मध्‍य प्रदेश : मनमर्जी की सीईओ-आरोप,आंदोलन, नाराजगी हर जगह, फिर भी कुर्सी सलामत

Ravi Awasthi | Aug 30, 2025, 17:59 IST
Yukti sharma
मध्य प्रदेश में अफसरशाही पर फिर सवाल खड़े हैं। पोषण आहार संयंत्र (टीएचआर) शिवपुरी की सीईओ युक्ति शर्मा जहां भी पदस्थ रहीं, विवाद और भ्रष्टाचार के आरोप उनके साथ जुड़े रहे।

रवि अवस्थी,भोपाल।



मध्य प्रदेश में सियासी संरक्षण के चलते कई अधिकारी मनमर्जी से काम कर रहे हैं। पोषण आहार संयंत्र (टीएचआर) शिवपुरी की सीईओ युक्ति शर्मा भी इनमें एक हैं। जो जहां पदस्थ रहीं,विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों से उनका गहरा नाता रहा। उनकी दबंग व एकतरफा काम करने की शैली से अब टीएचआर शिवपुरी में बवाल मचा है। संयंत्र के कर्मचारी नाराज हो लामबंद हैं। इससे पहले रायसेन जिले की दो जनपदों में सीईओ रही युक्ति शर्मा को कर्मचारियों के लंबे आंदोलन व जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बाद हटाया गया था।



हर जगह से हटाने की सिफारिश,फिर भी काबिज

CMO-Yukti


मप्र डे-ग्रामीण आजीविका परियोजना ने गत 14 मई को पोषण आहार संयंत्र शिवपुरी के सीईओ पद से हटाकर किसी योग्य अधिकारी को वहां पदस्थ करने की सिफारिश शासन से की।



इससे पहले,मुख्यमंत्री सचिवालय के उप सचिव आदित्य शर्मा ने गत 11 अप्रैल को एक नोटशीट जारी कर युक्ति को संयंत्र से हटाने के निर्देश दिए थे। यह अलग बात है कि यह निर्देश ग्रामीण विकास की जगह महिला एवं बाल विकास विभाग को भेजे जाने से ये बेअसर साबित हुए।



मप्र डे-ग्रामीण आजीविका परियोजना की सीईओ हर्षिका सिंह कहती हैं-हमने अपनी रिपोर्ट मई में ही शासन को भेज दी। प्रकरण शासनस्तर पर विचाराधीन है।



सांसद,मंत्री भी लिख चुके हैं पत्र,सदन में भी उठा मामला

ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने भी गत 19 मई को पंचायत मंत्री को पत्र लिखकर महिला अधिकारी की कार्यशैली को लेकर जांच करने का आग्रह किया। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी मामला संज्ञान में आने पर सीईओ जिला पंचायत शिवपुरी को जांच करने पत्र लिखा,लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात।



राज्य विधानसभा के पिछले मानसून सत्र में विधायक कैलाश कुशवाह के जवाब में पंचायत मंत्री ने बताया कि सीईओ युक्ति शर्मा को संयंत्र से हटाने संबंधी प्रस्तावित नस्ती अभी प्रचलन में है।



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पहले दिन से ही विवाद,दर्जनभर शिकायतें

सालभर पहले टीएचआर सीईओ बनीं युक्ति पहले ही दिन से विवादों में रहीं। अपने पूर्ववर्ती सीईओ महेंद्र जैन से कार्यभार लेने के साथ ही उन्होंने पहली जांच जैन के खिलाफ ही बैठाई। इसके बाद,नियम विरुद्ध तरीके से संयंत्र स्व-सहायता समूह संघ की अध्यक्ष लक्ष्मी शर्मा को पद से हटाकर एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को अध्यक्ष बना दिया।



