खत्म हुआ पूर्व राज परिवार का पारिवारिक कलह!, प्रॉपर्टी को लेकर चल रहा था विवाद

Ashish Bhardwaj | Feb 10, 2026, 15:18 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में भरतपुर के पूर्व राजघराने के विश्वेंद्र सिंह और उनके पुत्र अनिरूद्ध सिंह के बीच सुलह हो गई है। यह विवाद उनके बीच पारिवारिक प्रॉपर्टी को लेकर चल रहा था।

News In Short

  • भरतपुर के पूर्व राजघराने में पिता-पुत्र के बीच 5 साल बाद सुलह हो गई।
  • पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह और उनके बेटे अनिरूद्ध सिंह ने जवाहर रिसोर्ट में मुलाकात की।
  • पारिवारिक प्रॉपर्टी को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
  • विश्वेंद्र सिंह ने 13 फरवरी को मोती महल में रियासतकालीन झंडा लगाने की धमकी दी थी।
  • अनिरूद्ध सिंह ने मोती महल में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद मामला और बढ़ गया था।

News In Detail

भरतपुर के पूर्व राजघराने से एक सुखद खबर आई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह और उनके पुत्र अनिरूद्ध सिंह के बीच 5 साल बाद सुलह हो गई है। मंगलवार को जवाहर रिसोर्ट में पिता-पुत्र की मुलाकात हुई।



सोशल मीडिया पर पोस्ट

विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे के साथ एक फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि, “आज बहुत दिनों बाद मेरे बेटे अनिरूद्ध सिंह से सुखद मुलाकात हुई।” विश्वेंद्र सिंह ने हाल ही में मोती महल में स्थापित एक तोप के साथ अपनी फोटो पोस्ट की थी। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा था कि पिछले 5 साल से चल रहा पारिवारिक विवाद अब खत्म हो चुका है।



राजपरिवार के विवाद का इतिहास

पूर्व राजपरिवार में प्रॉपर्टी विवाद



राजस्थान के पूर्व राज परिवार में प्रॉपर्टी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह, उनकी पत्नी दिव्या सिंह, और बेटे अनिरूद्ध सिंह के बीच यह विवाद गहराता चला गया। अगस्त 2025 में मोती महल से रियासत का झंडा हटाने को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। इसके बाद 21 सितंबर 2025 को एक महापंचायत भी प्रस्तावित की गई थी।



राष्ट्रीय ध्वज और रियासत का झंडा



इस दौरान, अनिरूद्ध सिंह ने मोती महल में राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया, जबकि विश्वेंद्र सिंह ने इस पर विरोध जताते हुए महापंचायत को स्थगित कर दिया। अगले दिन रात को मनुदेव सिनसिनी नामक जाट नेता ने गाड़ी से महल का गेट तोड़कर रियासतकालीन झंडा फिर से फहरा दिया। इसके बाद, अनिरूद्ध सिंह ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।



कानूनी विवाद और परिवार में तनाव

भरण पोषण का मामला



इसके अलावा, विश्वेंद्र सिंह ने भरण पोषण अधिनियम के तहत अपनी पत्नी और बेटे के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी और बेटे ने उनकी स्वीकृति के बिना उनके लॉकर से करोड़ों रुपये के आभूषण निकाल लिए थे।



प्रॉपर्टी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप



पत्नी और बेटे ने भी प्रॉपर्टी को लेकर कई आरोप लगाए हैं। हालांकि, अब परिवार के भीतर सुलह हो चुकी है, जिससे पूर्व राजपरिवार के भीतर तनाव का माहौल कुछ हद तक शांत हुआ है।



खुशहाल परिवार और उम्मीदें



पिछले कुछ दिनों से सुलह के संकेत मिल रहे थे और अब यह प्रतीत हो रहा है कि परिवार में फिर से रिश्तों का संतुलन वापस आ गया है। यह सुलह निश्चित तौर पर भरतपुर के पूर्व राजघराने के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत साबित हो सकती है।



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