IAS Ruchika Chauhan: जीवन में आने वाले अस्थायी आकर्षण और भटकाव को अपने रास्ते की बाधा न बनने दें

ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने महिला दिवस पर युवाओं को खास संदेश दिया है। उन्होंने बताया कि कैसे बेटियां शिक्षित होकर और अस्थायी आकर्षणों से बचकर समाज बदल सकती हैं।

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Manya Jain
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एक महिला के रूप में मुझे हमेशा यह महसूस होता है कि ईश्वर ने हमें कुछ विशेष और अद्भुत क्षमताओं के साथ बनाया है। हमारे भीतर कई ऐसी छिपी हुई शक्तियां होती हैं, जो हमें एक साथ अनेक भूमिकाएं निभाने की क्षमता देती हैं। हम एक ही समय में बेटी, बहन, मां, पत्नी और एक कर्मठ कार्यकर्ता की जिम्मेदारियां निभा सकती हैं।

IAS ruchika chouhan
आईएएस रुचिका चौहान, कलेक्टर, ग्वालियर

शक्ति के साथ जिम्मेदारी भी आती है

जैसा कि कहा जाता है...महान शक्ति के साथ महान जिम्मेदारी भी आती है। इसी तरह परिवार, समाज और देश भी महिलाओं से बड़ी उम्मीदें रखते हैं। जिस परिवार ने अपनी बेटियों को शिक्षित किया है, वह परिवार निश्चित रूप से अधिक सकारात्मक, प्रगतिशील और खुशहाल जीवन जीता है। शिक्षित बेटी केवल अपने जीवन को ही नहीं संवारती, बल्कि पूरे परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

मैं स्वयं को बहुत सौभाग्यशाली मानती हूं कि मेरा जन्म ऐसे माता-पिता के घर हुआ, जिन्होंने कभी भी बेटों और बेटियों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया। उन्होंने हमें पढ़ाई और खेल...दोनों में आगे बढ़ने के समान अवसर दिए। यही संस्कार और अवसर किसी भी बच्चे के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को मजबूत बनाते हैं।

कलेक्टर रुचिका चौहान

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आईएएस रुचिका चौहान, कलेक्टर, ग्वालियर

आत्मविश्वास को पहचानिए

आज की युवा पीढ़ी के लिए मेरा एक संदेश है कि हमेशा अपने माता-पिता और गुरुओं का सम्मान करें। यह गर्व की बात है कि हम भारत जैसे उदार और विविधताओं से भरे देश में जन्मे हैं। हमें हर व्यक्ति से कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करनी चाहिए। कुछ लोग हमें यह सिखाते हैं कि हमें कैसा बनना चाहिए और कुछ हमें यह सिखाते हैं कि हमें कैसा नहीं बनना चाहिए। अपने भीतर की शक्ति और आत्मविश्वास को पहचानिए और उसी के सहारे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आगे बढ़िए। जीवन में आने वाले अस्थायी आकर्षण और भटकाव को अपने रास्ते की बाधा न बनने दें।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हर महिला के भीतर अपार शक्ति, संवेदना और क्षमता होती है। जरूरत केवल उसे पहचानने और सही दिशा में उपयोग करने की है। आइए, इस महिला दिवस पर संकल्प लें कि हम अपने सपनों को साकार करेंगे, अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखेंगे और समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

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