दर्जनभर से अधिक महिला कर्मचारियों ने सीईओ युक्ति पर मानसिक प्रताड़ना,गाली-गलौज,अमर्यादित बातें करने,महिला कर्मचारियों पर चारित्रिक लांछन लगाने व संयंत्र में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किए जाने जैसे आरोप लगाए। शासन स्तर से निर्देश के बाद जिला कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में अनेक आरोप सही भी पाए गए।



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पहचान का रुतबा,कई को नौकरी से हटाया

संयंत्र की करीब आधा दर्जन महिला कर्मचारियों द्वारा विभागीय प्रमुख सचिव को की गई शिकायत में सीईओ पर अभद्र भाषा में बात करने का आरोप लगाया गया। महिलाओं ने लिखा कि सीईओ का कहना है कि उनकी ऊपर पहचान है। कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मैं खुद भी खाती हूं और खिलाती भी हूं।



महिलाओं ने लिखा कि सीईओ के गैरकानूनी तरीके से काम में सहयोग नहीं करने पर उन्हें नौकरी से जबरिया हटा दिया गया दवाब डालकर माफीनामा लिखने,महिला सुरक्षा गार्ड को ड्यूटी के दौरान पूरा समय खड़ा रखने,प्रताड़ना के चलते एक गर्भवती महिला सुरक्षा कर्मी का गर्भपात होने जैसे गंभीर आरोप भी शिकायती पत्रों में लगाए गए। महिलाओं ने लिखा कि सीईओ अपने काम करने के अंदाज का पुराना रिकॉर्ड देखने को भी कहती हैं।



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युक्ति की योग्यता को लेकर जवाब देने से बची सरकार

विधानसभा में विधायक कैलाश कुश्वाह ने टीएचआर शिवपुरी की सीईओ युक्ति शर्मा की योग्यता को लेकर भी सवाल दागा,लेकिन सरकार का जवाब गोलमोल आया।



पंचायत मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि उक्त पद के लिए द्वित्तीय श्रेणी का अधिकारी,कम से कम सात वर्ष की सेवा का अनुभव,बीते 5 सालों की "क" श्रेणी इससे ऊपर की सीआर, कोई विभागीय जांच अथवा आपराधिक मामला न दर्ज हो की शर्तें अनिवार्य है। जवाब में कहा गया कि टीएचआर सीईओ पद के लिए एमबीए/फूड टेक्नालॉजी/मैकेनिकल/इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर को प्राथमिकता भी उसकी योग्यता में शामिल है।



कुश्वाहा ने यह भी पूछा कि युक्ति शर्मा यदि टीएचआर सीईओ पद के लिए योग्य नहीं है,तब उनकी नियुक्ति इस पद पर क्यों,कैसे और किसके आदेश पर की गई। इसके जवाब में सिर्फ इतना कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश के तहत गए साल 27 अगस्त को युक्ति को टीएचआर सीईओ पदस्थ किया गया।



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...और पोषण आहार संयंत्र हुआ हाल-बेहाल

संयंत्र की महिला कर्मियों की ओर से की गई शिकायत में नई सीईओ की पदस्थापना के बाद कच्चे माल की एंट्री शाम 6 बजे के बाद और फर्जी एंट्री करने का आरोप लगाया गया। महिलाओं ने लिखा कि सीईओ के संरक्षण में संयंत्र के सहायक प्रबंधक मधुसूदन पाठक डूयूटी के दौरान शराब के नशे में रहते हैं। वह देर रात संयंत्र की महिलाओं को मोबाइल कॉल करते हैं। इसकी शिकायत सीईओ से ​करने पर नौकरी से निकालने की धमकी मिलती है।



निम्न श्रेणी पोषण आहार को लेकर सांसद ने भी जताई चिंता

MP -yukti


बता दें कि मप्र देश में सर्वाधिक कुपोषण वाले राज्य के कलंक से जूझ रहा है। इस दाग को धोने पूर्ववर्ती सरकार ने महिला स्व-सहायता समूहों को ही पोषण आहार बनाने का जिम्मा सौंपा ताकि व्यवस्था में सुधार आए। शिवपुरी टीएचआर शुरू करते वक्त पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन्हीं उम्मीदों के साथ महिला स्व-सहायता समूहों के हाथ में संयंत्र की चाबी सौंपी थी।



