शिक्षा विभाग का फैसला: एमपी के 323 सरकारी कॉलेजों में बनेंगी कंप्यूटर लैब

Anjali Dwivedi | Jan 19, 2026, 15:12 IST
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MP उच्च शिक्षा विभाग 75 करोड़ से 323 कॉलेजों में कंप्यूटर लैब बनाएगा। इससे ग्रामीण छात्रों को डिजिटल स्किल्स और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

News In Short

  • प्रदेश के 323 सरकारी कॉलेजों में अत्याधुनिक 20 सीटर कंप्यूटर लैब बनाई जाएंगी।
  • योजना पर कुल 75 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है। इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
  • भोपाल संभाग के 40 कॉलेज इस योजना से सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
  • लैब का निर्माण टर्नकी बेसिस पर होगा। यानी कंप्यूटर से लेकर फर्नीचर तक का काम एजेंसी एक साथ कराएगी।
  • इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण छात्रों को डिजिटल स्किल्स में माहिर बनाकर उनकी रोजगार योग्यता बढ़ाना है।

News In Detail

Bhopal: मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश की डिजिटल शिक्षा को मजबूती देने के लिए बड़ा निवेश करने जा रहा है। विभाग ने प्रदेश के 323 सरकारी कॉलेजों में 20 सीटर कंप्यूटर लैब बनाने का निर्णय लिया है। इस पहल की सबसे खास बात यह है कि इसका लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सुदूर कस्बाई क्षेत्रों के कॉलेजों को भी समान रूप से आधुनिक बनाया जाएगा।

75 करोड़ का बजट अलॉट

इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारने के लिए करीब 75 करोड़ रुपए का बजट अलॉट किया गया है।एमपी शिक्षा विभागने लैब बनाने के लिए एजेंसी चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

योजना को ट्रांसपेरेंट और प्रभावी बनाने के लिए इसे टर्नकी बेसिस पर तैयार किया जाएगा। इसका मतलब है कि चुनी गई एजेंसी को ही कंप्यूटर, नेटवर्किंग, फर्नीचर और जरूरी बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार करके विभाग को सौंपना होगा।

कंप्यूटर की कमी से जूझ रहे छात्र

अगर मौजूदा स्थिति की बात करें, तो आंकड़ों की तस्वीर थोड़ी चिंताजनक है। भोपाल संभाग के ही करीब 40 कॉलेज इस योजना का हिस्सा हैं। इनमें से कई में संसाधनों का भारी अभाव है। वर्तमान में प्रदेश के लगभग 60 सरकारी कॉलेजों में छात्रों के पास सीखने के लिए एक भी कंप्यूटर उपलब्ध नहीं है।

वहीं, करीब 200 कॉलेज ऐसे हैं, जहां मात्र तीन से चार कंप्यूटर ही हैं। शेष कॉलेजों में 10 से कम कंप्यूटर हैं, और वे भी ज्यादातर ऑफिशियली और प्रशासनिक कार्यों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। ऐसे में नई लैब्स छात्रों को सीधे तौर पर प्रैक्टिकल सीखने का मौका देंगी।

मध्य प्रदेश में कुल कितने सरकारी कॉलेज हैं?

मध्य प्रदेश में सरकारी कॉलेजों की संख्या 569 है। इसमें से 323 सरकारी कॉलेजों में 20 सीटर कंप्यूटर लैब बनाए जाएंगे। हालांकि विभिन्न सोर्स के आधार पर प्रदेश में 55% प्रिंसिपल के पद खाली हैं। अब ऐसे में सवाल ये उठते है कि जब कॉलेजों में पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं है तो कंप्यूटर लैब का इस्तेमाल कैसे होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को मिलेगी शहरों जैसी सुविधा

डिजिटल इंडिया के इस दौर में अब गांव और शहर की दूरी कम होगी। इन नई लैब्स के जरिए ग्रामीण कॉलेजों के छात्रों को कंप्यूटर संचालन, सॉफ्टवेयर उपयोग, डेटा हैंडलिंग और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से जुड़ने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

यह सुविधा न केवल उनकी नियमित पढ़ाई में मददगार साबित होगी, बल्कि कॉम्पिटिटिव एक्साम्स और निजी क्षेत्र में रोजगार पाने के लिए भी उन्हें तैयार करेगी।

डिजिटल डिवाइड को कम करने का मिशन

इस प्रोजेक्ट को मध्य प्रदेश हायर एजुकेशन क्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट के तहत संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और डिजिटल डिवाइड यानी तकनीक तक पहुंच के अंतर को खत्म करना है।

विभाग के अधिकारी क्या कह रहे हैं

कंप्यूटर शिक्षा को अब केवल एक विषय के रूप में नहीं, बल्कि हर छात्र के लिए एक अनिवार्य बेसिक स्किल्स के रूप में देखा जा रहा है। एजेंसी चयन के बाद सिलसिलेवार तरीके से सभी 323 कॉलेजों में यह लैब्स तैयार कर दी जाएंगी। -डॉ. सुनील सिंह, ओएसडी, उच्च शिक्षा विभाग
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