MP-CG और राजस्थान में मानसून सुस्त: तीन राज्यों में 19 से बदलेगा मौसम
Amresh Kushwaha | Jul 16, 2026, 07:22 IST
मौसम अपडेट
मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मानसून सुस्त पड़ने से फसलों पर संकट है। हालांकि, 19 जुलाई से बंगाल की खाड़ी के नए सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ से भारी बारिश का दौर फिर शुरू होगा।
Weather Update:मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मानसून की चाल सुस्त पड़ गई है। तीनों राज्यों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी कम दर्ज हुआ है। एमपी के पूर्वी हिस्से और राजस्थान में फसलों पर संकट मंडराने लगा है।
छत्तीसगढ़ में आज कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है। वहीं राजस्थान और एमपी के कुछ जिलों में केवल गर्मी सताएगी। राहत की बात यह है कि 19 जुलाई से मौसम फिर बदलेगा। बंगाल की खाड़ी और नया पश्चिमी विक्षोभ मिलकर सिस्टम दोबारा एक्टिव करेंगे। इसके बाद तीनों राज्यों में अच्छी बारिश का नया दौर शुरू होगा।
मध्यप्रदेश मौसम अपडेट (MP Weather Updates): मध्य प्रदेश में पिछले 7 दिनों से तेज बारिश नहीं हुई है। भारी और अति भारी बारिश का दौर थम गया है। इसका असर अब प्रदेश के बारिश के आंकड़ों पर दिखने लगा है। जबलपुर समेत 35 जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है।
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थिति ज्यादा खराब है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी बनी हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से यानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग की स्थिति बेहतर है।
मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी यानी 9.5 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस समय तक 270.3 मिमी यानी 10.6 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में बारिश 11 प्रतिशत कम है।
पूर्वी हिस्से के जिलों में बारिश की कमी ज्यादा है। यहां सामान्य से 24 प्रतिशत कम पानी गिरा है। वहीं पश्चिमी हिस्से में 2 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके असर से मध्य प्रदेश में तेज बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा बंगाल की खाड़ी से भी नया सिस्टम बन रहा है। प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है। इन मौसम प्रणालियों के असर से आने वाले दिनों में बारिश बढ़ सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश और आंधी चलने का अनुमान है।
वहीं मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में गर्मी का असर देखने को मिल सकता है।
मौसम एक्सपर्ट शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मानसून की स्थिति संतोषजनक है। हालांकि पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि आने वाली निम्न दाब प्रणाली की दिशा और ताकत से तय होगा कि मानसून कितनी तेजी से वापस सक्रिय होता है। अगर मौसम प्रणालियां अनुकूल रहीं तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में मध्य प्रदेश में बारिश कम हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश होने से आंकड़ा कुछ सुधरा था। लेकिन पिछले 7 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण बीते तीन दिनों से बारिश का आंकड़ा फिर माइनस में पहुंच गया है।
मध्य प्रदेश में जुलाई महीने में मानसून की करीब एक तिहाई बारिश होती है। उदाहरण के तौर पर भोपाल में सामान्य बारिश करीब 39 इंच है। इसमें से लगभग 14 इंच बारिश जुलाई में होती है।
प्रदेश के बड़े शहरों में जबलपुर में जुलाई में सबसे ज्यादा बारिश होती है। यहां जुलाई महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की जाती है। पूरे प्रदेश में जुलाई के दौरान मानसून के कोटे की करीब 40 प्रतिशत तक बारिश होती है।
छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट (CG Weather Update):छत्तीसगढ़ में आज यानी 16 जुलाई को मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में आने वाले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला बना रहेगा। 17 और 18 जुलाई को भी कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा।
19 और 20 जुलाई को भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश हो सकती है। हालांकि इन दिनों किसी विशेष चेतावनी की संभावना नहीं जताई गई है।
बारिश के कारण लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र का असर अब छत्तीसगढ़ में भी दिखाई दे रहा है। इसी सिस्टम के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान बिलासपुर में सबसे ज्यादा 35.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
वहीं सबसे कम 24.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान भी बिलासपुर में ही दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 30 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
राजस्थान मौसम अपडेट (Rajasthan Weather Update):राजस्थान में गुरुवार को भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि प्रदेश के 13 जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ में दर्ज की गई। यहां करीब आधा इंच तक बारिश हुई।
बुधवार शाम को श्रीगंगानगर में भी हल्की बारिश हुई। वहीं राज्य का सबसे ज्यादा तापमान भी श्रीगंगानगर में रिकॉर्ड किया गया। यहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया।
