विधानसभा में कीड़ा विवाद पर स्पीकर बोले- रिकॉर्ड में विजयवर्गीय ने ऐसा शब्द नहीं कहा

Pawan Modiya | Jul 23, 2026, 24:39 IST
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विधानसभा में बहस
विधानसभा में बहस

MP विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर युवाओं को कीड़ा कहने का आरोप लगा। सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आए। स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने रिकॉर्ड जांचकर कहा कि विजयवर्गीय ने यह शब्द नहीं कहा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • MP विधानसभा में विजयवर्गीय पर युवाओं को कीड़ा कहने का आरोप लगा।
  • नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सदन में यह मुद्दा उठाया।
  • विजयवर्गीय ने स्पीकर से इस पर व्यवस्था देने की मांग की।
  • डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने इसे गलतफहमी बताते हुए सफाई दी।
  • स्पीकर तोमर ने रिकॉर्ड देखकर कहा कि यह शब्द नहीं कहा गया।
मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को जोरदार हंगामा हुआ। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर एक गंभीर आरोप लगा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उन पर एक आरोप लगाया। उनके मुताबिक विजयवर्गीय ने युवाओं को अपमानजनक शब्द कहा।

सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बाद में रिकॉर्ड जांचा। उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय ने अपने बयान में यह शब्द नहीं कहा।

नेता प्रतिपक्ष सिंघार का आरोप

यह पूरा विवाद प्रश्नकाल के दौरान शुरू हुआ। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सदन में एक आरोप रखा। उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय ने मंगलवार को युवाओं के लिए आपत्तिजनक शब्द बोले। उनके मुताबिक यह टिप्पणी बेहद गंभीर थी।

उनके मुताबिक यह टिप्पणी युवाओं का अपमान करने वाली थी। इस आरोप के बाद सदन में तुरंत हंगामा शुरू हो गया। सत्ता पक्ष के सदस्य अपनी सीटों से खड़े होकर विरोध जताने लगे। कुछ ही देर में सदन की कार्यवाही में तीखी बहस छिड़ गई। दोनों तरफ के सदस्य एक दूसरे पर आरोप लगाते नजर आए।

विजयवर्गीय का रखा अपना पक्ष

विवाद बढ़ता देख कैलाश विजयवर्गीय खुद खड़े हुए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से इस मामले पर व्यवस्था देने की मांग की। विजयवर्गीय ने कहा कि सदन की पूरी कार्यवाही रिकॉर्ड में मौजूद है। उनके मुताबिक अध्यक्ष ने खुद पूरा वीडियो और रिकॉर्ड देख लिया है।

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने युवाओं को कभी कीड़ा नहीं कहा। विजयवर्गीय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष माफी मांगें या न मांगें। उनके मुताबिक यह पूरी तरह उनकी मर्जी है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सच सामने आने का पूरा भरोसा है।

डिप्टी सीएम ने भी दी सफाई

इस पूरे मामले में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय का खुलकर समर्थन किया। शुक्ल ने कहा कि विपक्ष ने विजयवर्गीय के बयान को गलत समझा है। उनके मुताबिक विजयवर्गीय ने कॉकरोच पार्टी से जुड़ा एक सवाल पूछा था। उन्होंने कहा कि यह सवाल पार्टी को लेकर था, ना कि युवाओं को लेकर।

शुक्ल के मुताबिक विजयवर्गीय ने कभी युवाओं को कॉकरोच या कीड़ा नहीं कहा। उन्होंने कहा कि यह पूरा विवाद सिर्फ एक गलतफहमी की वजह से हुआ। उनके मुताबिक इसमें कोई गंभीर बात नहीं थी। उनके मुताबिक विपक्ष को बयान का पूरा संदर्भ समझना चाहिए था।

बहस के बीच पोस्टर विवाद भी उठा

इसी बहस के बीच कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने एक और मुद्दा उठाया। उन्होंने भाजपा पर सीधा हमला बोला। शेखावत ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन में एक पोस्टर देखा गया। उनके मुताबिक उस पोस्टर में संविधान विरोधी नारे लिखे हुए थे। उन्होंने कहा कि यह पोस्टर पार्टी की असली सोच को उजागर करता है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस दावे का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अभी तक सदन ने सिर्फ एक पक्ष की बात सुनी है। सिंघार के मुताबिक उनके पास अपने आरोपों के पक्के सबूत मौजूद हैं। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग रखी। इस पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद पटेल ने पलटवार किया। पटेल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष से इस मामले में गलती हुई है।

उनके मुताबिक सिंघार को अपनी गलती मान लेनी चाहिए। हालांकि सिंघार अपने आरोपों पर अंत तक डटे रहे। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही है।

स्पीकर का फैसला

काफी देर बहस चलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने सदन की पूरी रिकॉर्डिंग ध्यान से देखी है। तोमर ने स्पष्ट किया कि कैलाश विजयवर्गीय के मुंह से कीड़ा शब्द नहीं निकला। उनके मुताबिक रिकॉर्ड में ऐसा कोई शब्द दर्ज नहीं है। अध्यक्ष ने सभी वरिष्ठ सदस्यों को एक सलाह भी दी।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों का चयन बहुत सावधानी से करना चाहिए। तोमर के मुताबिक गलत शब्दों से गलत संदेश जा सकता है। उनके मुताबिक इससे समाज में अनावश्यक विवाद और आंदोलन भी भड़क सकते हैं। इसी के साथ अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुना दिया।

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