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News In Short
- कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी मामले में आज 19 जनवरी को सुप्रीम सुनवाई होगी।
- सुप्रीम कोर्ट ने उनकी ऑनलाइन माफी पर सख्त रुख अपनाया।
- एसआईटी ने 27 गवाहों के बयान वाली रिपोर्ट सौंप दी है।
- हाई कोर्ट के आदेश को मंत्री ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी।
News In Detail
मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह के लिए आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान के मामले में आज 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
विजय शाह ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस पूरे मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी अब तक 27 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट भी सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंप चुकी है।
इससे पहले हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह की ऑनलाइन माफी पर कड़ा रुख दिखाया था। कोर्ट ने कहा था कि ऐसी माफी को कोर्ट के रिकॉर्ड में शामिल किया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी माना था कि ऑनलाइन माफी मांगने से मंत्री की नीयत पर सवाल उठते हैं।
अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। देखना होगा कि आज की सुनवाई में विजय शाह को राहत मिलती है या उनकी मुश्किलें और बढ़ती हैं।
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ये है विजय शाह का सोफिया कुरैशी पर बयान
विवाद की शुरुआत 11 मई को हुई, जब विजय शाह ने इंदौर के महू में रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर पर बयान दिया। शाह ने कहा था, उन्होंने (आतंकियों) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा (पहलगाम हमले की बात करते हुए)। मोदी जी ने उनकी बहन को ही उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।
शाह के इस बयान ने पूरे देश में हंगामा मचाया। इसके कारण उनकी कड़ी आलोचना की गई।
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टाइमलाइन से समझें विजय शाह का पूरा मामला
11 मई 2025 को विजय शाह ने इंदौर के महू में आयोजित हलमा कार्यक्रम में कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादास्पद बयान दिया।
13 मई को माफी मांगने के बाद भाजपा संगठन ने पकड़कर लाठियां मारी।
14 मई को हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश देते हुए मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया।
14 मई की रात 11 बजे इंदौर के मानपुर थाने में FIR दर्ज की गई।
15 मई को हाईकोर्ट ने FIR की भाषा पर नाराजगी जताई।
16 मई को हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।
17 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अगली तारीख 19 मई दी गई।
19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और विजय शाह को फटकार लगाई। कोर्ट ने SIT को जांच के आदेश दिए।
19 मई को ही SIT का गठन हुआ, जिसमें सागर रेंज के तत्कालीन IG प्रमोद वर्मा, तत्कालीन SAF DIG कल्याण चक्रवर्ती और डिंडोरी SP वाहिनी सिंह शामिल थे।
20 मई को SIT ने जांच शुरू की और इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में अपना बेस कैम्प स्थापित किया।
21 मई को SIT की टीम महू के रायकुंडा गांव पहुंची, जहां विजय शाह ने अपना बयान दिया था।
28 मई को कई लोगों के बयान दर्ज करने के बाद SIT ने दस्तावेज तैयार कर इन्हें कोर्ट के सामने पेश किया।
19 जुलाई को SIT ने विजय शाह को जबलपुर बुलाकर उनसे बयान दर्ज किया और 25 मिनट तक सवाल-जवाब किए।
Sootr Knowladge
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भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी एक बेहद बहादुर और सीनियर ऑफिसर हैं। इन्होंने अपनी लीडरशिप और संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशनों में अपनी खास पहचान बनाई है। गुजरात के वडोदरा की रहने वाली सोफिया ने बायोकेमिस्ट्री में मास्टर डिग्री करने के बाद 1999 में फौज जॉइन की थी। फिलहाल वो सिग्नल कोर में तैनात हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस तरह उन्होंने मीडिया को जानकारी दी, उससे उनकी काफी चर्चा हुई। आज वो देश की उन तमाम युवा लड़कियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं जो सेना में जाकर पुरानी बंदिशों को तोड़ना चाहती हैं।
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