IAS Preeti Maithil: आज महिला दिवस पर चाची, काकी, मामी, मौसी, दादी, बुआ को सलाम पहुंचे!

Manya Jain | Mar 07, 2026, 19:09 IST
IAS Preeti Maithil
आईएएस प्रीति मैथिल ने महिला दिवस पर उन चाची, ताई और माताओं को सलाम किया है जो बिना किसी क्रेडिट के समाज और परिवार का निर्माण करती हैं। यह संदेश घर को स्वर्ग बनाने वाली महिलाओं के नाम है।

महिला दिवस न केवल आर्थिक रूप से सक्षम अपने पैरों पर खड़ी महिलाओं का दिन है, बल्कि उन स्त्रियों का भी है, जिन्होंने अपने बच्चों, अपने परिवार ही नहीं... अपने गांव, अपने मोहल्लों, अपने मायकों और अपनी ससुरालों को अपने प्रेम और जिजीविषा से अपने हाथों में संभाला है। यह दिन उन सब चाचियों का है, जो शादी-ब्याह के मौके पर घर-आंगन में इकट्ठा हो जाती हैं।



IAS Preeti Maithil GM TRIFED

हर महिला को महिला दिवस की बधाई

उन बड़ी बहुओं का भी है, जो 20-25 लोगों का भोजन ऐसे ही मुस्कराकर बना देती हैं। उन बुआओं का, जो आगे बढ़कर भाई के कंधे पर हाथ रख देती हैं, जब उनके पिताजी नहीं रहे। वो काकी-ताई, जो नई भाभियों को पूजा-पाठ सिखाकर अपने कुटुंब में मिलाती हैं...और बेटियां जो द्वार पर रंगोली और दीवार पर संझा बनाती हैं। दादी-नानी, जो नाती-पोतों को देखकर लहलहाती हैं और माएं जो सब कुछ अपने मन अपनी आंखों में समेट लेती हैं।



IAS priti maithil nayak

हर महिला डिजर्व करती हैं क्रेडिट

वो औरतें जिनकी पूरी जिंदगी बच्चों को पालने में निकल गई। कभी खुद के, कभी अपनी देवरानियों के और कभी पड़ोसियों तक के। वो बहुएं जिनकी आधी उम्र अपने सास-ससुर की तीमारदारी में कटी। वो पत्नियां, जिनके बिना पति अपनी दवाएं तक समय पर नहीं खा पाते...जो अस्पताल में सिर की तरफ बैठकर हाथ से माथा सहला देती हैं।



और वो सब भी जो महीने-महीने भर के व्रत करती हैं, नजर उतारती हैं और काजल के टीके लगा देती हैं। जो शाम को आंगन बुहारती हैं और मंदिर में दीपक रखती हैं। निर्माण केवल सड़कों, पुलों और अट्टालिकाओं का ही नहीं होता, निर्माण समाज का भी होता है...और समाज की निर्माता, एक स्त्री है।



आज महिला दिवस पर उन सब चाची, काकी, मामी, मौसी, दादी, बुआ को सलाम पहुंचे। आप को उतना क्रेडिट दिया नहीं जाता, जितना आप लोग deserve करती हो। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस



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