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Photograph: (the sootr)
News In Short
- कोटा में रीट परीक्षा के दौरान हिजाब पहनने पर छात्रा अलीशा को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से रोका गया।
- अलीशा ने हिजाब उतारने के आदेश का विरोध करते हुए परीक्षा छोड़ दी।
- सुरक्षा कर्मियों ने हिजाब उतारकर छात्रा की तलाशी ली, लेकिन कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।
- अलीशा का आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर मौखिक आदेश जारी कर हिजाब उतारने के लिए कहा गया।
- अलीशा ने बताया कि पहले भी हिजाब पहनकर वह कई परीक्षाओं में भाग ले चुकी थी।
News In Short
राजस्थान के कोटा शहर में रीट मेन्स लेवल-2 परीक्षा के दौरान एक छात्रा को हिजाब पहनने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश से रोका गया है। यह मामला महावीर नगर स्थित तिलक स्कूल के परीक्षा केंद्र का है। जहां बूंदी की निवासी छात्रा अलीशा को हिजाब उतारने को कहा गया, लेकिन उसने परीक्षा ही छोड़ दी।
हिजाब उतारने का किया विरोध
बताया जाता है कि अलीशा कोटा के महावीर नगर स्थित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने के लिए पहुंची थी। यहां सुरक्षा अधिकारियों ने उसे हिजाब उतारने को कहा। हालांकि, छात्रा का कहना था कि उसका प्रवेश पत्र हिजाब के साथ था और इससे पहले वह कई परीक्षाओं में हिजाब पहनकर भाग ले चुकी थी। इस दौरान छात्रा ने अपनी स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा, मैंने परीक्षा इसलिए छोड़ दी, क्योंकि यह मेरे स्वाभिमान का मामला था।
महिला सुरक्षा कर्मियों ने ली तलाशी
अलीशा ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर मौजूद महिला सुरक्षाकर्मियों ने उसकी पूरी तलाशी ली और हिजाब खोलकर जांच की। सुरक्षाकर्मियों को कोई भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। फिर भी उसे परीक्षा केंद्र में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। छात्रा ने कहा कि सिर खोले हुए परीक्षा देना उसके लिए अपमानजनक था और यह उसके आत्मसम्मान से जुड़ा हुआ था।
नियमों का उल्लंघन
अलीशा ने यह आरोप भी लगाया कि बोर्ड की गाइडलाइंस में साफ लिखा है कि दुपट्टा और चुन्नी पहनकर परीक्षा दी जा सकती है। इसके बावजूद परीक्षा केंद्र पर मौखिक आदेश जारी कर उसे हिजाब उतारने को कहा गया। उसने यह भी बताया कि उसके प्रवेश पत्र में जो फोटो लगी है, वह हिजाब में है।
परीक्षा की तैयारी में था कठिन परिश्रम
अलीशा राजस्थान में बूंदी जिले के सावतगढ़ की रहने वाली है। छात्रा अपने पिता के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंची थी। परीक्षा दोपहर 3 बजे से 5:30 बजे तक थी। अलीशा ने बताया कि उसने महीनों की मेहनत और तैयारी की थी। परीक्षा केंद्र पर हिजाब के कारण उसे परीक्षा से वंचित कर दिया गया। वह 1 बजे से 2 बजे तक केंद्र प्रभारी से हिजाब के मुद्दे पर बातचीत करती रही, लेकिन फिर भी उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली।
पहले भी दी है परीक्षाएं
अलीशा ने बताया कि हिजाब पहनकर परीक्षा देना उसके लिए कोई नया विषय नहीं था। इससे पहले भी उसने राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं में हिजाब पहनकर भाग लिया था। उन परीक्षाओं के दौरान उसे किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं की गई थी।
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