राजस्थान में बढ़ा बाघों का कुनबा, मध्य प्रदेश से लाया गया एक और बाघ

राजस्थान के मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में नया बाघ आया है । इसे मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ से लाया गया है। 28 फरवरी को बाघिन को नए स्थान पर भेजा गया, यह दूसरा 'इंटर-स्टेट ट्रांसलोकेशन' है।

author-image
Ashish Bhardwaj
New Update
mukandpura

Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • मध्य प्रदेश बांधवगढ़ से एक युवा बाघिन को मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया।
  •  28 फरवरी को बाघिन को नए स्थान पर भेजा गया, यह दूसरा 'इंटर-स्टेट ट्रांसलोकेशन' है।
  • बाघों में संख्या बढ़ कर हुई 7, जिसमें 2 नर, 4 मादा और एक बच्चा शामिल हैं।
  •  शिफ्टिंग से पहले बाघिन का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
  • बाघों के संतुलन और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी।

News In Detail

राजस्थान में बाघों के कुनबे को बढ़ाने की दिशा में एक और अध्याय जुड़ गया। मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से साढ़े तीन साल की एक युवा बाघिन को  कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया है। यह मध्यप्रदेश से राजस्थान के बीच दूसरा सफल 'इंटर-स्टेट टाइगर ट्रांसलोकेशन' है। इससे पहले पेंच टाइगर रिजर्व से एक बाघिन को बूंदी के रामगढ़ विषधारी अभयारण्य में लाया गया था। 

चुनौतीपूर्ण कदम था बाघिन को शिफ्ट करना 

बाघिन को शिफ्ट करने की प्रक्रिया जितनी रोमांचक थी उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी थी। 27 फरवरी की दोपहर को बांधवगढ़ के पनपथा बफर जोन में अनुभवी ट्रैकर्स, हाथियों के दस्ते और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम ने बाघिन को घेरा और सुरक्षित तरीके से बेहोश किया। मुकुंदरा हिल्स के क्षेत्र निदेशक सुगना राम जाट के अनुसार बेहोशी के बाद बाघिन का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। जैविक नमूने लिए गए और उसकी हर हलचल पर नजर रखने के लिए एक 'रेडियो कॉलर' लगाया गया। इसके बाद विशेषज्ञों की निगरानी में एक सुरक्षित ट्रांसपोर्ट क्रेट के जरिए राजस्थान के लिए रवाना हुआ।

नए घर में बाघिन को बैठना होगा तालमेल 

राजस्थान पहुंचने के बाद बाघिन को मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की झामरा घाटी स्थित एक हेक्टेयर के 'सॉफ्ट रिलीज एनक्लोजर' में छोड़ा गया है। यहां वह सीधे जंगल में जाने से पहले नए माहौल के साथ तालमेल बैठाएगी। एनटीसीए (NTCA) के नियमों के तहत विशेषज्ञों की एक समर्पित टीम 24×7 इस बाघिन के व्यवहार, स्वास्थ्य और उसके खान-पान की निगरानी करेगी। जब डॉक्टर और जीवविज्ञानी पूरी तरह संतुष्ट हो जाएंगे कि बाघिन नए घर में ढल चुकी है, तब उसे मुकुंदरा के खुले और प्राकृतिक आवास में मुक्त कर दिया जाएगा।

मुकुंदरा हिल्स में बाघों की संख्या में वृद्धि 

 राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (MHTR) में अब कुल 7 बाघ (2 नर, 4 मादा और 1 शावक/बच्चा) हो गए हैं। हाल ही में रणथंभौर से टी-2408 नामक नर बाघ को स्थानांतरित किया गया था।

बाघों को क्यों किया जाता है स्थानांतरित

बाघों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित मुख्य रूप से उनके संरक्षण, आबादी के संतुलन और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए किया जाता है। यह प्रक्रिया जंगली बाघों की संख्या बढ़ाने, नए क्षेत्रों में बाघों को बसाने या बीमार/समस्याग्रस्त बाघों को चिकित्सा के लिए सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने हेतु की जाती है, जिसमें अक्सर बेहोश करने जैसी तकनीकों का उपयोग होता है।

ये भी पढे़:-

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में शुष्क मौसम, बढ़ी गर्मी!

कूनो नेशनल पार्क का चीता भटक कर राजस्थान आया, तीन दिन से नहीं किया हैं कोई शिकार

राजस्थान में आज उद्योगपतियों से मिलेंगे सीएम मोहन यादव, छत्तीसगढ़ का दौरा भी करेंगे

भाजपा विधायक कालीचरण सर्राफ बोले, महंगी बिजली के कारण राजस्थान में नहीं हो रहा निवेश

एनटीसीए बाघ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व मुकुंदरा टाइगर रिजर्व राजस्थान
Advertisment