भड़ाना को 14 दिन पहले जान से मारने की धमकी , हत्या से पहले दर्ज हुई थी FIR, फिर भी भौंडा गांव में हुआ जानलेवा हमला
Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 13, 2026, 10:37 IST
भड़ाना ने हमले से पहले जान का खतरा होने की शिकायत दर्ज कराई थी।
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना पर राजस्थान के भरतपुर जिले के भौंडा गांव में खनन विवाद के बीच जानलेवा हमला हुआ। पोस्टमार्टम की शुरुआती जानकारी के अनुसार, शरीर पर 40 से ज्यादा चोटें और हाथ-पैर में फ्रैक्चर मिले; गोली लगने की आशंका के स्पष्ट निशान नहीं मिले। 94 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज होने और 25 टीमों के तलाश में जुटने की जानकारी है ।
समझें क्या है पूरा मामला
- पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या से पहले दर्ज हुई थी धमकी की FIR ।
- भड़ाना हत्याकांड में 94 से ज्यादा लोगों पर केस, 25 टीमें कर रहीं आरोपियों की तलाश ।
- शरीर पर 40 से ज्यादा चोटें, पोस्टमार्टम में फ्रैक्चर की पुष्टि; गोली लगने के स्पष्ट निशान नहीं ।
- खनन विवाद में पूर्व विधायक की हत्या, परिजनों ने की CBI जांच की मांग ।
- जान का खतरा बताकर दर्ज कराई थी शिकायत, फिर भी भौंडा गांव में हुआ जानलेवा हमला ।
मामले में 94 से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों की तलाश के लिए 25 पुलिस टीमों के जुटने की बात कही गई है। वहीं, परिजनों ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
हमले से पहले दर्ज कराई थी शिकायत
खनन क्षेत्र में रास्ते को लेकर ग्रामीणों और पट्टाधारक पक्ष के बीच पहले से विवाद चल रहा था। बताया गया है कि इस विवाद को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने भी अपनी मांगें रखी थीं। इंटेलिजेंस रिपोर्ट में भी विवाद बढ़ने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताए जाने की जानकारी सामने आई है।
चश्मदीद ने हमले को लेकर क्या बताया?
हमलावरों ने खिड़की से जलती लकड़ियां कमरे में फेंकीं। इसके बाद दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और रॉड व सरियों से हमला किया। इन घटनाओं और हमले में शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होनी बाकी है।
पोस्टमार्टम में 40 से ज्यादा चोटों की जानकारी
चिकित्सकों ने आंतरिक चोटों की भी जांच की। गोली लगने की आशंका की पड़ताल के लिए एक्स-रे कराया गया, लेकिन शुरुआती जानकारी में गोली जैसी चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले, सिर की चोट और अधिक खून बहने को मौत की वजह बताया गया है। अंतिम चिकित्सकीय निष्कर्षों के लिए आधिकारिक रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
पुलिस की देरी पर उठे सवाल
परिजनों ने की सीबीआई जांच की मांग
फिलहाल मामले में आरोपियों की तलाश और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच अहम है। पुलिस की पिछली कार्रवाई, सुरक्षा व्यवस्था, हमले की परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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