कांग्रेस के बम ने इसलिए नाम लिया वापस- महिला मामले से दबाव में आए बम, धारा 307 और कॉलेज की भी गड़बड़ियां

कांग्रेस इस समय इंदौर में मुश्किल है। कारण है कि डमी प्रत्याशी मोती सिंह का फार्म पहले ही 26 अप्रैल को रिजेक्ट हो चुका है। वहीं समस्या है कि इंदौर में इंडिया गठबंधन एकजुट था, ऐसे में इस गठबंधन से भी कोई प्रत्याशी नहीं उतारा था।

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Pratibha ranaa
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संजय गुप्ता, INDORE. इंदौर में सूरत कांड हो गया और कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नाम वापस लेकर बीजेपी प्रत्याशी शंकर लालवानी को फ्री फील्ड दे दी। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस पूरे मामले की पटकथा लिखी। भोपाल से प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने हरी झंडी दी और विधायक रमेश मेंदोला ने जमीन मैदान संभाल कर दिया खेला। कांग्रेस ने नारा दिया था बंदे में है दम… लेकिन असल में बंदा निकला बेदम

उधर, सुबह से ही बम के घर का बाहर कांग्रेस के संभावित हंगामे को देखते हुए पुलिस बल तैनात हो गया था। पुलिस बल लगा हुआ है। वहीं जब शहराध्यक्ष कांग्रेस सुरजीत सिंह उनके घर पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला और बम ने फोन उठाने भी बंद कर दिए थे। अभी औपचारिक रूप से बम बीजेपी ज्वाइन करने जा रहे हैं।

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यह तीन दबाव पड़ गए बम पर भारी

1-    सबसे बड़ा दबाव बम पर महिला संबंधी मामले का था। इसमें एक पुरानी शिकायत को हवा दी जा रही थी और इसमें एक गंभीर मामले में केस दर्ज कराने की तैयारी हो गई थी। इस दबाव को बम सहन नहीं कर पाए। यह सबसे बड़ी वजह बनी।

2- खजराना थाने में 17 साल पुराने मामले में हाल ही में गवाह के बयान बाद उन पर मारपीट, जान से मारने की धमकी के बाद गंभीर धारा हत्या के प्रयास 307 को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। यह भी एक दूसरी वजह बनी।

3- एक तीसरा कारण बीजेपी ने उनके नाम घोषित होने के बाद ही कॉलेज की गड़बड़ियों मे घेरना शुरू कर दिया था। यहां पर फैकल्टी की अनियमतिता है, मरे हुए प्रोफेसर को फैक्ल्टी बताया है। कई फैकल्टी है ही नहीं और उनके नाम कॉलेज में बताए गए हैं। इस तरह कॉलेज की मंजूरी ही खटाई में पड़ जाती। 

dc                                          एक तस्वीर कह रही है पूरी कहानी...

जैसे-तैसे तो नामांकन फार्म बचाया था

बम ने 26 अप्रैल को जैसे-तैसे नामांकन बचाया था। इसमें बीजेपी की ओर से धारा 307 का केस छिपाने का मुद्दा उठाया था। लेकिन सभी के पक्ष सुनने के बाद आखिर में कांग्रेस के अधिवक्ता का तर्क मानते हुए जिला रिटर्निंग अधिकारी ने फार्म मंजूर कर लिया था। 

मोती का फार्म निरस्त हो गया, गठबंधन से भी फार्म किसी से नहीं भरा

कांग्रेस इस समय इंदौर में मुश्किल है। कारण है कि डमी प्रत्याशी मोती सिंह का फार्म पहले ही 26 अप्रैल को रिजेक्ट हो चुका है। वहीं समस्या है कि इंदौर में इंडिया गठबंधन एकजुट था, ऐसे में इस गठबंधन से भी कोई प्रत्याशी नहीं उतारा था। अब वह किसे समर्थन देकर संयुक्त प्रत्याशी घोषित करेंगे, इस पर अभी तक कांग्रेस फैसला नहीं ले सकी है।

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शहराध्यक्ष चड्‌ढा बोले गद्दार निकला बम

शहराध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्‌ढा बोले हमने लगातार रात को जनसपंर्क किया। सुबह भी जनसंपर्क किया। लगातार संपर्क में थे। लेकिन वह ऐसे गद्दार निकलेगा, ऐसी कतई उम्मीद नहीं थी। बहुत बड़ा धोखा दिया है। कांग्रेस अब विचार करेगी कि किसे समर्थन किया जाए।

 

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