राजस्थान में मानसून का ब्रेक लंबा खिंचने से खरीफ की फसलें प्रभावित होने लगी हैं। बारिश की कमी के कारण फसलें सूखने लगी हैं।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं 19 जुलाई से मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना जताई गई है।
भारतीय मौसम विभाग की सैटेलाइट इमेज में राजस्थान के ऊपर बादल नजर नहीं आ रहे हैं। करीब 10 जुलाई से रोजाना ऐसी ही स्थिति बनी हुई है।
बारिश कम होने का असर खरीफ की फसलों पर दिखने लगा है। खासकर मोटा अनाज और दालों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। कम बारिश के कारण फसलें सूखने लगी हैं और खराबे की आशंका बढ़ गई है।
पिछले 24 घंटे में राजस्थान में गर्मी और उमस का असर देखने को मिला। श्रीगंगानगर 40.1 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा।
इसके बाद जैसलमेर में 39 डिग्री सेल्सियस और बीकानेर में 38.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में राजस्थान में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं।
फिलहाल प्रदेश में भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
मौसम विभाग ने 16 जुलाई को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, करौली और दौसा जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई है।
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छत्तीसगढ़ में आज कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है। वहीं राजस्थान और एमपी के कुछ जिलों में केवल गर्मी सताएगी। राहत की बात यह है कि 19 जुलाई से मौसम फिर बदलेगा। बंगाल की खाड़ी और नया पश्चिमी विक्षोभ मिलकर सिस्टम दोबारा एक्टिव करेंगे। इसके बाद तीनों राज्यों में अच्छी बारिश का नया दौर शुरू होगा।
मध्यप्रदेश मौसम रिपोर्ट - 16 जुलाई 2026:
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थिति ज्यादा खराब है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी बनी हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से यानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग की स्थिति बेहतर है।
प्रदेश में 11% कम बारिश, पूर्वी हिस्से में ज्यादा कमी
पूर्वी हिस्से के जिलों में बारिश की कमी ज्यादा है। यहां सामान्य से 24 प्रतिशत कम पानी गिरा है। वहीं पश्चिमी हिस्से में 2 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।
19 जुलाई से फिर एक्टिव होगा मौसम सिस्टम
इसके अलावा बंगाल की खाड़ी से भी नया सिस्टम बन रहा है। प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है। इन मौसम प्रणालियों के असर से आने वाले दिनों में बारिश बढ़ सकती है।
आज कई जिलों में बारिश और आंधी का अनुमान
वहीं मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में गर्मी का असर देखने को मिल सकता है।
जुलाई के दूसरे पखवाड़े में अच्छी बारिश की उम्मीद
उन्होंने बताया कि आने वाली निम्न दाब प्रणाली की दिशा और ताकत से तय होगा कि मानसून कितनी तेजी से वापस सक्रिय होता है। अगर मौसम प्रणालियां अनुकूल रहीं तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।
जून के बाद जुलाई में भी बारिश का आंकड़ा कम
जुलाई में होती है मानसून की सबसे ज्यादा बारिश
प्रदेश के बड़े शहरों में जबलपुर में जुलाई में सबसे ज्यादा बारिश होती है। यहां जुलाई महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की जाती है। पूरे प्रदेश में जुलाई के दौरान मानसून के कोटे की करीब 40 प्रतिशत तक बारिश होती है।
छत्तीसगढ़ मौसम रिपोर्ट - 16 जुलाई2026:
अगले कई दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर
19 और 20 जुलाई को भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश हो सकती है। हालांकि इन दिनों किसी विशेष चेतावनी की संभावना नहीं जताई गई है।
बारिश से गर्मी और उमस से मिलेगी राहत
राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बढ़ी बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
पिछले 24 घंटे में कई इलाकों में हुई बारिश
वहीं सबसे कम 24.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान भी बिलासपुर में ही दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 30 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
राजस्थान मौसम रिपोर्ट - 16 जुलाई2026:
जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग में दिखेगा बारिश का असर
बुधवार शाम को श्रीगंगानगर में भी हल्की बारिश हुई। वहीं राज्य का सबसे ज्यादा तापमान भी श्रीगंगानगर में रिकॉर्ड किया गया। यहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया।
मानसून ब्रेक से खरीफ फसलों पर बढ़ा संकट
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं 19 जुलाई से मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना जताई गई है।
राजस्थान के ऊपर से गायब हुए बादल
बारिश कम होने का असर खरीफ की फसलों पर दिखने लगा है। खासकर मोटा अनाज और दालों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। कम बारिश के कारण फसलें सूखने लगी हैं और खराबे की आशंका बढ़ गई है।
गर्मी और उमस ने बढ़ाई परेशानी
इसके बाद जैसलमेर में 39 डिग्री सेल्सियस और बीकानेर में 38.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
19 जुलाई से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
फिलहाल प्रदेश में भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
आज इन जिलों में हल्की बारिश के आसार
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