गेहूं समर्थन मूल्य: एमपी में किसानों के लिए जरूरी खबर, इतने तारीख तक करा लें पंजीयन
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 150 रुपए बढ़ाकर 2425 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। यह कदम खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों को बेहतर लाभ दिलाने के लिए उठाया गया है।
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31 मार्च तक करें पंजीकरण
व्यापारियों और विशेषज्ञों की राय
इंदौर के अनाज व्यापारी संजय अग्रवाल (Sanjay Agrawal) ने समर्थन मूल्य में वृद्धि का स्वागत किया। उन्होंने दालों पर मंडी टैक्स में छूट की मांग की, जिससे दालें सस्ती हो सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि नई फसल आने पर गेहूं के दाम में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट हो सकती है।
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श्रीअन्न की खेती को प्रोत्साहन
सरकार ने कोदो और कुटकी जैसे श्रीअन्न (Millets) की खेती को बढ़ावा देने के लिए 1000 रुपए प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि घोषित की है। इसके तहत प्रति हेक्टेयर किसानों को अधिकतम 3900 रुपए की मदद दी जा रही है। यह योजना कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है।
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गेहूं की कमी और सरकार की रणनीति
फिलहाल देश में गेहूं की मांग और आपूर्ति में असंतुलन है। समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को फायदा होगा, और गेहूं उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार की यह योजना किसानों के हित में एक सकारात्मक पहल है।
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कैसे होगा पंजीयन
किसानों की सुविधा के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। वे एमपी किसान ऐप के माध्यम से घर बैठे फ्री पंजीयन कर सकते हैं। इसके अलावा एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर और साइबर कैफे पर अधिकतम 50 रुपए शुल्क में पंजीयन किया जा सकता है।
FAQ
- गेहूं का समर्थन मूल्य कितना बढ़ा है?
समर्थन मूल्य में 150 रुपए की बढ़ोतरी कर 2425 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। - पंजीकरण की अंतिम तिथि क्या है?
पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 है। - पंजीकरण कैसे कर सकते हैं?
किसान "किसान एप" (Kisan App) या पंचायत और तहसील कार्यालयों के माध्यम से नि:शुल्क पंजीकरण कर सकते हैं। - श्रीअन्न की खेती पर क्या प्रोत्साहन दिया जा रहा है?
कोदो और कुटकी जैसे श्रीअन्न पर 1000 रुपए प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि और प्रति हेक्टेयर अधिकतम 3900 रुपए की मदद दी जा रही है। - गेहूं की कीमतों पर विशेषज्ञों का क्या कहना है?
विशेषज्ञों के अनुसार, नई फसल आने पर गेहूं की कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट हो सकती है।