धूम्रपान की लत पर आयुर्वेद का नया फॉर्मूला, अब मुक्ति मिलेगी सिगरेट की आदत से

Purshottam Kumar Joshi | Feb 23, 2026, 13:47 IST
Share
nia ayur
Photograph: (the sootr)

एनआईए ने धुम्रपान छुड़वाने के लिए फॉर्मूला तैयार किया है। आयुर्वेद वैज्ञानिकों ने इस फॉर्मूले को 'देवदार्वादि धूम्र' नाम दिया है। दावा किया है कि यह शरीर से निकोटीन की लत को जड़ से मिटाता है।

News in Short

  • एनआईए ने धुम्रपान छुड़वाने के लिए तैयार किया फॉर्मूला।
  • इस फॉर्मूले को 'देवदार्वादि धूम्र' नाम दिया गया है।
  • दावा है कि यह शरीर से निकोटीन की लत को मिटाता है।
  • ​इस फॉर्मूले को एनआईए के अगद तंत्र विभाग ने दिया अंजाम।
  • करीब 2 साल के गहन शोध के बाद तैयार हुआ फॉर्मूला।

News in Detail

राजस्थान के जयपुर में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) के वैज्ञानिकों ने कड़ी रिसर्च के बाद एक ऐसा फॉर्मूला ईजाद किया है, जो धुम्रपान छुड़वाने में मददगार साबित हो सकता है। जयपुर के आयुर्वेद वैज्ञानिकों ने इस फॉर्मूले को 'देवदार्वादि धूम्र' नाम दिया है। अच्छी बात यह है कि यह दिखने में बिल्कुल एक साधारण सिगरेट जैसी है, लेकिन इसका काम जहर फैलाना नहीं, बल्कि शरीर से निकोटीन की लत को जड़ से मिटाना है।

​सालों की मेहनत और सफल ट्रायल​

इस शोध को एनआईए के अगद तंत्र विभाग ने अंजाम दिया है। विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. अनिता शर्मा के निर्देशन में डॉ. शुभांगी शर्मा और उनकी टीम ने करीब 2 साल तक गहन शोध किया।
टीम ने उन जड़ी-बूटियों का चयन किया जो न केवल फेफड़ों को शुद्ध करती हैं, बल्कि मस्तिष्क में होने वाली निकोटीन की तलब को भी शांत करती हैं। डॉ. अनिता का दावा है कि हमने लगभग 60 मरीजों पर इसका क्लिनिकल ट्रायल किया है। परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं। जिन लोगों के लिए सिगरेट छोड़ना नामुमकिन लग रहा था, उन्हें इस आयुर्वेदिक विकल्प से काफी मदद मिली है।

​क्या है 'देवदार्वादि धूम्र' की खासियत?​

शोध टीम के अनुसार अक्सर लोग जब सिगरेट छोड़ने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें 'विड्रॉल सिम्टम्स' यानी बेचैनी, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 'देवदार्वादि धूम्र' इसी मनोवैज्ञानिक और शारीरिक कमी को पूरा करता है:

​लुक और फील: यह पूरी तरह सिगरेट की तरह दिखता है, जिससे पीने वाले को मानसिक संतुष्टि मिलती है।

​पूरी तरह हर्बल: इसमें तंबाकू या निकोटीन का अंश मात्र भी नहीं है। इसमें केवल औषधीय जड़ी-बूटियों का मिश्रण है।

​फेफड़ों के लिए सुरक्षित: इसका धुआं हानिकारक रसायनों से मुक्त है और आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों पर आधारित है।

​पेटेंट की तैयारी: संस्थान अब इस जादुई फॉर्मूले को पेटेंट कराने की प्रक्रिया में है, जिसके बाद इसे आम जनता के लिए बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा।

​आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान का संगम​

संस्थान के निदेशक प्रो. संजीव शर्मा ने बताया कि एनआईए 50 साल से आयुर्वेद के क्षेत्र में अनुसंधान कर रहा है।'देवदार्वादि धूम्र' का ट्रायल सफल रहा है। यह नवाचार आयुर्वेद की प्राचीन पद्धति को आधुनिक जरूरत के साथ जोड़ने का एक बड़ा उदाहरण है। यह न केवल स्वास्थ्य सुधारेगा, बल्कि सिगरेट पर होने वाले फिजूल खर्च को भी रोकेगा।

Weather Update: राजस्थान में बढ़ेगी गर्मी, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज, जानें

Tags:
  • राजस्थान
  • जयपुर
  • एनआईए
  • सिगरेट
  • आयुर्वेद
  • राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान
  • देवदार्वादि धूम्र
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच