एमपी में हर दिन 20 महिलाओं से रेप, 38 होती हैं लापता, सीएम ने विधानसभा में दी जानकारी, विपक्ष ने उठाए सवाल
Sanjay Dhiman | Jul 30, 2025, 11:40 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश में महिलाओं के साथ दुष्कर्म और लापता होने की घटनाओं में बड़ी वृद्धि हुई है। पिछले एक साल में दुष्कर्म के मामलों में 33% वृद्धि आई है। विधानसभा में सीएम डॉ. मोहन यादव द्वारा यह चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए गए।
मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या में पिछले कुछ समय में तेजी से वृद्धि हुई है। वृद्धि के यह आंकडे़ खुद सरकार ने विधानसभा में प्रस्तुत किए हैं। जो चाैकाने वाले हैं।
कांग्रेस के विधायक बाला बच्चन के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में जो आंकड़े प्रस्तुत किए, वे अत्यधिक चिंताजनक हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, मप्र में प्रतिदिन औसतन 38 महिलाएं लापता हो रही हैं, और 20 महिलाओं एवं नाबालिगों के साथ दुष्कर्म हो रहा है।
मध्यप्रदेश में रेप के मामलों में पिछले एक साल में 33% की वृद्धि हुई है। 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2025 तक, राज्य में 10,840 महिलाओं और नाबालिगों के साथ दुष्कर्म हुआ।
आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 20 महिलाओं और नाबालिगों के साथ दुष्कर्म हो रहा है। इससे पहले 21 मई 2024 तक रोजाना औसतन 15 दुष्कर्म के मामले सामने आते थे। इस आंकड़े में 33% की वृद्धि को बेहद चिंताजनक माना जा रहा है।
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इसके अलावा, राज्य में हर दिन 38 महिलाएं लापता हो रही हैं। 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2025 तक, 21,175 महिलाएं लापता हुईं। यह आंकड़ा लापता होने वाली महिलाओं की संख्या में 35% की वृद्धि को दर्शाता है।
इन आंकड़ों में भी इंदौर-भोपाल जैसे बडे़ शहरों की स्थिति चिंताजनक है, इंदौर में जहां सालभर में 2588 महिलाएं-युवतियां गायब हुई तो वहीं भोपाल यह आंकड़ा 1096 तक पहुंचा।
बच्चों की
मध्यप्रदेश में बच्चों के लापता होने के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। 1 जुलाई 2021 से 31 मई 2024 तक 59,365 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 48,274 लड़कियां थीं। इसका मतलब यह है कि प्रतिदिन 34 बच्चे लापता हो रहे थे। लेकिन सबसे अधिक राहत की बात यह है कि पुलिस ने 53,000 बच्चों को खोज लिया है।
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एक ओर जहां विपक्ष ने इन आंकड़ों को लेकर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। कांग्रेस विधायक सचिन यादव व अन्य ने प्रदेश सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध में मध्यप्रदेश अव्वल बन गया है।
वहीं इन आरोपों का जबाव देते हुए मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की पुलिस सतत कार्य कर रही है, दुष्कृत्य के आरोपी 24 से 48 घंटे में पकडे़ जा रहे है तो वहीं लापता हुई महिलाओं-बच्चियों के मामले में 90 फीसदी से अधिक का रिकवरी रेट है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मामलों में त्वरित व सख्त कार्रवाई कर रही है।
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कांग्रेस के विधायक बाला बच्चन के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में जो आंकड़े प्रस्तुत किए, वे अत्यधिक चिंताजनक हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, मप्र में प्रतिदिन औसतन 38 महिलाएं लापता हो रही हैं, और 20 महिलाओं एवं नाबालिगों के साथ दुष्कर्म हो रहा है।
33% बढ़े रेप के मामले: क्या है स्थिति?
आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 20 महिलाओं और नाबालिगों के साथ दुष्कर्म हो रहा है। इससे पहले 21 मई 2024 तक रोजाना औसतन 15 दुष्कर्म के मामले सामने आते थे। इस आंकड़े में 33% की वृद्धि को बेहद चिंताजनक माना जा रहा है।
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लापता महिलाओं की संख्या में 35% की वृद्धि
इन आंकड़ों में भी इंदौर-भोपाल जैसे बडे़ शहरों की स्थिति चिंताजनक है, इंदौर में जहां सालभर में 2588 महिलाएं-युवतियां गायब हुई तो वहीं भोपाल यह आंकड़ा 1096 तक पहुंचा।
महिला अपराधों से जुडे़ इन आंकड़ों को ऐसे समझिए
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बच्चों की गुमशुदगी : आंकड़े भी चिंताजनक
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सरकार बोली रिकवरी रेट भी 90 प्रतिशत
वहीं इन आरोपों का जबाव देते हुए मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की पुलिस सतत कार्य कर रही है, दुष्कृत्य के आरोपी 24 से 48 घंटे में पकडे़ जा रहे है तो वहीं लापता हुई महिलाओं-बच्चियों के मामले में 90 फीसदी से अधिक का रिकवरी रेट है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मामलों में त्वरित व सख्त कार्रवाई कर रही है।
FAQ
- मध्यप्रदेश में रेप के मामलों में बढ़ोतरी क्यों हो रही है?
मध्यप्रदेश में रेप के मामलों में बढ़ोतरी के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें पुलिस प्रशासन की कमज़ोरी, सामाजिक असमानता और कानून व्यवस्था की समस्या शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, पिछले एक साल में रेप के मामलों में 33% की वृद्धि हुई है, जो चिंताजनक है। - मध्यप्रदेश में महिलाएं क्यों लापता हो रही हैं?
मध्यप्रदेश में महिलाओं के लापता होने के मामलों में वृद्धि का कारण कई प्रकार के अपराध, सामाजिक दबाव और सुरक्षा की कमी हो सकती है। 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2025 तक, राज्य में 21,175 महिलाएं लापता हुईं, जो रोजाना औसतन 38 महिलाओं के लापता होने का संकेत देते हैं। - राज्य सरकार बच्चों के लापता होने के मामलों में क्या कदम उठा रही है?
मध्यप्रदेश में बच्चों के लापता होने के मामलों में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है। राज्य सरकार का दावा है कि उसने 53,000 बच्चों को सुरक्षित रूप से ढूंढ निकाला है। वहीं, 6035 बच्चों की तलाश अभी भी जारी है।
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