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Photograph: (the sootr)
News In Short
- ईडी ने आदर्श क्रेडिट सोसाइटी घोटाले में 7.72 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क कीं।
- संचालक मुकेश मोदी और राहुल मोदी पर निवेशकों से करोड़ों रुपए हड़पने का आरोप।
- मुकेश मोदी ने अपने परिवार और सहयोगियों के जरिए घोटाले का पैसा डायवर्ट किया।
- ईडी पहले 2176 करोड़ रुपए की संपत्तियों को कर चुका है कुर्क, 139 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया।
- ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई की है।
News In Detail
Jaipur: देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपना शिकंजा कस दिया है। ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस घोटाले के मुख्य आरोपियों मुकेश मोदी और राहुल मोदी की 7.72 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। यह एक्शन प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत किया गया।
​गरीबों की गाढ़ी कमाई पर डाला डाका
ईडी की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार मुकेश मोदी, राहुल मोदी और उनके परिवार के सदस्यों ने आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी पर अपना पूर्ण नियंत्रण बना रखा था। इन लोगों ने देश के लाखों निवेशकों को 'असामान्य रूप से ऊंचे रिटर्न' का लालच दिया। ​जल्द पैसा दोगुना करने और भारी मुनाफे के झांसे में आकर हजारों-करोड़ रुपए सोसाइटी में जमा किए गए। लेकिन, जैसे ही पैसा तिजोरी में आया, उसे ऊंचे निवेश के बजाय परिवार के निजी हितों के लिए साफ करना शुरू कर दिया गया।
​कैसे हुआ फंड का 'हेरफेर'
ईडी की जांच के मुताबिक, निवेशकों के पैसे को डायवर्ट करने के लिए आरोपियों ने कई रास्ते अपनाए। बिना किसी गारंटी के परिवार के सदस्यों और उनकी कंपनियों को भारी-भरकम कर्ज दिए गए। मुकेश मोदी के परिवार के जो सदस्य सोसाइटी में काम कर रहे थे, उन्हें भारी कमीशन और बोनस के नाम पर पैसा बांटा गया। विभिन्न फर्मों और एलएलपी (LLPs) के माध्यम से पैसा रियल एस्टेट और शेयर ट्रेडिंग जैसे घाटे वाले व्यवसायों में जानबूझकर झोंका गया।
3830 करोड़ की काली कमाई का खुलासा
​ईडी ने खुलासा किया है कि मुकेश मोदी, उनके परिवार और सहयोगियों ने इस पूरे खेल में लगभग 3830.06 करोड़ रुपए की 'अपराध की कमाई' (Proceeds of Crime) अर्जित की। इस काली कमाई का इस्तेमाल देशभर में महंगी अचल संपत्तियां और अन्य चल संपत्तियां खरीदने में किया गया। ईडी पहले 2176 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क कर चुका है। ईडी की ओर से विशेष अदालत (PMLA) के समक्ष 139 व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
एसओजी से शुरू हुई थी जांच
​इस महाघोटाले की नींव राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ी है। एसओजी ने ही सबसे पहले इस बात का पर्दाफाश किया था कि कैसे मुकेश मोदी और राहुल मोदी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर निवेशकों को चपत लगाई। इन्होंने आदर्श ग्रुप की कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।
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