/sootr/media/media_files/2026/01/04/collectors-name-not-in-kailash-vijayvargiya-tweet-2-2026-01-04-21-57-14.jpg)
Photograph: (the sootr)
Indore. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और इंदौर कलेक्टर के बीच में सब कुछ सही है या नहीं। अभी तक तो महापौर और निगमायुक्त के बीच के तल्ख संबंधों को लेकर ही चर्चा हो रही थी। लेकिन अब विजयवर्गीय के एक ट्वीट ने इस सुगबुगाहट को जन्म दिया है।
माननीय मुख्यमंत्री डॉ. @DrMohanYadav51 जी के मार्गदर्शन में तथा इंदौर के महापौर श्री @advpushyamitra जी एवं संभागायुक्त डॉ. सुदाम पी. खाड़े जी के नेतृत्व में भागीरथपुरा में पेयजल शुद्धिकरण हेतु किए जा रहे क्लोरिनेशन सहित अन्य उपायों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
— Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) January 4, 2026
भागीरथपुरा… pic.twitter.com/sli9GzHz41
/sootr/media/post_attachments/3f23450e-a67.png)
यह खबरें भी पढ़ें...
कांग्रेस इंदौर में निकालेगी न्याय यात्रा, जीतू पटवारी बोले- मामले की हो न्यायिक जांच
मंत्री विजयवर्गीय के ट्वीट में कलेक्टर का नाम नहीं
दरअसल 4 जनवरी को सुबह मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक निजी लैब में हुई भागीरथपुरा से लिए पांच पानी के सैंपल की रिपोर्ट ट्वीट की। इसमें उन्होंने यह रिपोर्ट अच्छी आने का श्रेय सीएम डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में महापौर पुष्यमित्र भार्गव और संभागायुक्त डॉ. सुदाम पी. खाड़े के नेतृत्व को दिया। मंत्री ने लिखा कि इनके द्वारा पेयजल शुद्धीकरण हेतु किए गए क्लोरिनेशन सहित अन्य उपायों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
फिर दो घंटे बाद कलेक्टर के एकाउंट से ट्वीट
मंत्री विजयवर्गीय द्वारा यह टिव्ट सुबह 11.12 बजे किया गया। इसके करीब तीन घंटे बाद दोपहर दो बजकर चार मिनट पर कलेक्टर इंदौर के एकाउंट से भी यही निजी लैब की रिपोर्ट ट्वीट की जाती है।
किसने किसे किया टैग
मंत्री विजयवर्गीय ने जहां ट्वीट में सीएम, महापौर और संभागायुक्त का नाम लिया और फिर इस ट्वीट को पीएमओ, पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जनसंपर्क और अपने नगरीय प्रशासन विभाग को टैग किया। वहीं कलेक्टर इंदौर के ट्वीट को जनसंपर्क, संभागायुक्त इंदौर, जनसपंर्क और सीएम मप्र को टैग किया।
यह खबरें भी पढ़ें...
इंदौर रेसीडेंसी एरिया में आजादनगर, धार कोठी, रतलाम कोठी, रेडियो कॉलोनी सभी सरकारी घोषित
इंदौर हाईकोर्ट में बताई 4, भागीरथपुरा कांड में हुई 16 मौत, अब घर-घर जाकर जुटा रहे इलाज के सबूत
मंत्री और कलेक्टर दोनों ही लगातार सक्रिय
इस घटना के सामने आने के बाद मंत्री और कलेक्टर दोनों ही सक्रिय है। सबसे पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ही 29 दिसंबर की रात को अस्पतालों में मरीजों को देखने गए और निशुल्क इलाज की बात कही। वहीं घटना के बाद लगातार क्षेत्र में सक्रिय है।
उधर कलेक्टर शिवम वर्मा भी मामला सामने आने के बाद सुबह से रात तक इस केस पर लगे हुए हैं। यहां पर सर्वे कराना, मरीजों को चिन्हित कर अस्पताल पहुंचाने और वहां व्यवस्थाएं कराने, पानी सैंपल जांच कराने जैसे सभी मुद्दों में लगे हुए हैं। लेकिन दोनों के X संदेशों ने नई सुगबुगाहट शुरू कर दी है। वैसे ही इंदौर में नेताओं और अधिकारियों की पटरी नहीं बैठ रही है।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us