व्यापमं का फर्जी प्रमाणपत्र घोटाला, सीबीआई कोर्ट ने 10 पटवारियों को सुनाई सजा
INDORE. सीबीआई कोर्ट ने व्यापमं घोटाले के मामले में 10 आरोपियों को 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला खरगोन में कोतवाली थाने में साल 2012 में दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है।
इसे बाद में व्यापमं घोटाले के तहत सीबीआई ने जांच में लिया था। लंबी सुनवाई के बाद स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुनाया है। यह सभी फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए पटवारी बन गए थे।
इन आरोपियों को सुनाई सजा
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
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पटवारी भर्ती में की थी धोखाधड़ी
आरोपियों के खिलाफ पुलिस स्टेशन कोतवाली, जिला खरगोन में एफआईआर दर्ज की गई थी। यह एफआईआर संख्या 557/2012 दिनांक 26 अक्टूबर 2012 को दर्ज की गई थी। आरोप था कि आरोपियों ने व्यापमं के जरिए आयोजित पटवारी भर्ती परीक्षा, 2008 में जाली प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके धोखाधड़ी की थी।
इन जाली प्रमाण पत्रों/दस्तावेजों को असली बताकर परीक्षा में अपना चयन करवा लिया था। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई के जरिए यह मामला अपने हाथ में लेकर आगे जांच की गई थी।
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