नई उम्मीद: अविशान को मिली राष्ट्रीय मान्यता, एक से अधिक मेमनों को दे सकती हैं जन्म
Purshottam Kumar Joshi | Jan 16, 2026, 13:42 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के अविकानगर में पाए जाने वाली अविशान भेड़ को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने रजिस्टर्ड नस्ल के रूप में स्वीकार कर लिया है। यह भेड़ एक बार में एक से अधिक मेमने पैदा करती है। इससे पशुपालकों को भेड़ पालन में अधिक लाभ मिलेगा।
News In Short
- अविशान भेड़ का पंजीकरण: केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान केंद्र अविकानगर की अविशान भेड़ को ICAR नई दिल्ली से रजिस्टर्ड नस्ल का प्रमाण पत्र मिला।
- विशेषता: अविशान भेड़ एक बार में एक से अधिक मेमने पैदा करती है, जिससे इसकी प्रजनन क्षमता अन्य नस्लों से कहीं अधिक है।
- सरकार का समर्थन: केंद्रीय कृषि मंत्री और ICAR के अधिकारियों ने प्रमाण पत्र का वितरण किया और इस परियोजना को और बढ़ावा देने की बात की।
- किसानों के लिए लाभ: इस भेड़ की नस्ल से किसानों को बेहतर ऊन उत्पादन होने की उम्मीद है।
- भविष्य की परियोजनाएं: अविशान भेड़ को पूरे देश में प्रचारित करने और किसानों तक पहुंचाने के लिए विस्तृत परियोजना की योजना बनाई जाएगी।
News In Detail
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अविशान भेड़ का पंजीकरण भारतीय कृषि अनुसंधान में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके चलते किसानों को अधिक ऊन उत्पादन और बेहतर लाभ की संभावना मिल सकेगी। इसके अलावा इस नस्ल को और बेहतर बनाने के लिए लगातार शोध और विकास जारी रहेगा।
सम्मान समारोह में मिला प्रमाण पत्र
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अविशान भेड़ का महत्व
किसानों को मिलेगा लाभ
परियोजना लाने की योजना
संगठन और वैज्ञानिक टीम का योगदान
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यह पहल किसानों को अधिक उत्पादकता के साथ-साथ भेड़ पालन की दिशा में एक नई उम्मीद और अवसर प्रदान करेगी। अविशान भेड़ की विशेषता यह है कि एक बार में एक से अधिक मेमने पैदा करने की क्षमता ही इसे अन्य नस्लों से कहीं अधिक लाभकारी बनाती है।
इस भेड़ की नस्ल का प्रचार-प्रसार और इसके विकास के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयास समाज और कृषि के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
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