2 करोड़ की रिश्वत मामला: ट्रैप से पहले 3 दिन तक बातचीत रिकॉर्ड करती रही ACB
Ashish Bhardwaj | Oct 11, 2026, 12:06 IST
2 करोड़ रिश्वत मामला
उदयपुर में एसीबी ने रिश्वत मांगने के आरोप में सज्जन सिंह जैन और एसओजी के एएसपी मुकेश सोनी को गिरफ्तार किया। हेमलता कांकरिया ने एसीबी को 23 सितंबर को वॉट्सऐप कॉल करके शिकायत की थी। एसीबी ने बाद में बातचीत रिकॉर्ड करके सबूत जुटाए। 26 सितंबर को एसीबी ने आरोपी को दो करोड़ रुपए लेते हुए पकड़ा। यह मामला अब अदालत में आगे की प्रक्रिया का सामना करेगा।
दो करोड़ रुपए की कथित रिश्वत के मामले में अब तक कहानी का सबसे चर्चित हिस्सा ट्रैप की कार्रवाई रहा है। लेकिन एसीबी की एफआईआर में दर्ज घटनाक्रम को शुरू से अंत तक पढ़ें तो असली कहानी 26 सितंबर को दो करोड़ रुपए पकड़े जाने से तीन दिन पहले शुरू होती है।
एसीबी (ACB – Anti Corruption Bureau) की एफआईआर के मुताबिक परिवादी पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप था कि मामले में राहत दिलाने के बदले दो करोड़ रुपए मांगे जा रहे थे। दूसरे मामलों में आरोपी न बनाने का भरोसा भी दिया जा रहा था। गिरफ्तारी के समय घर से जब्त दस्तावेज लौटाने की बात भी इसमें शामिल थी।
शिकायत में एसओजी (SOG – Special Operations Group) के एएसपी (ASP – Additional Superintendent of Police) मुकेश कुमार सोनी का नाम आया। कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन का नाम भी सामने आया। ये सभी आरोप जांच का विषय हैं और अदालत में साबित होने बाकी हैं।
एफआईआर के मुताबिक 23 सितंबर को हेमलता कांकरिया ने एसीबी के डीएसपी (DSP – Deputy Superintendent of Police) डॉ. सोनू शेखावत को वॉट्सऐप कॉल किया। उन्होंने कॉल पर ही शिकायत दी। हेमलता और उनके पति निरंजन मोगरा को निगरानी रखे जाने की आशंका थी। इसी डर से वे एसीबी दफ्तर जाने से कतरा रहे थे।
ऐसे में एसीबी ने उन्हें दफ्तर बुलाने के बजाय बाहर एकांत जगह पर रिपोर्ट लेने का इंतजाम किया। इसके बाद सहायक प्रशासनिक अधिकारी दलपत सिंह को डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर और नया मेमोरी कार्ड दिया गया। उन्हें परिवादी के संपर्क में रहकर बातचीत रिकॉर्ड करने को कहा गया।
पहली रिकॉर्डिंग के लिए परिवादी को चालू रिकॉर्डर के साथ सज्जन सिंह जैन के घर भेजा गया। एसीबी का कर्मचारी कुछ दूरी पर पीछे रहा। कुछ देर बाद परिवादी बाहर आया और स्कूटर से थोड़ी दूर जाकर रुका। उसने चालू रिकॉर्डर कर्मचारी को सौंप दिया।
इसके बाद रिकॉर्डिंग सुनी गई। एफआईआर में दावा है कि बातचीत में दो करोड़ रुपए की कथित मांग की पुष्टि हुई। रिकॉर्डर और मेमोरी कार्ड एसीबी दफ्तर में सुरक्षित रख दिए गए। अगली बातचीत के लिए नया मेमोरी कार्ड इस्तेमाल करने का फैसला हुआ।
24 सितंबर को भी परिवादी और सज्जन सिंह की मुलाकात हुई। यह बातचीत भी रिकॉर्ड कराई गई। एसीबी अफसरों ने इसे भी सुना। एफआईआर के मुताबिक इसमें भी शिकायत से जुड़े घटनाक्रम की पुष्टि दर्ज की गई।
25 सितंबर की रात करीब 8:10 बजे परिवादी ने फिर वॉट्सऐप कॉल किया। उसने बताया कि सज्जन सिंह ने उसे घर बुलाया है। रिकॉर्डर में फिर नया मेमोरी कार्ड लगाया गया। दलपत सिंह को फिर बातचीत रिकॉर्ड करने भेजा गया।
एफआईआर के मुताबिक परिवादी ने बताया कि सज्जन सिंह के मोबाइल से उसकी दो-तीन बार बात हुई। कथित तौर पर उसे कहा गया कि मुकेश कुमार सोनी दो करोड़ रुपए जल्द भिजवाने को कह रहे हैं। परिवादी को इस पर भरोसा नहीं हुआ। उसने सज्जन सिंह के साथ मुकेश सोनी से सीधे बात करने की इच्छा जताई।
तीन दिन की बातचीत और सत्यापन के बाद 26 सितंबर को एसीबी ट्रैप उदयपुर में किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक सज्जन सिंह जैन को परिवादी की फैक्ट्री में दो करोड़ रुपए लेते पकड़ा गया। अगले दिन एसओजी एएसपी मुकेश सोनी को भी गिरफ्तार किया गया। उन पर कथित भूमिका के आधार पर कार्रवाई हुई।
इस Udaipur bribery case में ACB Rajasthan की जांच का सबसे अहम पहलू यही है कि ट्रैप से पहले हर कदम क्रम से दर्ज हुआ। शिकायत, मुलाकात और बातचीत, सब रिकॉर्ड पर है। क्या ये रिकॉर्डिंग अदालत में आरोप साबित कर पाएंगी? यही आगे की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
रिकॉर्डिंग और एफआईआर में दर्ज आरोप जांच के सबूत हैं। अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा। अगर आपसे भी कोई सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगे, तो एसीबी की हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं।
272 भूखंड प्रकरण से जुड़ा मामला
शिकायत में एसओजी (SOG – Special Operations Group) के एएसपी (ASP – Additional Superintendent of Police) मुकेश कुमार सोनी का नाम आया। कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन का नाम भी सामने आया। ये सभी आरोप जांच का विषय हैं और अदालत में साबित होने बाकी हैं।
23 सितंबर: डर के बीच शिकायत
एकांत में ली लिखित रिपोर्ट
पहली रिकॉर्डिंग, बिचौलिए के घर
हर बार नया मेमोरी कार्ड
24 और 25 सितंबर का सत्यापन
25 सितंबर की रात करीब 8:10 बजे परिवादी ने फिर वॉट्सऐप कॉल किया। उसने बताया कि सज्जन सिंह ने उसे घर बुलाया है। रिकॉर्डर में फिर नया मेमोरी कार्ड लगाया गया। दलपत सिंह को फिर बातचीत रिकॉर्ड करने भेजा गया।
मुकेश सोनी के नाम का जिक्र
26 सितंबर को ट्रैप
जांच का अहम पहलू
रिकॉर्डिंग और एफआईआर में दर्ज आरोप जांच के सबूत हैं। अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा। अगर आपसे भी कोई सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगे, तो एसीबी की हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं।
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