उदयपुर के 2 करोड़ रिश्वतकांड में बड़ी कार्रवाई, SOG के ASP मुकेश सोनी को राज्य सरकार ने किया सस्पेंड
Ashish Bhardwaj | Oct 06, 2026, 13:07 IST
ASP मुकेश सोनी
उदयपुर के भूखंड घोटाले में एएसपी मुकेश कुमार सोनी को रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित किया गया है। एसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आरोपियों से दो करोड़ की राशि मांगी थी जिसे सत्यापित किया गया है। इस मामले में कार्रवाई जारी है और एसीबी मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
राजस्थान के प्रसिद्द दो करोड़ रिश्वतकांड मामले में गिरफ्तार एएसपी मुकेश कुमार सोनी निलंबित कर दिया गया हैं। सोनी एसओजी में तैनात थे। यह कार्रवाई एसीबी की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। सोनी पर उदयपुर के 272 भूखंडों वाले केस में रिश्वत मांगने का आरोप है। आरोप है कि वे आरोपियों को राहत देने के बदले रकम चाहते थे। मामले की जांच जारी है।
एएसपी (ASP – Additional Superintendent of Police) मुकेश सोनी एसओजी (SOG – Special Operations Group) में तैनात थे। एसीबी (ACB – Anti Corruption Bureau) की रिपोर्ट के बाद सरकार ने उन्हें निलंबित किया।
एसीबी ने 26 सितंबर को कथित बिचौलिये सज्जन सिंह जैन को पकड़ा था। उसे टाटला नाम से भी जाना जाता है। आरोप है कि वह दो करोड़ रुपए ले रहा था। अगले दिन एएसपी सोनी भी गिरफ्तार हुए।
जांच के दौरान एसीबी टीम दलाल सज्जन सिंह को लेकर सोनी के घर पहुंची। टीम का नेतृत्व जांच अधिकारी महावीर सिंह शेखावत कर रहे है। वहां मौके की पुष्टि कराई गई। एसीबी के मुताबिक सज्जन सिंह जैन टाटला का सोनी के घर आना-जाना था। रिश्वत प्रकरण के दौरान भी वह वहां जाकर मिला था।
जांच में एक दिलचस्प बात सामने आई है। 23 सितंबर को रानी रोड पर मुलाकात तय हुई थी। एसीबी के मुताबिक सोनी ने इसका समय तीन बार बदला। पहले सुबह 10 बजे का समय तय हुआ। फिर इसे दोपहर 1 बजे किया गया। बाद में शाम 5 बजे कर दिया गया। फिर भी सोनी करीब डेढ़ घंटे देर से शाम 6:30 बजे पहुंचे।
दलाल सज्जन सिंह परिवादी निरंजन मोगरा को लेकर महाकालेश्वर मंदिर के पास पहुंचा। परिवादी यानी शिकायत करने वाला व्यक्ति। कुछ देर बाद सोनी अपनी कार से वहां आए। उन्होंने दोनों को कार में बुलाया। करीब चार मिनट तक तीनों में बातचीत हुई। आरोप है कि सोनी ने रकम पर सीधे बात नहीं की। उन्होंने मोबाइल पर लिखकर अपनी बात रखी।
एसीबी के अनुसार आरोपी एएसपी के मोबाइल स्क्रीन पर एक मैसेज दिखाई दे रहा था। मैसेज में लिखा था कि सज्जन जो कहे, वो कर लेना और इसके बाद 30 तक चार्जशीट पेश करूंगा। एसीबी ने इस पूरी बातचीत की डिजिटल रिकॉर्डिंग सुरक्षित की है।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने तीन दिन तक सत्यापन किया। इसमें डिजिटल रिकॉर्डिंग का सहारा लिया गया। सत्यापन में दो करोड़ रुपए की मांग की पुष्टि हुई। Rajasthan ACB bribery case में दलाल ने दो बार बातचीत भी कराई। परिवादी और सोनी की यह बात वॉट्सएप कॉल पर हुई।
सोनी के दफ्तर से नगर निगम से जुड़े 41 भूखंडों की फाइलें मिलीं। कई दस्तावेजों पर यूडीए (UDA – Udaipur Development Authority) की सील और हस्ताक्षर थे। इन्हीं दस्तावेजों से नगर निगम में आवंटन पत्र और पट्टे जारी हुए थे। एसीबी जांच कर रही है कि ये दस्तावेज असली थे या फर्जी। कुछ मामलों में मूल फाइलों के बाद बदले नंबरों वाली फाइलें मिलीं। इससे फाइलों में हेरफेर का शक भी जांच के दायरे में है।
क्या है
आरोप है कि खाली और निरस्त भूखंडों के फर्जी दस्तावेज बनाए गए। फर्जी लीज डीड से इनका नामांतरण कराया गया और फिर इन्हें बेच दिया गया। नामांतरण यानी जमीन का मालिकाना हक दूसरे के नाम चढ़ाना। 2022 में सूरजपोल थाने में इसकी एफआईआर (FIR – First Information Report) दर्ज हुई थी। जांच के बाद नगर निगम ने 48 पट्टे निरस्त किए। इसलिए इसे उदयपुर नगर निगम पट्टा घोटाला भी कहा जाता है।
इसी मामले में एसओजी ने पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी हेमलता कांकरिया को पकड़ा था। उनके पति निरंजन मोगरा भी गिरफ्तार हुए थे। घर से करीब दो किलो सोने के जेवर और 11 लाख रुपए मिले थे। आरोप है कि केस में एफआर (FR – Final Report) लगाने के बदले रिश्वत मांगी गई। जब्त सामान लौटाने के लिए भी दो करोड़ की मांग का आरोप है।
एसओजी एएसपी रिश्वत केस ने राजस्थान पुलिस भ्रष्टाचार पर फिर बहस छेड़ दी है। उदयपुर 272 प्लॉट घोटाला पहले से जांच में था। अब उसी जांच से जुड़े अफसर पर आरोप लगे हैं। ASP Mukesh Soni suspended होने के बाद नजर एसीबी की जांच पर है। क्या 41 फाइलों से और नाम सामने आएंगे?