आदिवासियों की विशेष जनजाति सहरिया इसी जिले में सर्वाधिक है। जिले के कई सहरिया बच्चे कुपोषण का शिकार है। सांसद भारत सिंह कुश्वाह ने भी पंचायत मंत्री को लिखे अपने पत्र में संयंत्र में निम्न दर्जे का पोषण आहार बनने और इससे कुपोषित बच्चों के प्रभावित होने की चिंता जताई है।



84 दिन की हड़ताल के बाद हटीं,फिर 'सेफ लैंडिग'

सालभर पहले शिवपुरी पदस्थ किए जाने से पहले युक्ति शर्मा रायसेन जिले की जनपद पंचायत औबेदुल्लागंज में सीईओ रहीं। यहां उन पर हर काम के लिए कमीशन मांगने व मातहतों से दुर्व्यवहार करने के आरोप लगे। नौबत यहां तक आई कि समूचे जनपद के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए।



करीब 84 दिन की हड़ताल,ठप्प होता कामकाज व किरकिरी होते देख आनन-फानन में औबेदुल्लागंज से हटाकर शिवपुरी पदस्थ किया गया। युक्ति पर जाते-जाते भी सरकारी सामान को अपनी निजी गाड़ी में भरकर ले जाने के आरोप लगे। जांच में यह सही भी पाए गए,लेकिन इसे लेकर अब तक उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई।



गैरतगंज से भी हड़ताल के बाद ही हटीं

औबेदुल्लागंज जनपद से पहले युक्ति साल 2023 में रायसेन जिले की गैरतगंज जनपद में सीईओ रहीं। वहां उनके कामकाज के तरीके को लेकर ऐसा आक्रोश उभरा कि जनपद कर्मचारियों को चक्काजाम व सामूहिक इस्तीफा जैसे कदम उठाने पड़े।



सरपंचों के संगठन ने विधानसभा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी। सियासी माहौल बिगड़ता देख तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी के हस्तक्षेप पर युक्ति को गैरतगंज से हटाकर औबेदुल्लागंज पदस्थ किया गया।



स्वच्छ भारत अभियान में लाखों की गड़बड़ी

ceo Raisen


महिला अधिकारी मनमाफिक तरीके से काम करती रहीं हैं। इसका आकलन बीते साल उनके जनपद सीईओ औबेदुल्लागंज रहते स्वच्छ भारत अभियान में करीब 12 लाख के गलत भुगतान से लगाया जा सकता है।



रायसेन जिला पंचायत सीईओ अंजू पवन भदौरिया की जांच रिपोर्ट के मुताबिक,युक्ति शर्मा ने अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर भोपाल,विदिशा व सीहोर तक के हितग्राहियों को शौचालय बनाने राशि बांट दी।



जनपद सीईओ ने 96 हितग्राहियों का आवंटित किया जाना बताया। यह रकम उस वक्त आवंटित की गई,जब जनपद का समूचा स्टॉफ हड़ताल पर था। रिपोर्ट में सीईओ पर कम्प्यूटर,सीपीयू जैसे शासकीय संपत्ति भी खुर्द-बुर्द करने की बात भी कही गई।



इस मामले में थाना औबेदुल्लागंज में एक शिकायत भी दर्ज कराई गई। जिला पंचायत सीईओ ने अपनी रिपोर्ट में युक्ति के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी की,लेकिन नतीजा सिफर रहा।



अनुमति मिलने पर ही कुछ कह सकूंगी:युक्ति

इस मामले में महिला अधिकारी युक्ति शर्मा ने उनका पक्ष जानने पर उन्होंने कहा कि वह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति मिलने पर ही कुछ कह सकेंगी।





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