अंता विधानसभा उपचुनाव : बड़े नेताओं में सहमति, दिल्ली से आएगी नाम की पर्ची, घोषणा सोमवार तक संभव
राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार के नाम पर लगभग सहमति बन गई है। माना जा रहा है कि एक या दो दिन में दिल्ली से प्रत्याशी के नाम की घोषणा हो सकती है। बिहार चुनाव को लेकर भाजपा की केंद्रीय चुनाव कमेटी की रविवार को दिल्ली में बैठक हुई। इसमें बिहार में सीटों के बंटवारे पर सहमति बन चुकी है। वहां के उम्मीदवारों को लेकर चर्चा हुई है। बताया जा रहा है कि इसी बैठक में अंता सीट को लेकर आए पैनल पर भी विचार हुआ है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अंता के उम्मीदवार का नाम सोमवार तक दिल्ली से आ सकता है।
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वसुंधरा की सहमति के बाद नाम भेजा
अंता सीट पर भाजपा उम्मीदवार को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बीच मंथन हो चुका है। राजे के सरकारी निवास पर शुक्रवार को हुई बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा हुई। इसमें कुछ नामों पर सहमति बनी, जिन्हें फाइनल निर्णय के लिए दिल्ली भेजा गया है। अंता सीट राजे के सांसद पुत्र दुष्यंत सिंह के झालावाड़ संसदीय क्षेत्र में आती है। ऐसे में वसुंधरा के सुझाए नाम पर सहमति बनी है। साथ ही उम्मीदवार की घोषणा होते ही मिलकर चुनाव मैदान में उतरने एवं जीत की रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई।
कांग्रेस का भाया पर फिर भरोसा
अंता सीट पर कांग्रेस पहले ही बारां के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया का नाम घोषित कर चुकी है। इस सीट पर तीन बार के विधायक रहे भाया के सामने मजबूत उम्मीदवार उतारने को लेकर भाजपा में मंथन हुआ है। पिछला चुनाव प्रमोद जैन भाया करीब 5800 वोट से भाजपा के कंवरलाल मीणा से हार गए थे।
जातीय समीकरण का रहेगा अहम रोल
अंता सीट पर कई जातियों की बहुतायत है। सर्वाधिक वोट माली समाज के 40 हजार हैं। इसके बाद मीणा समाज के 30 हजार वोट हैं। 35 हजार वोट एससी वर्ग से है। धाकड़, ब्राह्मण, वैश्य, मुस्लिम वोट भी अच्छी तादाद में हैं। तीन बार विधायक रहे प्रमोद जैन भाया की जाति के वोट कम हैं, लेकिन राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक सक्रियता के कारण उनकी सभी वर्ग में अच्छी पकड़ है।
सभी को साथ लेकर चुनाव लड़ सके
वहीं भाजपा ऐसे नेता को टिकट देने के पक्ष में है, जिसके जातीय समीकरण के साथ सीट के मतदाताओं में अच्छी पकड़ हो और सभी को साथ लेकर चुनाव लड़ सके। पार्टी जानती है कि एकजुटता से चुनाव लड़े तो भाया को चुनावी मैदान में पटखनी दी जा सकती है। भाजपा ने पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, भूपेंद्र सैनी, कंवरलाल मीणा की पत्नी, भाजपा नेता आनंद गर्ग, पूर्व जिला प्रमुख नंदलाल सुमन एवं अंता प्रधान प्रखर कौशल के नामों पर विचार किया है। अब देखना है कि किसके नाम की पर्ची निकलती है।
FAQ
- 1. अंता उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार का नाम कब घोषित होगा?
भा.ज.पा के उम्मीदवार का नाम सोमवार तक दिल्ली से घोषित होने की संभावना है। इस पर सभी प्रमुख नेताओं की सहमति बन चुकी है। - 2. कांग्रेस ने अंता उपचुनाव के लिए किसे उम्मीदवार बनाया है?
कांग्रेस ने अंता उपचुनाव के लिए पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को उम्मीदवार घोषित किया है, जो इस सीट पर तीन बार विधायक रह चुके हैं। - 3. अंता सीट पर कौन-कौन से जातीय समूह हैं, जिनका चुनाव पर प्रभाव पड़ेगा?
अंता सीट पर माली समाज, मीणा समाज, एससी वर्ग, धाकड़, ब्राह्मण, वैश्य और मुस्लिम वोट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।