-28 से स्कूलों के सिलेबस में स्थानीय विषय भी शामिल किए जाएंगे।
News In Short
- एमपी में काफी समय में बंद SCERT को फिर से एक्टिव करने का फैसला लिया गया है।
- इसके लिए पहली से आठवीं का सिलेबस अब अपडेट हो जाएगा।
- 2027-28 से पाठ्यक्रम में स्थानीय विषय शामिल होंगे।
- 18 जिलों की डाइट (जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान) को एक्सीलेंस केंद्र बनाएंगे।
- अब सिलेबस में बुंदेली और बघेली जैसी लोकभाषाओं की पढ़ाई होगी।
News In Detail
एससीईआरटी की नई शुरुआत
इससे पाठ्यक्रम बनाने और शोध में मजबूती आएगी। अब शिक्षक प्रशिक्षण पर भी ज्यादा ध्यान दिया जाएगा और इसकी पुरानी भूमिका को नई दिशा दी जाएगी।
स्थानीय विषयों पर रहेगा जोर
एनसीईआरटी के साथ तालमेल
उदाहरण के तौर पर, अगर मणिपुर का कोई उदाहरण दिया जाता है, तो उसे एमपी से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। साथ ही, प्रदेश के पुरातत्व स्थलों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इससे बच्चों का सामान्य ज्ञान काफी बढ़ेगा।
डाइट बनेंगे एक्सीलेंस सेंटर
विशेषज्ञों की ली जाएगी मदद
इसके लिए हर विषय के कोर ग्रुप एससीईआरटी स्तर पर बनाए जाएंगे, जिसमें अनुभवी शिक्षक और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल होंगे। साथ ही, एससीईआरटी में जो लंबे समय से पद खाली पड़े हैं, उन्हें भरा जाएगा। तब तक, स्थानीय शिक्षा विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।
लोकभाषाओं को मिलेगा सम्मान
इसमें मध्यप्रदेश के लोकगायन और बुंदेली, बघेली जैसी लोकभाषाओं को भी शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा, कालगणना में मध्यप्रदेश का महत्व, उसके पुरातत्व स्थल और नदियों को भी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
राज्य शिक्षा केंद्र के अपर संचालक शीतांशु शुक्ला ने बताया कि एससीईआरटी के फिर से सक्रिय होने से क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी बनाया जाएगा, जहां शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा सकेगी।
Sootr Knowladge
SCERT क्या होता है ?
- SCERT का पूरा नाम राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद है।
- यह राज्य स्तर पर स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए काम करने वाली एक प्रमुख संस्था है।
- जैसे NCERT केंद्र स्तर पर काम करती है, वैसे ही SCERT राज्य स्तर पर शिक्षा से जुड़ी नीतियां लागू करती है।
- SCERT राज्य के स्कूलों के लिए पाठ्यचर्या, पाठ्यपुस्तकें और शिक्षण सामग्री तैयार करती है।
- यह शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए नए शिक्षण तरीकों और मूल्यांकन प्रणालियों पर शोध करती है।
- SCERT राज्य सरकार के शिक्षा विभाग को शैक्षिक मामलों में सलाह और सहायता प्रदान करती है
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