विजय शाह को मिली फौरी राहत! विवादित टिप्पणी मामले पर सत्ता-संगठन कर रहा किनारा
The Sootr | May 15, 2025, 19:35 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के बाद सत्ता-संगठन से फौरी राहत मिली है। संगठन ने फिलहाल चुप्पी साध ली है।
MP News : मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह इन दिनों लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर FIR दर्ज होने के बाद विजय शाह ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया।
इसके बाद सत्ता-संगठन ने चुप्पी साध ली है। इस मामले में दिल्ली हाईकमान को भी लूप में लिया गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही विजय शाह का भविष्य तय होगा। इसके चलते उन्हें हाल फिलहाल इस्तीफे से फौरी राहत मिल गई है।
इससे पहले माना जा रहा था कि संगठन उनसे नैतिकता के आधार पर मंत्री पद से इस्तीफा ले लेगा और मामले को ठंडा होने के बाद फिर से उन्हें कोई पद दे दिया जाएगा। लेकिन, दिल्ली हाईकमान से प्रदेश के नेताओं की बातचीत के बाद तय हुआ था कि विजय शाह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे, ताकि उन्हें राहत मिल पाए।
दूसरी तरफ सत्ता-संगठन अब वेट एंड वॉच की स्थिति में आ गया है। वह अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोर्ट के फैसले के बाद ही अब वे आगे का कदम उठाने का विचार बना चुके हैं।
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह (Vijay Shah) ने विवादित बयान के कारण बढ़ रही आलोचनाओं के बीच भी इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। CM डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) की मौजूदगी में हुई अहम बैठक में विजय शाह ने फिलहाल पद नहीं छोड़ने की बात कही थी। उन्होंने कोर्ट में अपना पक्ष रखने का अनुरोध किया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की बात कह कर संगठन से राहत पाई।
सूत्रों के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने के बावजूद विजय शाह ने इस्तीफा देने से मना कर दिया और वे अपने गृह जिले खंडवा चले गए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से सलाह लेकर आगे का कदम उठाने की बात कही। पार्टी हाईकमान ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए मनाने की कोशिश की, साथ ही कहा कि मामला शांत होने पर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया है।
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court Of India) ने भी इस मामले में मंत्री विजय शाह को कड़ी फटकार लगाई है। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई (Chief justice BR Gavai) ने कहा कि मंत्री के तौर पर ऐसे बयान देना उचित नहीं और यह पद की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने पूछा, "क्या आप जानते हैं कि आप कौन हैं?" इसके जवाब में विजय शाह के वकील ने कहा कि उन्होंने माफी मांगी है और मीडिया ने बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है। मामले की अगली सुनवाई 16 मई को होगी।
इसके बाद सत्ता-संगठन ने चुप्पी साध ली है। इस मामले में दिल्ली हाईकमान को भी लूप में लिया गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही विजय शाह का भविष्य तय होगा। इसके चलते उन्हें हाल फिलहाल इस्तीफे से फौरी राहत मिल गई है।
इससे पहले माना जा रहा था कि संगठन उनसे नैतिकता के आधार पर मंत्री पद से इस्तीफा ले लेगा और मामले को ठंडा होने के बाद फिर से उन्हें कोई पद दे दिया जाएगा। लेकिन, दिल्ली हाईकमान से प्रदेश के नेताओं की बातचीत के बाद तय हुआ था कि विजय शाह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे, ताकि उन्हें राहत मिल पाए।
दूसरी तरफ सत्ता-संगठन अब वेट एंड वॉच की स्थिति में आ गया है। वह अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोर्ट के फैसले के बाद ही अब वे आगे का कदम उठाने का विचार बना चुके हैं।
विजय शाह ने इस्तीफा देने से किया इनकार
vijay shah profile
पीएम मोदी-अमित शाह से बात करने की कही बात
सुप्रीम कोर्ट से मिली फटकार
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