सेहत से खिलवाड़: सिंथेटिक दूध का कारखाना पकड़ा, गांवों की डेयरियों के जरिए पहुंचाते थे शहरों में

राजस्थान पुलिस ने टोंक जिले में सिंथेटिक दूध का कारखाना पकड़ा है। पुलिस ने इस कारखाने से 5500 लीटर मिलावटी दूध, 5 पिकअप गाड़ियां और अन्य सामग्री जब्त की है। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

author-image
Purshottam Kumar Joshi
New Update
tonk milk fectory

Photograph: (the sootr)

News in Short

  • राजस्थान के टोंक में सिंथेटिक दूध के खिलाफ पुलिस ने की बड़ी छापेमारी।
  • 5500 लीटर सिंथेब्कि दूध और 5 पिकअप गाड़ियां जब्त। यह दूध आमजन को बिकने वाला था।
  • 2100 लीटर सोयाबीन तेल, 500 लीटर डाल्डा घी, 550 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर भी बरामद।
  • आरोपी राजू जाट और चार अन्य को गिरफ्तार किया। मास्टरमाइंड सोनू यादव अभी फरार।
  • दूध बनाने की प्रक्रिया में कास्टिक सोडा, ताड़ तेल और सोयाबीन तेल का इस्तेमाल हुआ।

News in Detail

राजस्थान में टोंक के डिग्गी कस्बे में सिंथेटिक दूध का ऐसा गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है, जो कैमिकल से मिलावटी दूध बनाकर टोंक, अजमेर और राजधानी जयपुर तक आमजन को सप्लाई कर रहा था। सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह सप्लाई ग्रामीण अंचल से लेकर शहरी इलाकों में डेयरी के दूध कलेक्शन पाइंट के माध्यम से हो रही थी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग टोंक के स्वास्थ्य निरीक्षक ने इस दूध को जानलेवा बताया है। 

मिलावटी दूध की फैक्ट्री 

यह छापेमारी टोंक जिले के डिग्गी कस्बे में पुलिस की जिला स्पेशल टीम ने की। इस ऑपरेशन को जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 5500 लीटर मिलावटी दूध, पांच पिकअप गाड़ियां और एक दूध टैंकर जब्त किया।

केमिकल्स से बना रहे दूध

पुलिस की इस छापेमार कार्रवाई के दौरान सामने आया कि आरोपी दूध में मिलावट करने के लिए घातक केमिकल्स का उपयोग करते थे। दूध का रंग देने के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर और लैक्टोजा मोनोहाइड्रेट लैक्टोज मिलाया जाता था। इसके साथ ही दूध की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए कास्टिक सोडा मिलाया जाता था। दूध का फेट बढ़ाने के लिए डाल्डा घी, ताड़ का तेल और सोयाबीन तेल का प्रयोग किया जाता था।

एक्शन और आरोपियों की गिरफ्तारी

बहरोड निवासी सोनू यादव इस मिलावटी दूध की फैक्ट्री को संचालित कर रहा था। पुलिस कार्रवाई के दौरान मौका पाकर फरार हो गया। पुलिस ने मिलावटी दूध फैक्ट्री से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों का नाम राजू, कालू, महिपाल, शिवराज, और ओमप्रकाश है, जो सभी विभिन्न स्थानों से संबंधित हैं। ये आरोपी मिलावटी दूध को टोंक, अजमेर और जयपुर तक बेचते थे। पुलिस ने इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस की टीम आरोपियों से जुड़े अन्य मामलों की भी तफ्तीश कर रही है।

मिलावटी दूध का कारोबार 

सिंथेटिक दूध का कारोबार स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे का कारण बन सकता है। इसमें इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स न केवल दूध की शुद्धता को प्रभावित करते हैं, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। मिलावटी दूध का सेवन करने से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अधिक खतरा हो सकता है।

मिलावटी दूध का खुलासा

इस ऑपरेशन ने पुलिस को यह जानने में मदद की कि कैसे मिलावटी दूध की फैक्ट्री चल रही थी, किस तरह से इसे बड़े पैमाने पर बेचा जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई आगामी समय में मिलावटी दूध के व्यापार को समाप्त करने के लिए एक मजबूत कदम साबित होगी।

 खाद्य सुरक्षा टीम भी पहुंची

मालपुरा पुलिस उपाधीक्षक आशीष प्रजापत ने बताया कि छापेमारी के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। कार्रवाई के दौरान सभी मिलावटी दूध का सेम्पल लिया गया है। फिलहाल फैक्ट्री से सभी मिलावटी सामान, मशीन और वाहन जप्त किए है। मिलावटी दूध फैक्ट्री का मुख्य मालिक बहरोड निवासी सोनू यादव है जो फरार है। पुलिस की टीम जल्द ही मुख्य आरोपी को भी पकड़ लेगी।

डेयरी के जरिए करते थे सप्लाई

जिला स्पेशल पुलिस टीम प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि मुखबिर से लगातार मिलावटी दूध फैक्ट्री की सूचना मिल रही थी। इस पर सोमवार देर रात को डिग्गी में छापेमारी कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि यह मिलावटी दूध को बड़े व्यापक स्तर पर ग्रामीण अंचल में दूध डेयरी के संग्रहण केंद्रों पर सप्लाई करते थे। दूध डेयरी के संग्रहण केंद्र के संचालक इसे खुले में आमजन तक और अलग अलग डेयरी में बेच रहे है।

पहले भी सैम्पल हुआ फेल

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदन लाल गुर्जर ने बताया कि कुछ महीने पहले भी इस मिलावटी दूध फैक्ट्री से सैम्पल लिया गया था जो फेल हो गया था। उस पर भी कार्रवाई की जा रही थी। सोमवार रात को जिला स्पेशल पुलिस टीम की छापेमारी के दौरान भी मिलावटी दूध का सेम्पल लिया गया है। फैक्ट्री से भारी संख्या में मिलावटी दूध बनाने का केमिकल और पाउडर बरामद किया गया है। सभी खाद्य सामग्री के सैम्पल लिए है। मदन गुर्जर ने बताया कि यह मिलावटी दूध बच्चों से लेकर महिलाओं और बुजुर्गों के लिए जानलेवा साबित हो सकता था। अब इस मिलावटी दूध के सैम्पल लेबोरेट्री भेज गए है, रिपोर्ट आने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। 

इस पूरे मामले में आगे क्या ?

इस मामले में पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कदम उठाया है। सिंथेटिक दूध के इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इसके अलावा, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है, जिससे इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। यह कार्रवाई यह भी दिखाती है कि पुलिस और प्रशासन मिलावटी उत्पादों के खिलाफ प्रभावी तरीके से काम कर रहे हैं।

खबरें यह भी पढ़िए..

एमपी, सीजी और राजस्थान में ठंड का दौर जारी, 3 दिन बदला रहेगा मौसम, अलर्ट जारी

वित्त आयोग की रिपोर्ट: इन्फ्रास्ट्रक्चर में पीछे रहा राजस्थान, झारखंड भी निकला आगे

केंद्रीय करों में राजस्थान के हिस्से पर चली कैंची, विकास के समीकरणों पर पड़ेगा असर

केंद्रीय बजट से भजनलाल को उम्मीद, राजस्थान के विकास को मिलेगी अधिक मजबूती

सिंथेटिक दूध खाद्य सुरक्षा टीम पुलिस जयपुर अजमेर टोंक मिलावटी दूध राजस्थान
Advertisment