रिपोर्ट के बाद हुआ निलंबन
एसीबी ने 26 सितंबर को कथित बिचौलिये सज्जन सिंह जैन को पकड़ा था। उसे टाटला नाम से भी जाना जाता है। आरोप है कि वह दो करोड़ रुपए ले रहा था। अगले दिन एएसपी सोनी भी गिरफ्तार हुए।
सज्जन सिंह जैन टाटला का घर आना-जाना
तीन बार बदला मिलने का समय
कार में चार मिनट की बातचीत
मोबाइल स्क्रीन पर क्या लिखा था
तीन दिन में हुआ मांग का सत्यापन
दफ्तर से मिलीं 41 भूखंडों की फाइलें
क्या है उदयपुर 272 प्लॉट घोटाला ?
हेमलता कांकरिया और निरंजन मोगरा की गिरफ्तारी
एसओजी एएसपी रिश्वत केस से उठे सवाल
FAQs
- एएसपी मुकेश सोनी को क्यों निलंबित किया गया?
एसओजी के एएसपी मुकेश कुमार सोनी पर दो करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप है। यह मामला उदयपुर के 272 भूखंडों से जुड़ा है। एसीबी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने उन्हें निलंबित किया। - 2 करोड़ रिश्वतकांड मामले में अब तक किसकी गिरफ्तारी हुई है?
एसीबी ने 26 सितंबर को कथित बिचौलिये सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को दो करोड़ रुपए लेते पकड़ा था। अगले दिन एएसपी मुकेश सोनी को गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच जारी है। - उदयपुर 272 प्लॉट घोटाला क्या है?
आरोप है कि खाली और निरस्त भूखंडों के फर्जी दस्तावेज और लीज डीड बनाकर इनका नामांतरण कराया गया और इन्हें बेच दिया गया। 2022 में सूरजपोल थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। नगर निगम ने 48 पट्टे निरस्त किए थे।
फेसबुक की दोस्ती से 2 करोड़ की ठगी, महिला ने कारोबार में निवेश का झांसा देकर बनाया शिकार
By Jyoti Mahender Bhardwaj
करोड़ों के आलीशान बंगले मिलने पर भी मंत्रियों को पुरानों का मोह, स्पीकर समेत चार माननीयों पर दो सरकारी आवास
By Arun Tiwari
2 नवंबर से लागू होंगे लैंड कन्वर्जन के नए नियम, जानें कितने वर्ग मीटर तक आवास निर्माण पर शुल्क नहीं?
By Jageshwar prasad
एमपी में 40 हजार करोड़ से बनेगा सड़क का नया नेटवर्क, नए एक्सप्रेस कॉरिडोर से खत्म होगा जाम, जानें पूरा रोड मैप
By Kaushiki
ग्रामीणों ने शिक्षक को पेड़ से बांधकर पीटा, दनादन मारते रहे थप्पड़, टीचर रोता-बिलखता चिल्लाता रहा मुझे छोड़ दो
By Aman Vaishnav
इंदौर में शोर मापने वाला यंत्र पुलिस ने 1.5 लाख में खरीदा, हाईकोर्ट में वकील ने बता दिया 3000 में मिल रहा
By Sanjay Gupta
क्या पावर नैप याददाश्त और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद करती है या केवल एक झूठा आराम है?
By Jyoti Mahender Bhardwaj